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Jind News: इस वर्ष कपास की आवक 57 प्रतिशत हुई कम
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मंडी में आई कपास।
- फोटो : Jind
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उचाना। इस साल कपास की फसल की बिजाई, आवक कम होने का असर मंडी में आने वाली कपास की आवक पर पड़ा है। बीते साल की अपेक्षा इस बार कपास की आवक अब तक कम हुई।
मार्केट कमेटी में दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार 20 दिसंबर तक 20100 क्विंटल कपास मंडी में आ चुकी है। बीते साल अब तक 47322 क्विंटल कपास मंडी में आई थी। बीते साल से 57 प्रतिशत कम कपास की आवक इस बार मंडी में हुई है। 27222 क्विंटल कम कपास अब तक मंडी आई है। इस साल भाव 6700 व 7700 रुपये प्रति क्विंटल से 8300 रुपये प्रति क्विंटल तक किसानों को मिल रहे है। बीते साल अब तक 4400 व 7200 रुपये प्रति क्विंटल से 8600 रुपये प्रति क्विंटल तक के भाव किसानों को मिले थे।
कई वर्षों से उचाना में सीसीआई कपास की सरकारी खरीद करती है। दो साल से जो भाव कपास के किसानों को मिल रहे है। सीसीआई द्वारा तय किए गए भावों से अधिक है। ऐसे में सरकारी खरीद पर कपास किसान नहीं बेच रहे हैं। कपास की आवक बेशक कम हुई, लेकिन भाव प्राइवेट बोली पर किसानों को सरकारी भाव से अधिक मिल रहे हैं। किसान सूरजमल, राजा, जगबीर ने कहा कि इस बार कपास की बिजाई, आवक कम प्रति एकड़ हो रही है। प्राइवेट बोली पर किसानों को भाव सरकारी खरीद के जो है उससे अधिक मिल रहे है। बीते साल भी सरकारी खरीद पर फसल नहीं बिकी थी इस साल भी भाव सरकारी खरीद से अधिक है। मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र कुंडू ने बताया कि सरकारी भाव से अधिक प्राइवेट खरीद पर किसानों को भाव मिल रहे है। बीते साल से कम आवक इस बार मंडी में हुई है।
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मार्केट कमेटी में दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार 20 दिसंबर तक 20100 क्विंटल कपास मंडी में आ चुकी है। बीते साल अब तक 47322 क्विंटल कपास मंडी में आई थी। बीते साल से 57 प्रतिशत कम कपास की आवक इस बार मंडी में हुई है। 27222 क्विंटल कम कपास अब तक मंडी आई है। इस साल भाव 6700 व 7700 रुपये प्रति क्विंटल से 8300 रुपये प्रति क्विंटल तक किसानों को मिल रहे है। बीते साल अब तक 4400 व 7200 रुपये प्रति क्विंटल से 8600 रुपये प्रति क्विंटल तक के भाव किसानों को मिले थे।
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कई वर्षों से उचाना में सीसीआई कपास की सरकारी खरीद करती है। दो साल से जो भाव कपास के किसानों को मिल रहे है। सीसीआई द्वारा तय किए गए भावों से अधिक है। ऐसे में सरकारी खरीद पर कपास किसान नहीं बेच रहे हैं। कपास की आवक बेशक कम हुई, लेकिन भाव प्राइवेट बोली पर किसानों को सरकारी भाव से अधिक मिल रहे हैं। किसान सूरजमल, राजा, जगबीर ने कहा कि इस बार कपास की बिजाई, आवक कम प्रति एकड़ हो रही है। प्राइवेट बोली पर किसानों को भाव सरकारी खरीद के जो है उससे अधिक मिल रहे है। बीते साल भी सरकारी खरीद पर फसल नहीं बिकी थी इस साल भी भाव सरकारी खरीद से अधिक है। मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र कुंडू ने बताया कि सरकारी भाव से अधिक प्राइवेट खरीद पर किसानों को भाव मिल रहे है। बीते साल से कम आवक इस बार मंडी में हुई है।
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