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72 घंटे में पीआर धान की पेमेंट होने के दावे झूठे : वीरेंद्र प्रधान
Mon, 20 Nov 2023 01:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 20 Nov 2023 01:06 AM IST
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उचाना। आम आदमी पार्टी व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र प्रधान ने कहा है कि पीआर धान की खरीद बंद हुए चार दिन हो चुके हैं, लेकिन आज भी हजारों बैगों का उठान बाकी है। जब तक इनका उठान नहीं होगा तब तक किसान के खाते में पेमेंट नहीं पहुंचेंगी। 72 घंटे के जो दावे गठबंधन सरकार के नेताओं द्वारा किए गए वो सिर्फ बयान है।
आप के व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र प्रधान ने कहा है कि सच्चाई यह है कि खरीद के कई-कई दिनों तक तो पीआर धान का उठान नहीं होने से किसानों के खाते में पेमेंट कई-कई दिनों तक आई। सरकार को चाहिए कि जिस दिन किसान की फसल सरकारी खरीद पर बिकी उस दिन के 72 घंटे बाद किसानों की जो पेमेंट बनती है उसका ब्याज सरकार दे। उन्होंने कहा कि किसान हितैषी होने का ढोंग गठबंधन सरकार के नेता कर रहे हैं। एक बार भी जींद में पीआर धान की खरीद का जायजा लेने तक डिप्टी सीएम नहीं आए। वह राजस्थान के किसानों को बड़े-बड़े दावे करते हैं कि हरियाणा के किसानों को एमएसपी मिल रहा है। जबकि सच्चाई ये है कि हरियाणा के किसानों को अपनी पीआर एमएसपी से 300 से 400 रुपये प्रति क्विंटल कम बेचनी पड़ी। यदि इसकी निष्पक्ष जांच की जाए तो सच्चाई सामने आएगी। किसानों के नाम पर राजनीति तो की जाती है, लेकिन किसान के हित में कुछ नहीं होता। किसानों का भला अगर कोई कर सकता है तो वो दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल हैं। किसानों को दिल्ली, पंजाब में किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जा रही है।
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आप के व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र प्रधान ने कहा है कि सच्चाई यह है कि खरीद के कई-कई दिनों तक तो पीआर धान का उठान नहीं होने से किसानों के खाते में पेमेंट कई-कई दिनों तक आई। सरकार को चाहिए कि जिस दिन किसान की फसल सरकारी खरीद पर बिकी उस दिन के 72 घंटे बाद किसानों की जो पेमेंट बनती है उसका ब्याज सरकार दे। उन्होंने कहा कि किसान हितैषी होने का ढोंग गठबंधन सरकार के नेता कर रहे हैं। एक बार भी जींद में पीआर धान की खरीद का जायजा लेने तक डिप्टी सीएम नहीं आए। वह राजस्थान के किसानों को बड़े-बड़े दावे करते हैं कि हरियाणा के किसानों को एमएसपी मिल रहा है। जबकि सच्चाई ये है कि हरियाणा के किसानों को अपनी पीआर एमएसपी से 300 से 400 रुपये प्रति क्विंटल कम बेचनी पड़ी। यदि इसकी निष्पक्ष जांच की जाए तो सच्चाई सामने आएगी। किसानों के नाम पर राजनीति तो की जाती है, लेकिन किसान के हित में कुछ नहीं होता। किसानों का भला अगर कोई कर सकता है तो वो दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल हैं। किसानों को दिल्ली, पंजाब में किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जा रही है।
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