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Jind News: शहर में सफाई व्यवस्था ठप, छाया गंदगी का आलम, जिम्मेदार चुप
Sat, 23 Aug 2025 11:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 23 Aug 2025 11:57 PM IST
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23जेएनडी25: शहर के सफीदों गेट के पास लगे कूड़े के ढेर फैला रहे बदबू। संवाद
जींद। सफाई का ठेका किसी के पास न होने से शहर में गंदगी का आलम छाया है। शहर की कॉलोनियों, सड़कों और दुकानों के बाहर कूडे के ढेर लगे हुए हैं। इसके चलते शहर में गंदगी व बदबू फैलने लगी है। इसको लेकर नप गंभीर नहीं है। लगभग दो माह पहले शहर में कूड़े के उठान के टेंडर समाप्त हुए थे। इसके बाद दोबारा 24 करोड़ रुपये की राशि का पांच वर्ष तक कूड़ा उठान व डोर टू डोर एकत्रित करने के लिए टेंडर लगाया था।
इसी महीने के पहले सप्ताह में मुख्यमंत्री की अगुवाई में हुई बैठक में शहर की सफाई के टेंडर रद्द कर दिए थे। इन टेंडरों को दोबारा से लगाने के लिए काम शुरू किया गया। शहर से कूड़े का उठान, डोर टू डोर से कूड़ा एकत्रित करने के लिए एस्टीमेट तैयार करवाया गया ताकि दोबारा से कमेटी टेंडर को रद्द न कर दे।
अब लगभग 24 करोड़ रुपये से ज्यादा का एस्टीमेट बनाकर भेजा गया है। जब तक शहर की सफाई का टेंडर नहीं लगता बदहाली लगातार बढ़ रही है। शहर के मकानों में हर जगह व मार्केट में डोर टू डोर जाने वाली गाड़ी प्रतिदिन सभी जगह पर नहीं जा पाती। इसके कारण शहर की सड़काें व चौक चौराहों पर गंदगी के ढेर लगने लगे हैं।
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शहर की हालत नारकीय
शहर की सफाई व्यवस्था पर नगर परिषद प्रतिमाह लाखों खर्च करता है। फिर भी शहर की हालत नारकीय बनी हुई है। शहर के मुख्य मार्गों पर जगह-जगह कचरे का ढेर लग गया है। बदबू से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। दूसरी तरफ नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि शहर में कूड़े का उठाव नियमित रूप से हो रहा है।
सफाई में ज्यादा संंसाधनों का प्रयोग
शहर में जब से सफाई का काम नगर परिषद के हाथों में आया है। तब से कॉलोनियों में डोर टू डोर व डंपिंग प्वाइंटों से कूड़ा उठान में दिक्कत बनी हुई है। इसका कारण है कि ठेकेदार शहर की सफाई के लिए ज्यादा संसाधनों का प्रयोग करता था जबकि नप ने अब सीमित मात्रा में ठेकेदार से सफाई कर्मचारी, ट्रैक्टर, टाटा एस ली हुई हैं। अब इन पर ही शहर की सफाई का काम निर्भर है।
इन इलाकों में लगे गंदगी के ढेर
शहर के सफीदों गेट, हुडा मार्केट, पटियाला चौक, रेलवे रोड, रोहतक रोड, सफीदो रोड पर जगह जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। खुले में पड़ी गंदगी के कारण बेसहारा पशुओं की जान को भी खतरा रहता है।
वर्जन
शहर में सफाई के टेंडर की अवधि समाप्त हाेने के बाद नगर परिषद खुद के सफाई कर्मियों व कुछ एजेंसी से हायर किए गए सफाई कर्मियों से सफाई करवा रही है। यह सफाई कर्मचारी प्रतिदिन शहर में बेहतर सफाई करते हैं। अगर कहीं पर गंदगी पड़ी है तो उसको उठवाया जाएगा। जब तक दोबारा टेंडर नहीं लगता। उस समय तक नप खुद के कर्मचारियों से शहर को स्वच्छ रखने का काम करेगी।
-- अनुराधा सैनी, नप चेयरपर्सन
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इसी महीने के पहले सप्ताह में मुख्यमंत्री की अगुवाई में हुई बैठक में शहर की सफाई के टेंडर रद्द कर दिए थे। इन टेंडरों को दोबारा से लगाने के लिए काम शुरू किया गया। शहर से कूड़े का उठान, डोर टू डोर से कूड़ा एकत्रित करने के लिए एस्टीमेट तैयार करवाया गया ताकि दोबारा से कमेटी टेंडर को रद्द न कर दे।
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अब लगभग 24 करोड़ रुपये से ज्यादा का एस्टीमेट बनाकर भेजा गया है। जब तक शहर की सफाई का टेंडर नहीं लगता बदहाली लगातार बढ़ रही है। शहर के मकानों में हर जगह व मार्केट में डोर टू डोर जाने वाली गाड़ी प्रतिदिन सभी जगह पर नहीं जा पाती। इसके कारण शहर की सड़काें व चौक चौराहों पर गंदगी के ढेर लगने लगे हैं।
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शहर की हालत नारकीय
शहर की सफाई व्यवस्था पर नगर परिषद प्रतिमाह लाखों खर्च करता है। फिर भी शहर की हालत नारकीय बनी हुई है। शहर के मुख्य मार्गों पर जगह-जगह कचरे का ढेर लग गया है। बदबू से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। दूसरी तरफ नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि शहर में कूड़े का उठाव नियमित रूप से हो रहा है।
सफाई में ज्यादा संंसाधनों का प्रयोग
शहर में जब से सफाई का काम नगर परिषद के हाथों में आया है। तब से कॉलोनियों में डोर टू डोर व डंपिंग प्वाइंटों से कूड़ा उठान में दिक्कत बनी हुई है। इसका कारण है कि ठेकेदार शहर की सफाई के लिए ज्यादा संसाधनों का प्रयोग करता था जबकि नप ने अब सीमित मात्रा में ठेकेदार से सफाई कर्मचारी, ट्रैक्टर, टाटा एस ली हुई हैं। अब इन पर ही शहर की सफाई का काम निर्भर है।
इन इलाकों में लगे गंदगी के ढेर
शहर के सफीदों गेट, हुडा मार्केट, पटियाला चौक, रेलवे रोड, रोहतक रोड, सफीदो रोड पर जगह जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। खुले में पड़ी गंदगी के कारण बेसहारा पशुओं की जान को भी खतरा रहता है।
वर्जन
शहर में सफाई के टेंडर की अवधि समाप्त हाेने के बाद नगर परिषद खुद के सफाई कर्मियों व कुछ एजेंसी से हायर किए गए सफाई कर्मियों से सफाई करवा रही है। यह सफाई कर्मचारी प्रतिदिन शहर में बेहतर सफाई करते हैं। अगर कहीं पर गंदगी पड़ी है तो उसको उठवाया जाएगा। जब तक दोबारा टेंडर नहीं लगता। उस समय तक नप खुद के कर्मचारियों से शहर को स्वच्छ रखने का काम करेगी।

23जेएनडी25: शहर के सफीदों गेट के पास लगे कूड़े के ढेर फैला रहे बदबू। संवाद