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मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने बिना एनओसी संचालित हो रही दो फैक्टरियों पर की कार्रवाई
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अवैध रूप से संचालित हो रही फैक्टरियों की जांच करते मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के सदस्य। संवाद
- फोटो : Jind
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भिवानी रोड पर सीएम उड़नदस्ते ने सोमवार को आश्रम बस्ती में छापा मारकर कर पर्यावरण बोर्ड तथा अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के संचालित हो रही साबुन तथा वाशिंग पाउडर फैक्टरी में निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम के साथ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व अग्निशमन विभाग की टीम भी मौजूद रहीं। दोनों फैक्टरियों पर कार्रवाई करते हुए मालिकों को नोटिस जारी किए।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को शिकायत मिली थी कि आश्रम बस्ती स्थित केमिकल फैक्टरी में साबुन तथा उसके साथ लगती फैक्टरी में वाशिंग पाउडर तैयार किया जा रहा है। दोनों फैक्टरियों में बिना एनओसी के उंत्पादन होता मिला। अहम बात ये है कि दोनों फैक्टरी पिछले तीन दशकों से आवासीय इलाके में संचालित हो रही है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के निरीक्षक राजदीप के नेतृत्व में टीम की कार्रवाई में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मनीष यादव तथा फायर ब्रिगेड आफिसर सुनील कुमार शामिल हुए। शांति केमिकल में 80 टन साबुन पाया गया, जबकि बाबा बालकनाथ में 25 टन वाशिंग पाउडर पाया गया।
शांति केमिकल को गांधी नगर निवासी विजेंद्र चला रहे है, जबकि बाबा बालकनाथ वाशिंग पाउडर फैक्टरी को गांधी नगर निवासी अनिता चला रही है। दोनों फैक्टरी मालिकों को नोटिस जारी किए गए है। जिसके बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के डीएसपी रविंद्र ने बताया कि आबादी के बीच दोनों फैक्टरी चल रही है। जिन्होंने न तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और न ही फायर विभाग से एनओसी ली थी। दोनों फैक्टिरी संचालकों को नोटिस दे दिया गया है। जांच पूरी होने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
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उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को शिकायत मिली थी कि आश्रम बस्ती स्थित केमिकल फैक्टरी में साबुन तथा उसके साथ लगती फैक्टरी में वाशिंग पाउडर तैयार किया जा रहा है। दोनों फैक्टरियों में बिना एनओसी के उंत्पादन होता मिला। अहम बात ये है कि दोनों फैक्टरी पिछले तीन दशकों से आवासीय इलाके में संचालित हो रही है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के निरीक्षक राजदीप के नेतृत्व में टीम की कार्रवाई में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मनीष यादव तथा फायर ब्रिगेड आफिसर सुनील कुमार शामिल हुए। शांति केमिकल में 80 टन साबुन पाया गया, जबकि बाबा बालकनाथ में 25 टन वाशिंग पाउडर पाया गया।
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शांति केमिकल को गांधी नगर निवासी विजेंद्र चला रहे है, जबकि बाबा बालकनाथ वाशिंग पाउडर फैक्टरी को गांधी नगर निवासी अनिता चला रही है। दोनों फैक्टरी मालिकों को नोटिस जारी किए गए है। जिसके बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के डीएसपी रविंद्र ने बताया कि आबादी के बीच दोनों फैक्टरी चल रही है। जिन्होंने न तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और न ही फायर विभाग से एनओसी ली थी। दोनों फैक्टिरी संचालकों को नोटिस दे दिया गया है। जांच पूरी होने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।

बिना एनओसी संचालित होती साबुन की फैक्टरी । - फोटो : Jind