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घर की चारदीवारी में भी महफूज नहीं हैं बच्चे
jind
Updated Wed, 23 Nov 2016 12:39 AM IST
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बाल भवन में चल रहे चाइल्ड हेल्प लाइन पर बच्चों की शिकायत दर्ज करते अधिकारी।
- फोटो : bureau
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भौतिकतावादी युग में हमारा सामाजिक ताना-बाना टूटने के साथ-साथ हमारे नैतिक मूल्यों में भी इतनी गिरावट आ चुकी है कि आज घर की चारदीवारी में भी हमारे बच्चे महफूज नहीं हैं। घर के अंदर ही परिवार के सदस्यों द्वारा बच्चों का शोषण करने के साथ-साथ बच्चों को प्रताड़ित भी किया जा रहा है। घर के अंदर बच्चों पर बढ़ते शोषण और हिंसात्मक मामलों का सबूत दे रही है चाइल्ड हेल्प लाइन। घर की चारदीवारी के अंदर हो रहे शोषण और प्रताड़ना से मुक्ति पाने के लिए बच्चे चाइल हेल्प लाइन का सहारा ले रहे हैं। चाइल्ड हेल्प लाइन के आंकड़ों पर यदि नजर डाली जाए तो सबसे अधिक मामले बच्चों के साथ हो रहे शोषण और प्रताड़ना के सामने आ रहे हैं। पिछले एक वर्ष में चाइल्ड हेल्प लाइन के पास छेड़छाड़ और हिंसा के 66 तथा बाल मजदूरी के 31 मामले सामने आए हैं। वहीं बाल मजदूरी पर भी प्रशासन अंकुश नहीं लगा पा रहा है। आज आधुनिकता की चकाचौंध और भागदौड़ भरी जिंदगी में अधिक रुपये की चाह में अभिभावक अपने बच्चों से दूर होते जा रहे हैं। समय का अभाव होने का बहाना लेकर अभिभावक अपने बच्चों के लिए भी वक्त नहीं निकाल पा रहे हैं। ऐसे में अभिभावक अपनी इस जिम्मेदारी से बचने के लिए अपने बच्चों की देखरेख की का जिम्मा परिवार के ही दूसरे सदस्यों या अपने सगे संबंधियों को सौंप देते हैं। बच्चों की देखरेख की जिम्मेदारी परिवार के सदस्यों व सगे संबंधियों को देते समय अभिभावक इस बात की तरफ भी ध्यान नहीं देते कि जिसे वह अपने बच्चों की देखरेख की जिम्मेदारी सौंप रहे हैं, वह किस परिवर्ती का व्यक्ति है। अभिभावकों की यही अनदेखी उनके बच्चों के लिए बड़ी मुसीबत बन जाती है। अभिभावकों की इसी लापरवाही का फायदा उठाकर बच्चों के रक्षक ही उनके भक्षक बन रहे हैं। घर की चारदीवारी के अंदर ही बच्चों के सगे संबंधी बच्चों का शोषण करने के साथ-साथ उन्हें प्रताड़ित भी कर रहे हैं लेकिन बच्चे अब इस शोषण से मुक्ति पाने के लिए चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 का सहारा ले रहे हैं।
चाइल्ड हेल्प लाइन के पास आई शिकायतों में शोषण व हिंसात्मक के मामले ज्यादा
चाइल्ड हेल्प लाइन के पास आ रही शिकायतों में सबसे ज्यादा मामले बच्चों पर घर के अंदर हो रही छेड़छाड़ और प्रताड़ना के हैं। अगस्त 2015 से नवंबर 2016 तक बच्चों के साथ छेड़छाड़ या प्रताड़ना के 66 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं बाल मजदूरी के 31 मामले सामने आए हैं। वहीं गुमशुदगी के 86 तो बाल विवाह के अभी तक सात मामले ही चाइल्ड हेल्प लाइन के पास आए हैं। पिछले एक वर्ष में चाइल्ड हेल्प लाइन के पास भिन्न-भिन्न मामलों में कुल 387 शिकायतें आ चुकी हैं।
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चाइल्ड हेल्प लाइन के पास आई शिकायतों में शोषण व हिंसात्मक के मामले ज्यादा
चाइल्ड हेल्प लाइन के पास आ रही शिकायतों में सबसे ज्यादा मामले बच्चों पर घर के अंदर हो रही छेड़छाड़ और प्रताड़ना के हैं। अगस्त 2015 से नवंबर 2016 तक बच्चों के साथ छेड़छाड़ या प्रताड़ना के 66 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं बाल मजदूरी के 31 मामले सामने आए हैं। वहीं गुमशुदगी के 86 तो बाल विवाह के अभी तक सात मामले ही चाइल्ड हेल्प लाइन के पास आए हैं। पिछले एक वर्ष में चाइल्ड हेल्प लाइन के पास भिन्न-भिन्न मामलों में कुल 387 शिकायतें आ चुकी हैं।
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