{"_id":"5d30bf988ebc3e6cbb2a54e6","slug":"comited-suicide-jind-news-rtk5056739171","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या के आरोपी ने डीएसपी कार्यालय के बाहर निगला जहरीला पदार्थ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्या के आरोपी ने डीएसपी कार्यालय के बाहर निगला जहरीला पदार्थ
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लघु सचिवालय स्थित डीएसपी कार्यालय के बाहर वीरवार शाम करीब साढ़े पांच बजे हत्या और एससी-एससी एक्ट के केस में शामिल व्यक्ति ने जहरीले पदार्थ निगल लिया। डीएसपी कार्यालय में दोनों पक्षों को जांच के लिए बुलाया गया था। आरोप है कि इसमें जब पुलिस ने हकीकत पर किसी तरह का दबाव डालने की कोशिश की तो गांव साहनपुर निवासी हकीकत ने पुलिस व शिकायतकर्ता पक्ष से परेशान होकर पंचायत के सामने जहरील पदार्थ निगल लिया। इसी समय डीएसपी कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। पंचायत में शामिल ग्रामीणों द्वारा हकीकत को तुरंत सफीदों के नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां डॉक्टरों ने हकीकत को प्राथमिक उपचार के बाद खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, परंतु परिजनों ने हकीकत को सफीदों के ही एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया है।
छह माह बाद हत्या का पुलिस ने किया था मामला दर्ज
पुलिस के अनुसार गांव साहनुपर निवासी कुलदीप हकीकत के पास खेती का काम करता था। गांव निम्राबाद के तालाब के पास 22 जनवरी 2019 को उसका शव पड़ा मिला था। सफीदों के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम भी करवाया गया था। दोनों पक्षों की सहमति से पुलिस ने सामान्य कार्रवाई करते शव को परिजनों को सौंप दिया था। कुलदीप के पिता सूरजभान के अनुसार उन्हें बाद में पता चला कि उनके ही गांव के हकीकत और तेजबीर ने उसके बेटे कुलदीप के नाम से दो कंबाइन, एक ट्रैक्टर, दो बाइक व एक स्कूटी लोन पर ली है। उन्हें शक है कि उसके बेटे कुलदीप की हत्या कर उसको मौत दिखाई गई, ताकि वह लोन माफ हो सके। पुलिस ने सूरजभान की शिकायत पर 26 जून को गांव साहनपुर निवासी हकीकत, उसके भाई तेजबीर व रोहताश व रमेश के खिलाफ हत्या व एससी-एससी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। सूरजभान के अनुसार उसका बेटा घरों को पेंट करने का काम करता था। 22 जनवरी को वह गांव में ही काम कर रहा था, तभी उसे संदेश मिला कि हकीकत ने उसे बुलाया है। इसके बाद उसे फोन करते रहे तो कुलदीप काम बाकी होने की बात कहता रहा। सुबह सूचना मिली की कुलदीप का शव निम्नाबाद गांव में पड़ा है। साथ ही सूरजभान का आरोप था कि अस्पताल से उसके बेटे का मृत्यु प्रमाण-पत्र लेकर तमाम लोन भी माफ करवा लिया गया है।
पीड़ित हकीकत के भाई तेजबीर ने बताया कि कुलदीप हकीकत के पास खेती का करता था। कुलदीप का बीपीएल कार्ड होने पर लोन लिया गया था, ताकि कुछ छूट मिल सके। लोन नवंबर 2018 में लिया गया था, तब से लेकर वह आज तक सभी किस्तें भरते आ रहे हैं। इसमें से करीब 24 लाख रुपये वे भर चुके हैं, लेकिन कुलदीप के परिजन यह चाहते हैं कि उसके नाम जो दो कंबाइन, एक ट्रैक्टर व तीन बाइक ली गई हैं, वह उन्हें दी जाएं। पुलिस द्वारा भी हकीकत पर इस बात के लिए बार-बार दबाव बनाया जा रहा था कि यह सभी कुलदीप के परिजनों को दी जाएं या फिर पैसे दिए जाएं। तेजबीर ने बताया कि पुलिस ने उन पर हत्या व एससी-एससी एक्ट का मुकदमा भी झूठा दर्ज किया हुआ है। सिविल अस्पताल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार कुलदीप की मौत हार्ट अटैक से हुई एवं मधुबन रिपोर्ट के अनुसार नॉरमल मौत होने की रिपोर्ट उनके पास है।
