{"_id":"6596fe4bddfc07d012083754","slug":"cold-is-breaking-records-temperature-reaches-4-degrees-jind-news-c-199-1-sroh1007-11216-2024-01-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: ठंड तोड़ रही रिकॉर्ड, तापमान 4 डिग्री पहुंचा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: ठंड तोड़ रही रिकॉर्ड, तापमान 4 डिग्री पहुंचा
Fri, 05 Jan 2024 12:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 05 Jan 2024 12:22 AM IST
विज्ञापन
04जेएनडी18 : ठंड के कारण अलाव सेकते कॉलेज के विद्यार्थी। संवाद
जींद। जिले में लगातार गिरते तापमान से डॉक्टरों ने मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लगातार पड़ रही ठंड के कारण पानी जमने के आसपास तापमान पहुंच गया है।
चिकित्सकों के अनुसार यह ठंड बुजुर्गों व बच्चों के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकती है, इसलिए सावधानी बरतने की जरूरत है। वीरवार को अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वीरवार सुबह पांच बजे के आसपास घना कोहरा छाया रहा। धीरे-धीरे हवा की गति बढ़ती गई और कोहरा छंटने लगा। सुबह आठ बजे कोहरे के कारण दृश्यता दस मीटर के आसपास रही। इससे वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। धीरे-धीरे हवा की गति बढ़ने से शीतलहर चल रही। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और धूप नहीं निकली। दोपहर 12 बजे के बाद फिर से कोहरा छाने लगा और शाम को छह बजे फिर से अंधकार छा गया। तापमान चार डिग्री पहुंचने से दिनभर लोग ठिठुरते दिखाई दिए। पिछले एक सप्ताह से लगातार ठंड पड़ने के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। पिछले एक सप्ताह से धूप नहीं निकलने के कारण फसलों खासकर सब्जी की फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। बुधवार को कुछ देर के लिए धूप निकली थी, उसी से ठंड से कुछ राहत भी मिली थी। मौसम विभाग के अनुसार अभी ठंड से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।
बच्चों व बुजुर्गों को बचाकर रखने की जरूरत
नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने कहा कि कड़ाके की ठंड में बुजुर्गों व बच्चों को बचाने की विशेष जरूरत है। ठंड के कारण बुजुर्गों को हार्ट अटैक की समस्या भी हो सकती है। रात को सोते समय अचानक एकदम चारपाई से नहीं उठना चाहिए। ठंड के कारण रक्त का बहाव कम हो जाता है। इससे ज्यादा पेशानी की समस्या हो सकती है। बुजुर्गों को ज्यादा ठंड लगती है। यदि जरूरत नहीं हो तो बुजुर्गों को बाहर नहीं निकलना चाहिए। वहीं बच्चों को वैसे तो ठंड कम लगती है लेकिन वह चंचल स्वभाव के कारण इधर-उधर ज्यादा भटकते रहते हैं। इसलिए बच्चों को गर्म कपड़े पहनाने के बाद ही बाहर निकालना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
चिकित्सकों के अनुसार यह ठंड बुजुर्गों व बच्चों के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकती है, इसलिए सावधानी बरतने की जरूरत है। वीरवार को अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वीरवार सुबह पांच बजे के आसपास घना कोहरा छाया रहा। धीरे-धीरे हवा की गति बढ़ती गई और कोहरा छंटने लगा। सुबह आठ बजे कोहरे के कारण दृश्यता दस मीटर के आसपास रही। इससे वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। धीरे-धीरे हवा की गति बढ़ने से शीतलहर चल रही। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और धूप नहीं निकली। दोपहर 12 बजे के बाद फिर से कोहरा छाने लगा और शाम को छह बजे फिर से अंधकार छा गया। तापमान चार डिग्री पहुंचने से दिनभर लोग ठिठुरते दिखाई दिए। पिछले एक सप्ताह से लगातार ठंड पड़ने के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। पिछले एक सप्ताह से धूप नहीं निकलने के कारण फसलों खासकर सब्जी की फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। बुधवार को कुछ देर के लिए धूप निकली थी, उसी से ठंड से कुछ राहत भी मिली थी। मौसम विभाग के अनुसार अभी ठंड से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।
विज्ञापन
बच्चों व बुजुर्गों को बचाकर रखने की जरूरत
नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने कहा कि कड़ाके की ठंड में बुजुर्गों व बच्चों को बचाने की विशेष जरूरत है। ठंड के कारण बुजुर्गों को हार्ट अटैक की समस्या भी हो सकती है। रात को सोते समय अचानक एकदम चारपाई से नहीं उठना चाहिए। ठंड के कारण रक्त का बहाव कम हो जाता है। इससे ज्यादा पेशानी की समस्या हो सकती है। बुजुर्गों को ज्यादा ठंड लगती है। यदि जरूरत नहीं हो तो बुजुर्गों को बाहर नहीं निकलना चाहिए। वहीं बच्चों को वैसे तो ठंड कम लगती है लेकिन वह चंचल स्वभाव के कारण इधर-उधर ज्यादा भटकते रहते हैं। इसलिए बच्चों को गर्म कपड़े पहनाने के बाद ही बाहर निकालना चाहिए।
विज्ञापन