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किसानों के रहनुमा थे छोटूराम : फूलकुमार
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24जेएनडी06-बस अड्डे पर मांगों को लेकर रोष प्रकट करते हुए रोडवेजकर्मी। स्रोत कर्मचारी
- फोटो : credit
जींद। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चे के बैनर तले मांगों को लेकर सोमवार को रोडवेज कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इसके बाद वर्कशाप मैनेजर नरेश राठी को परिवहन मंत्री अनिल विज के नाम ज्ञापन दिया। इस दौरान अनूप लाठर, अशोक गोरिया, संदीप रंगा और जसबीर चहल ने कहा कि प्रदेश सरकार रोडवेज विभाग की ओर ध्यान नहीं दे रही है।
गरीब आदमी, व्यापारी, छात्र, छात्राओं की पसंद सस्ती व सुरक्षित परिवहन सेवा दिन प्रतिदिन पूंजीपतियों के हाथों में सौंपी जा रही है। परिवहन मंत्री हर गांव में सरकारी बस भेजने की बात करते हैं वहीं किलोमीटर स्कीम की बसों को रोडवेज में शामिल किया जा रहा है। बसों की मरम्मत के लिए वर्कशाप में कर्मचारी नहीं के बराबर रह गए हैं।
रोडवेज विभाग में हजारों पद खाली पड़े हैं। सरकार परिवहन कर्मचारियों की मांगों को जायज मानकर यूनियन नेताओं से समझौता तो लगातार कर रही है लेकिन उन जायज मांगों को लागू नहीं कर रही है। उनकी मांग है कि चालक-परिचालक, लिपिक, स्टोर कीपर, कोषाध्यक्ष के पद की वेतन विसंगति दूर करके पे ग्रेड बढ़ाया जाए।
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देय अर्जित अवकाश कटौती पत्र को वापस लेकर पूर्व की तरह देय अर्जित अवकाश दिए जाए। परिचालक, चालकों और कर्मशाला के कर्मचारियों के खाली पदों पर भर्ती की जाए। 2002 के चालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का किया जाए व पुरानी पेंशन योजना में शामिल किया जाए।
चालकों की अड्डा इंचार्ज का नया पद सृजित करके प्रमोशन की जाए। वंचित 2008 के परिचालकों को प्रमोशन की जाए। यदि सरकार ने समाधान नहीं किया तो सभी डिपो के कर्मचारी 18 जनवरी 2026 को अंबाला छावनी में परिवहन मंत्री के आवास पर न्याय मार्च निकालेंगे।
इस अवसर पर राममेहर रेढू, जितेंद्र लाठर, सोमबीर जांगड़ा, देवेंद्र कुमार, अनिल शर्मा, बिजेंद्र ढांडा, बिजेंद्र सांगवान, बलकार रेढू, नीतीश शर्मा आदि शामिल हुए।
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गरीब आदमी, व्यापारी, छात्र, छात्राओं की पसंद सस्ती व सुरक्षित परिवहन सेवा दिन प्रतिदिन पूंजीपतियों के हाथों में सौंपी जा रही है। परिवहन मंत्री हर गांव में सरकारी बस भेजने की बात करते हैं वहीं किलोमीटर स्कीम की बसों को रोडवेज में शामिल किया जा रहा है। बसों की मरम्मत के लिए वर्कशाप में कर्मचारी नहीं के बराबर रह गए हैं।
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रोडवेज विभाग में हजारों पद खाली पड़े हैं। सरकार परिवहन कर्मचारियों की मांगों को जायज मानकर यूनियन नेताओं से समझौता तो लगातार कर रही है लेकिन उन जायज मांगों को लागू नहीं कर रही है। उनकी मांग है कि चालक-परिचालक, लिपिक, स्टोर कीपर, कोषाध्यक्ष के पद की वेतन विसंगति दूर करके पे ग्रेड बढ़ाया जाए।
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देय अर्जित अवकाश कटौती पत्र को वापस लेकर पूर्व की तरह देय अर्जित अवकाश दिए जाए। परिचालक, चालकों और कर्मशाला के कर्मचारियों के खाली पदों पर भर्ती की जाए। 2002 के चालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का किया जाए व पुरानी पेंशन योजना में शामिल किया जाए।
चालकों की अड्डा इंचार्ज का नया पद सृजित करके प्रमोशन की जाए। वंचित 2008 के परिचालकों को प्रमोशन की जाए। यदि सरकार ने समाधान नहीं किया तो सभी डिपो के कर्मचारी 18 जनवरी 2026 को अंबाला छावनी में परिवहन मंत्री के आवास पर न्याय मार्च निकालेंगे।
इस अवसर पर राममेहर रेढू, जितेंद्र लाठर, सोमबीर जांगड़ा, देवेंद्र कुमार, अनिल शर्मा, बिजेंद्र ढांडा, बिजेंद्र सांगवान, बलकार रेढू, नीतीश शर्मा आदि शामिल हुए।