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इस मामले में डीएसपी परमजीत समोता से बात की गई तो उन्होंने कहा कि कुलदीप के पिता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करके जांच की जा रही थी। जांच में पूछताछ करने के लिए आरोपी पक्ष को बुलाया गया था, लेकिन वह पहले से ही प्लानिंग करके आया हुआ था। उन्होंने हकीकत पर किसी भी प्रकार का दबाव नहीं डाला। वह कार्यालय से ठीक बाहर निकला था। पुलिस पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। जो लोन कुलदीप के नाम से लिया हुआ है, पुलिस उस सामान को कब्जे में लेने के लिए छत्तीसगढ़ से मंगवा रही थी।
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छह माह बाद हत्या का पुलिस ने किया था मामला दर्ज
पुलिस के अनुसार गांव साहनुपर निवासी कुलदीप हकीकत के पास खेती का काम करता था। गांव निम्राबाद के तालाब के पास 22 जनवरी 2019 को उसका शव पड़ा मिला था। सफीदों के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम भी करवाया गया था। दोनों पक्षों की सहमति से पुलिस ने सामान्य कार्रवाई करते शव को परिजनों को सौंप दिया था। कुलदीप के पिता सूरजभान के अनुसार उन्हें बाद में पता चला कि उनके ही गांव के हकीकत और तेजबीर ने उसके बेटे कुलदीप के नाम से दो कंबाइन, एक ट्रैक्टर, दो बाइक व एक स्कूटी लोन पर ली है। उन्हें शक है कि उसके बेटे कुलदीप की हत्या कर उसको मौत दिखाई गई, ताकि वह लोन माफ हो सके। पुलिस ने सूरजभान की शिकायत पर 26 जून को गांव साहनपुर निवासी हकीकत, उसके भाई तेजबीर व रोहताश व रमेश के खिलाफ हत्या व एससी-एससी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। सूरजभान के अनुसार उसका बेटा घरों को पेंट करने का काम करता था। 22 जनवरी को वह गांव में ही काम कर रहा था, तभी उसे संदेश मिला कि हकीकत ने उसे बुलाया है। इसके बाद उसे फोन करते रहे तो कुलदीप काम बाकी होने की बात कहता रहा। सुबह सूचना मिली की कुलदीप का शव निम्नाबाद गांव में पड़ा है। साथ ही सूरजभान का आरोप था कि अस्पताल से उसके बेटे का मृत्यु प्रमाण-पत्र लेकर तमाम लोन भी माफ करवा लिया गया है।
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पीड़ित हकीकत के भाई तेजबीर ने बताया कि कुलदीप हकीकत के पास खेती का करता था। कुलदीप का बीपीएल कार्ड होने पर लोन लिया गया था, ताकि कुछ छूट मिल सके। लोन नवंबर 2018 में लिया गया था, तब से लेकर वह आज तक सभी किस्तें भरते आ रहे हैं। इसमें से करीब 24 लाख रुपये वे भर चुके हैं, लेकिन कुलदीप के परिजन यह चाहते हैं कि उसके नाम जो दो कंबाइन, एक ट्रैक्टर व तीन बाइक ली गई हैं, वह उन्हें दी जाएं। पुलिस द्वारा भी हकीकत पर इस बात के लिए बार-बार दबाव बनाया जा रहा था कि यह सभी कुलदीप के परिजनों को दी जाएं या फिर पैसे दिए जाएं। तेजबीर ने बताया कि पुलिस ने उन पर हत्या व एससी-एससी एक्ट का मुकदमा भी झूठा दर्ज किया हुआ है। सिविल अस्पताल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार कुलदीप की मौत हार्ट अटैक से हुई एवं मधुबन रिपोर्ट के अनुसार नॉरमल मौत होने की रिपोर्ट उनके पास है।
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इस मामले में डीएसपी परमजीत समोता से बात की गई तो उन्होंने कहा कि कुलदीप के पिता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करके जांच की जा रही थी। जांच में पूछताछ करने के लिए आरोपी पक्ष को बुलाया गया था, लेकिन वह पहले से ही प्लानिंग करके आया हुआ था। उन्होंने हकीकत पर किसी भी प्रकार का दबाव नहीं डाला। वह कार्यालय से ठीक बाहर निकला था। पुलिस पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। जो लोन कुलदीप के नाम से लिया हुआ है, पुलिस उस सामान को कब्जे में लेने के लिए छत्तीसगढ़ से मंगवा रही थी।