{"_id":"6a6915080e781ad19e080b03","slug":"cleaning-of-storm-drains-and-sewers-is-incomplete-farmers-expressed-fear-of-waterlogging-jind-news-c-199-1-jnd1012-157474-2026-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: बरसाती नालों और ड्रेनों की सफाई अधूरी, किसानों ने जताई जलभराव की आशंका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: बरसाती नालों और ड्रेनों की सफाई अधूरी, किसानों ने जताई जलभराव की आशंका
विज्ञापन
फोटो 28एसएफडीएम3गंदगी से पटी हुई गांव बुटानी के समीप से गुजर रही ड्रेन। संवाद
सफीदों। जिले में मानसून की दस्तक से पहले बरसाती नालों और ड्रेनों की सफाई का काम अधूरा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका बढ़ गई है। किसानों ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द सफाई कराने की मांग की है।
किसान सुखदेव, राजेंद्र, सुनील, रामपाल, मांगेराम और बलराम ने बताया कि ड्रेनों में वर्षा जल निकासी का मुख्य साधन हैं लेकिन कई जगह इनमें गाद, झाड़ियां और मलबा जमा होने से पानी का प्रवाह बाधित हो रहा है। यदि मानसून के दौरान तेज बारिश हुई तो पानी की निकासी प्रभावित होगी और खेतों के साथ गांवों में भी जलभराव की स्थिति बन सकती है।
किसानों ने बताया कि पिछले वर्ष भारी बारिश के दौरान कई स्थानों पर ड्रेन टूट गए थे। इससे सैकड़ों एकड़ में खड़ी फसलें जलमग्न हो गई थीं। लंबे समय तक खेतों में पानी भरा रहने के कारण किसान समय पर गेहूं की बुवाई भी नहीं कर सके थे जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि ड्रेनों की सफाई को लेकर कई बार सिंचाई विभाग और प्रशासन को लिखित शिकायत दी जा चुकी है लेकिन अब तक काम में तेजी नहीं आई। आरोप है कि बाढ़ नियंत्रण की तैयारियां केवल कागजों तक सीमित हैं। किसानों ने मांग की है कि मानसून सक्रिय होने से पहले सभी ड्रेनों और बरसाती नालों की सफाई के साथ आवश्यक मरम्मत कार्य पूरा कराया जाए ताकि पिछले साल जैसी स्थिति दोबारा न बने।
वर्जन
नगर पालिका और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर ड्रेनों व नालों की सफाई की समीक्षा की जाएगी। जहां सफाई कार्य अधूरा मिलेगा उसे प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए जाएंगे। - पुलकित मल्होत्रा, एसडीएम, सफीदों।
विज्ञापन
किसान सुखदेव, राजेंद्र, सुनील, रामपाल, मांगेराम और बलराम ने बताया कि ड्रेनों में वर्षा जल निकासी का मुख्य साधन हैं लेकिन कई जगह इनमें गाद, झाड़ियां और मलबा जमा होने से पानी का प्रवाह बाधित हो रहा है। यदि मानसून के दौरान तेज बारिश हुई तो पानी की निकासी प्रभावित होगी और खेतों के साथ गांवों में भी जलभराव की स्थिति बन सकती है।
विज्ञापन
किसानों ने बताया कि पिछले वर्ष भारी बारिश के दौरान कई स्थानों पर ड्रेन टूट गए थे। इससे सैकड़ों एकड़ में खड़ी फसलें जलमग्न हो गई थीं। लंबे समय तक खेतों में पानी भरा रहने के कारण किसान समय पर गेहूं की बुवाई भी नहीं कर सके थे जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि ड्रेनों की सफाई को लेकर कई बार सिंचाई विभाग और प्रशासन को लिखित शिकायत दी जा चुकी है लेकिन अब तक काम में तेजी नहीं आई। आरोप है कि बाढ़ नियंत्रण की तैयारियां केवल कागजों तक सीमित हैं। किसानों ने मांग की है कि मानसून सक्रिय होने से पहले सभी ड्रेनों और बरसाती नालों की सफाई के साथ आवश्यक मरम्मत कार्य पूरा कराया जाए ताकि पिछले साल जैसी स्थिति दोबारा न बने।
वर्जन
नगर पालिका और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर ड्रेनों व नालों की सफाई की समीक्षा की जाएगी। जहां सफाई कार्य अधूरा मिलेगा उसे प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए जाएंगे। - पुलकित मल्होत्रा, एसडीएम, सफीदों।