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बाल विवाह की रोकथाम में जिला प्रशासन का सहयोग करें : नगराधीश
Fri, 24 Feb 2023 12:52 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 24 Feb 2023 12:52 AM IST
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बाल विवाह को रोकने बारे अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते सीटीएम अमित कुमार। विज्ञप्ति
जींद। जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी की तरफ से वीरवार को बाल विवाह रोकथाम के लिए बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य, नगरपरिषद, बाल संरक्षण के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए नगराधीश अमित कुमार ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राय: 22 अप्रैल अक्षय तृतीया के दिन शुभ मुहूर्त मानकर शादियां करवाई जाती है, लेकिन कुछ लोग कम उम्र में लड़का-लड़की की शादी करके उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करते है। उन्होंने जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी जींद को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्राधिकार में होने वाले सामूहिक विवाह में वर-वधुओं की आयु के प्रमाण पत्र का अवलोकन करेंगे। किसी भी परिस्थिति में वर की आयु 21 वर्ष से कम तथा वधू की आयु 18 वर्ष से कम न हो। वर की आयु कम पाए जाने पर संबंधित अधिकारी बाल विवाह रोकने का प्रयास करेंगे, अन्यथा वैधानिक कार्रवाई करेंगे।
नगराधीश ने महिला एवं बाल विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि वे सभी आंगनबाड़ी सुपरवाइजर एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर बाल विवाह से लडक़ा एवं लडक़ी से भविष्य की बर्बादी होने संबंधी जानकारी ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जन तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। जिला बाल संरक्षण अधिकारी सुजाता ने बताया कि यदि किसी भी व्यक्ति को बाल विवाह होने संबंधी किसी भी प्रकार की जानकारी मिलती है तो वे महिला पुलिस थाना हैबतपुर रोड जींद में जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी जींद को सूचना दे सकते हंै। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे 22 अप्रैल अक्षय तृतीया से पूर्व जागरूकता शिविर लगाएं और आमजन को बाल विवाह न करने एवं इसके कुप्रभाव के बारे में बताने बारे निर्देश दिए। जिला के सभी मैरिज हॉल, सामुदायिक केंद्र, अस्पताल, पीएचसी सेंटर, सीएचसी सेंटर में बाल विवाह रोकने सम्बंधी फलेक्स भी चस्पा करवाएं ताकि लोगों को इस बारे में अधिकाधिक जानकारी मिल सके। उन्होंने निर्देश दिए कि वे उस दिन जिला में अलग-अलग टीमें गठित कर पूरे समय अपने कार्यक्षेत्र पर उपस्थित रहें एवं जैसे ही बाल विवाह की सूचना मिलती है वैसे ही तत्काल आवश्यक कार्रवाई करें।
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बच्चों और अभिभावकों को भी करें जागरूक
यदि उनके क्षेत्राधिकार में कोई बाल विवाह का प्रकरण पाया जाता है तो बाल विवाह करने वाले, बाल विवाह को प्रोत्साहित करने जैसे बाल विवाह में सम्मिलित बाराती, विवाह स्थल, टैंट, खाना बनाने वाले रसोईया, केटरर, काजी-पंडित तथा पत्रिका छापने वाले प्रिंटिंग प्रेस के मालिक के विरुद्ध भी बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के कार्रवाई की जाए। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्कूल छोड़ चुके बच्चों की जानकारी जुटाकर उन गांव में जाएं और उनके माता-पिता को बाल विवाह के बारे में जागरूक करें।
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए नगराधीश अमित कुमार ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राय: 22 अप्रैल अक्षय तृतीया के दिन शुभ मुहूर्त मानकर शादियां करवाई जाती है, लेकिन कुछ लोग कम उम्र में लड़का-लड़की की शादी करके उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करते है। उन्होंने जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी जींद को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्राधिकार में होने वाले सामूहिक विवाह में वर-वधुओं की आयु के प्रमाण पत्र का अवलोकन करेंगे। किसी भी परिस्थिति में वर की आयु 21 वर्ष से कम तथा वधू की आयु 18 वर्ष से कम न हो। वर की आयु कम पाए जाने पर संबंधित अधिकारी बाल विवाह रोकने का प्रयास करेंगे, अन्यथा वैधानिक कार्रवाई करेंगे।
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नगराधीश ने महिला एवं बाल विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि वे सभी आंगनबाड़ी सुपरवाइजर एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर बाल विवाह से लडक़ा एवं लडक़ी से भविष्य की बर्बादी होने संबंधी जानकारी ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जन तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। जिला बाल संरक्षण अधिकारी सुजाता ने बताया कि यदि किसी भी व्यक्ति को बाल विवाह होने संबंधी किसी भी प्रकार की जानकारी मिलती है तो वे महिला पुलिस थाना हैबतपुर रोड जींद में जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी जींद को सूचना दे सकते हंै। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे 22 अप्रैल अक्षय तृतीया से पूर्व जागरूकता शिविर लगाएं और आमजन को बाल विवाह न करने एवं इसके कुप्रभाव के बारे में बताने बारे निर्देश दिए। जिला के सभी मैरिज हॉल, सामुदायिक केंद्र, अस्पताल, पीएचसी सेंटर, सीएचसी सेंटर में बाल विवाह रोकने सम्बंधी फलेक्स भी चस्पा करवाएं ताकि लोगों को इस बारे में अधिकाधिक जानकारी मिल सके। उन्होंने निर्देश दिए कि वे उस दिन जिला में अलग-अलग टीमें गठित कर पूरे समय अपने कार्यक्षेत्र पर उपस्थित रहें एवं जैसे ही बाल विवाह की सूचना मिलती है वैसे ही तत्काल आवश्यक कार्रवाई करें।
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बच्चों और अभिभावकों को भी करें जागरूक
यदि उनके क्षेत्राधिकार में कोई बाल विवाह का प्रकरण पाया जाता है तो बाल विवाह करने वाले, बाल विवाह को प्रोत्साहित करने जैसे बाल विवाह में सम्मिलित बाराती, विवाह स्थल, टैंट, खाना बनाने वाले रसोईया, केटरर, काजी-पंडित तथा पत्रिका छापने वाले प्रिंटिंग प्रेस के मालिक के विरुद्ध भी बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के कार्रवाई की जाए। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्कूल छोड़ चुके बच्चों की जानकारी जुटाकर उन गांव में जाएं और उनके माता-पिता को बाल विवाह के बारे में जागरूक करें।