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जवाहर सैनी और काला सैनी के समर्थन में पार्षद तो ईओ के साथ आए कर्मचारी

Wed, 22 Jul 2020 12:21 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jul 2020 12:21 AM IST
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Councilors came with EO in support of Jawahar Saini and Kala Saini
कार्यकारी अधिकारी के समर्थन में नारेबाजी करते नगर परिषद के कर्मचारी। - फोटो : Jind
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी डॉ. एसके चौहान और चेयरपर्सन के पति जवाहर सैनी और पार्षद काला सैनी के बीच हुआ विवाद सुलझने की बजाय और अधिक उलझ गया है। अब पार्षद जवाहर सैनी व काला सैनी के समर्थन में लामबंद हो गए हैं तो नगर परिषद के कर्मचारी कार्यकारी अधिकारी के समर्थन में एकजुट हो गए हैं।
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पार्षदों ने मंगलवार को डीसी डॉ. आदित्य दहिया को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर कार्यकारी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। पार्षदों ने कहा कि कार्रवाई नहीं होने पर वे सामूहिक रूप से इस्तीफा देंगे। दूसरी तरफ नगर परिषद के कर्मचारियों ने भी साफ कह दिया है कि जवाहर सैनी व काला सैनी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो बुधवार दो बजे के बाद वे आंदोलन की रूपरेखा तय करेंगे। ऐसे में अब बुधवार का दिन इस विवाद को लेकर महत्वपूर्ण हो गया है।
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जानकारी के लिए 17 जुलाई को नगर परिषद के कार्यालय में कार्यकारी अधिकारी और चेयरपर्सन पूनम सैनी के पति और पार्षद काला सैनी के बीच विवाद हो गया था। इसमें कार्यकारी अधिकारी डॉ. एसके चौहान ने दोनों पर धमकी देने व रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था। इसकी शिकायत पुलिस में दी गई है, जिसकी जांच चल रही है। हालांकि पुलिस को इस मामले में सुलह का इंतजार है, लेकिन विवाद बढ़ता जा रहा है।
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21 पार्षदों का समर्थन
मंगलवार को डीसी डॉ. आदित्य दहिया से मिलने के लिए पहुंचे जवाहर सैनी व पार्षद राकेश चुघ ने कहा कि 21 पार्षदों ने हस्ताक्षर कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से कार्यकारी अधिकारी के व्यवहार को देखते हुए उन्हें निलंबित करने की मांग की गई है। राकेश चुघ ने कहा कि यह मामला अब मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। ऐसे में यदि कार्यकारी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो सभी पार्षद सामूहिक रूप से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कहा कि कार्यकारी अधिकारी अपने कार्यालय में पार्षदों को अपमानित करते हैं। अब वे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की शर्त रखकर फिर से अपमानित करना चाहते हैं। यह किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पूरे विवाद में एक नेता चर्चित
इस पूरे विवाद में जींद के नेता की भी चर्चा चल रही है। इस पूरे विवाद के पीछे उन्हीं का हाथ बताया जा रहा है। नगर परिषद में चर्चा है कि नेताजी अब बालकनी में बैठकर पूरी फिल्म देख रहे हैं।

सरकार पर पूरा भरोसा
मेरे साथ कार्यालय में जो कुछ हुआ है उसके कई लोग साक्षी हैं। सीसीटीवी कैमरे में सबकुछ रिकार्ड है। मुझे धमकी दी गई और गलत काम करने के लिए दबाव बनाया गया। तबादला नौकरी का एक हिस्सा है, लेकिन मुझे सरकार पर पूरा विश्वास है कि मेरे साथ हुई ज्यादती को भी ध्यान में रखा जाएगा। कर्मचारियों की तरफ से हड़ताल पर जाने का नोटिस मिला है। यह कर्मचारियों का फैसला है और इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।
डॉ. एसके चौहान, कार्यकारी अधिकारी, जींद नगर परिषद।
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