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Jind News: आढ़तियों-मजदूरों ने मंडी पर जड़े ताले, मंडी प्रधान और कर्मचारी के बीच हाथापाई

Fri, 08 May 2026 12:20 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 08 May 2026 12:20 AM IST
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Commission Agents and Laborers Lock Down Market; Scuffle Breaks Out Between Market President and Employee
लास्ट समाचार के लिए फोटो
नरवाना।
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कपास मंडी में वीरवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे गेहूं उठान की समस्या से परेशान आढ़तियों और मजदूरों ने मंडी के सभी गेटों पर ताले जड़ दिए। सुबह से ही मंडी में ट्रॉलियों और गेहूं के कट्टों की कतारें लगी रहीं लेकिन उठान के लिए वाहन नहीं पहुंचने से व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। मंडी प्रधान और कर्मचारी के बीच हाथापाई भी हुई।
आढ़तियों ने मंडी के मुख्य द्वार पर धरना शुरू कर एजेंसियों, ठेकेदारों और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने पर बैठे आढ़तियों ने आरोप लगाया कि कपास मंडी में कई दिनों से उठान व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। मेला मंडी और कपास मंडी की कुल 54 फर्में ऐसी हैं जहां एक दिन भी उठान के लिए गाड़ी नहीं भेजी गई।
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आरोप है कि बार-बार मांग करने के बावजूद ठेकेदार की ओर से वाहन उपलब्ध नहीं कराए जा रहे। गाड़ी भेजने के बदले प्रति कट्टा पांच रुपये की अतिरिक्त मांग की जा रही है जिससे आढ़तियों में भारी रोष है। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो नरवाना की तीनों मंडियों को बंद कर ताले जड़ दिए जाएंगे जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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धरने की सूचना मिलते ही मार्केट कमेटी और एजेंसियों के अधिकारी मौके पर पहुंचे। मंडी प्रधान जयदेव बंसल ने कहा कि प्रशासन को कई बार समस्या से अवगत कराया जा चुका है लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि मंडियों में राउंड सिस्टम तोड़कर मनमर्जी से उठान किया जा रहा है जबकि एसोसिएशन के पर्ची सिस्टम को नजरअंदाज किया जा रहा है।
आढ़तियों ने आरोप लगाया कि उठान ठेकेदार मनमानी कर रहा है। जिन फर्मों से अतिरिक्त पैसे दिए जा रहे हैं, वहां पहले गाड़ियां भेजी जा रही हैं जबकि बाकी फर्मों का गेहूं कई दिनों से मंडी में पड़ा है। व्यापारियों ने प्रशासन से निष्पक्ष व्यवस्था लागू करने की मांग की।
54 फर्मों की सूची अधिकारियों को सौंपी
हैफेड एजेंसी के एक कर्मचारी ने कहा कि मंडी प्रधान के पास तो गाड़ियां भेजी गई हैं। इस बात पर आढ़ती भड़क गए। मंडी प्रधान और कर्मचारी के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। मार्केट कमेटी चेयरमैन ने आश्वासन दिया कि जिन फर्मों के पास उठान नहीं हुआ है, उनकी सूची लेकर प्राथमिकता के आधार पर गाड़ियां भेजी जाएंगी। इसके बाद आढ़तियों ने 54 फर्मों की सूची अधिकारियों को सौंप दी।
ढंग से काम नहीं करने पर तबादले की चेतावनी

चेयरमैन ने मौके पर मौजूद हैफेड कर्मचारी को फटकार लगाते हुए कहा कि वह सही ढंग से काम करे, नहीं तो तबादला करवा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त पैसों के चक्कर में व्यवस्था खराब नहीं होने दी जाएगी और सभी शिकायतों की जांच कराई जाएगी।

वर्जन

मंडी में पहले पर्ची सिस्टम के तहत क्रमवार उठान होता था जिससे किसी आढ़ती को परेशानी नहीं होती थी। अब राउंड सिस्टम तोड़कर चयनित फर्मों से उठान किया जा रहा है। प्रशासन से एसोसिएशन के नियमों के अनुसार उठान व्यवस्था लागू करने की मांग की। –जयदेव बंसल, प्रधान, मंडी एसोसिएशन।


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