जींद। शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन मंगलवार को शहर में मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिरों में दर्शन के लिए भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया। महिलाओं और बच्चों की संख्या अधिक रही। नवरात्र के चलते शहर के विभिन्न मंदिरों में आयोजित सत्संग और कीर्तन से माहौल भक्तिमय बना हुआ है। शाम होते ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही और बढ़ गई।
जयंती देवी मंदिर में सुबह पांच बजे से ही भक्तों की कतारें लगनी शुरू हो गईं। श्रद्धालु बारी-बारी से माता के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते रहे। मंदिर में सुबह से करीब 11 बजे तक भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहता है। इसके बाद शाम पांच बजे से फिर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने लगती है। सामान्य दिनों की तुलना में नवरात्र के दौरान मंदिरों में अधिक भीड़ देखने को मिल रही है। जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है, इसी कारण उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। माता सिंह पर सवार होती हैं और उनका स्वरूप स्वर्ण के समान तेजस्वी है। उनकी दस भुजाओं में त्रिशूल, गदा, तलवार, धनुष, बाण और कमंडल सहित विभिन्न अस्त्र-शस्त्र सुशोभित हैं। शहर के रघुनाथ मंदिर, शीतला माता मंदिर, वैष्णवी धाम, बनभौरी माता मंदिर, राधा-कृष्ण मंदिर, दुर्गा मंदिर और हनुमान मंदिर में भी पूजा, सत्संग व कीर्तन के आयोजन हो रहे हैं। इन आयोजनों में श्रद्धालु भाग लेकर मां दुर्गा की आराधना कर रहे हैं।

13जेएनडी25,26: नवरात्र के तीसरे दिन जयंती देवी मंदिर में मां चंद्रघंटा की पूजा अर्चना करते हुए