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Jind News: सफाई कर्मियों की हड़ताल से शहर बेहाल, सड़कों पर 1500 टन कचरे के ढेर

Thu, 14 May 2026 12:56 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 14 May 2026 12:56 AM IST
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City Paralyzed by Sanitation Workers' Strike; 1,500 Tons of Garbage Piles Up on Streets
13जेएनडी46: सीवरेज जाम होने से रात के समय सफीदों गेट पर भरे पानी से गुजरते वाहन। संवाद
जींद। लंबित मांगों को लेकर सफाई और दमकल कर्मचारियों की हड़ताल से जिलेभर में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। जींद, जुलाना, उचाना और अन्य नगर पालिका क्षेत्रों में सड़कों पर कचरे के ढेर लग हैं। अकेले जींद शहर में ही 1500 टन कूड़ा जमा हो चुका है।
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शहर में जगह-जगह फैली गंदगी से दुर्गंध उठ रही है और बाजारों, कॉलोनियों व मुख्य मार्गों पर लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कूड़ा लंबे समय से नहीं उठने से सीवरेज जाम है और सफीदों गेट पानी गया है।
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बुधवार को कर्मचारियों ने शहर में प्रदर्शन करते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कई स्थानों पर सरकार के पुतले फूंके। जींद, जुलाना और उचाना में कर्मचारियों ने बाजारों से प्रदर्शन मार्च निकालकर अपना रोष जताया। कर्मचारियों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सफाई कर्मियों ने अब अपनी हड़ताल 18 मई तक बढ़ाने का ऐलान किया है।
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कर्मचारी अपने हक की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेंगे
सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान संजीव ढांडा ने कहा कि नगर परिषद और फायर ब्रिगेड कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं लेकिन सरकार उनकी समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही। कर्मचारी नेताओं सोहनलाल और बिजेंद्र ने कहा कि सरकार लगातार आश्वासन देती रही है लेकिन अब कर्मचारी किसी झूठे भरोसे में आने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस बार कर्मचारी अपने हक की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेंगे।
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा
मजदूर नेता सुभाष पांचाल ने कहा कि कर्मचारियों की मुख्य मांग कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, न्यूनतम 30 हजार रुपये वेतन देने, ठेका प्रथा खत्म करने और एक्सग्रेशिया नीति बहाल करने की है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से पहले मानी गई मांगों को अब तक लागू नहीं किया गया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

बीमारी फैलने का खतरा बढ़ा
शहर में हालात यह हैं कि मुख्य बाजार, बस स्टैंड, रिहायशी कॉलोनियां और सार्वजनिक स्थानों पर कचरे के ढेर लगे हैं। कई जगह नालियां जाम होने लगी हैं, जिससे लोगों को बदबू और मच्छरों की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।

13जेएनडी46: सीवरेज जाम होने से रात के समय सफीदों गेट पर भरे पानी से गुजरते वाहन। संवाद

13जेएनडी46: सीवरेज जाम होने से रात के समय सफीदों गेट पर भरे पानी से गुजरते वाहन। संवाद

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