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चोको सॉफ्टवेयर बताएगा मरीज को टीबी है या नहीं
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुलाना का फाइल फोटो।
- फोटो : Jind
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संवाद न्यूज एजेंसी
जुलाना। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुलाना में भी अब एक ही मिनट में मरीज को टीबी है या नहीं, इसका पता लगाया जा सकेगा। यहां एक्सरे विभाग का अब डिजिटलाइजेशन किया गया। इसमें चोको नामक एक सॉफ्टवेयर डाला गया है, जो मरीज में टीबी की स्थिति बताएगा। इसके अलावा यह साफ्टवेयर कुछ अन्य बीमारियों के बारे में भी बताएगा। पहले जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इस प्रकार की व्यवस्था नहीं थी।
देश को 2024 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। लोगों को उनके घर जाकर ही दवाई देने की सुविधा पहले से ही उपलब्ध है। अब समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रहे हैं तथा टीबी जैसी बीमारी के लक्षण मिलने पर तुरंत उनका उपचार शुरू किया जा रहा है। सरकार ने चोको नामक कंपनी के साथ अब अनुबंध किया है। इस कंपनी ने एक्सरे लैब का डिजिटलाइजेशन कर दिया है। इसमें चोको नामक सॉफ्टवेयर की मदद से एक्सरे में तुरंत पता चल जाएगा कि मरीज के किसी भाग में टीबी है या नहीं। यदि टीबी है तो उसका स्टेज क्या है।
इसके अलावा इस कंपनी के रेडियोलॉजिस्ट टीबी का मामला मिलने के बाद तुरंत इसे वेरिफाई करके पता लगा लेंगे। मरीज की रिपोर्ट अब ऑनलाइन की जा सकेगी ताकि जहां भी मरीज की रिपोर्ट खुले तो इलाज करने वाले चिकित्सक को पता चल सके कि मरीज को क्या परेशानी है। इससे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुलाना में इस प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। यह सुविधा जुलाना में होने के कारण आसपास के गांवों तथा जुलाना शहर के लोगों को काफी लाभ होगा तथा देश को टीबी मुक्त करने में काफी मदद मिलेगी।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक्सरे विभाग का डिजिटिलाइजेशन हो गया है। अब चोको सॉफ्टवेयर की मदद से तुरंत पता चल जाएगा कि मरीज को क्या परेशानी है। इसमें खासकर टीबी के बारे में पता चलेगा। इसके अलावा मरीज के फेफड़ों में पानी की मात्रा कितनी है। इसका भी पता चल सकेगा। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने इसे ट्रायल रूप में शुरू किया है। इसके अच्छे परिणाम सामने आए तो इसे नियमित किया जा सकेगा।
--डॉ. नरेश वर्मा, एसएमओ।
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जुलाना। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुलाना में भी अब एक ही मिनट में मरीज को टीबी है या नहीं, इसका पता लगाया जा सकेगा। यहां एक्सरे विभाग का अब डिजिटलाइजेशन किया गया। इसमें चोको नामक एक सॉफ्टवेयर डाला गया है, जो मरीज में टीबी की स्थिति बताएगा। इसके अलावा यह साफ्टवेयर कुछ अन्य बीमारियों के बारे में भी बताएगा। पहले जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इस प्रकार की व्यवस्था नहीं थी।
देश को 2024 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। लोगों को उनके घर जाकर ही दवाई देने की सुविधा पहले से ही उपलब्ध है। अब समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रहे हैं तथा टीबी जैसी बीमारी के लक्षण मिलने पर तुरंत उनका उपचार शुरू किया जा रहा है। सरकार ने चोको नामक कंपनी के साथ अब अनुबंध किया है। इस कंपनी ने एक्सरे लैब का डिजिटलाइजेशन कर दिया है। इसमें चोको नामक सॉफ्टवेयर की मदद से एक्सरे में तुरंत पता चल जाएगा कि मरीज के किसी भाग में टीबी है या नहीं। यदि टीबी है तो उसका स्टेज क्या है।
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इसके अलावा इस कंपनी के रेडियोलॉजिस्ट टीबी का मामला मिलने के बाद तुरंत इसे वेरिफाई करके पता लगा लेंगे। मरीज की रिपोर्ट अब ऑनलाइन की जा सकेगी ताकि जहां भी मरीज की रिपोर्ट खुले तो इलाज करने वाले चिकित्सक को पता चल सके कि मरीज को क्या परेशानी है। इससे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुलाना में इस प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। यह सुविधा जुलाना में होने के कारण आसपास के गांवों तथा जुलाना शहर के लोगों को काफी लाभ होगा तथा देश को टीबी मुक्त करने में काफी मदद मिलेगी।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक्सरे विभाग का डिजिटिलाइजेशन हो गया है। अब चोको सॉफ्टवेयर की मदद से तुरंत पता चल जाएगा कि मरीज को क्या परेशानी है। इसमें खासकर टीबी के बारे में पता चलेगा। इसके अलावा मरीज के फेफड़ों में पानी की मात्रा कितनी है। इसका भी पता चल सकेगा। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने इसे ट्रायल रूप में शुरू किया है। इसके अच्छे परिणाम सामने आए तो इसे नियमित किया जा सकेगा।
--डॉ. नरेश वर्मा, एसएमओ।