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Jind News: फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करने के मामले में तहसीलदार पर आरोप तय
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फोटो। अमर उजाला में आज प्रकाशित किया गया समाचार।
- फोटो : संवाद
जींद। शहर की अवैध कॉलोनियों में प्लाटों की फर्जी रजिस्ट्री करने के मामले में तहसीलदार शालिनी लाठर और लिपिक अमन पर आरोप तय हो गए हैं। शुक्रवार को मंडल आयुक्त हिसार ने जांच पूरी करने के बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव को रिपोर्ट भेज दी है। उन्होंने मुख्य सचिव को कार्रवाई के लिए पत्र भी लिखा है।
शहर के सैनी मोहल्ला निवासी रिंकू पंडित ने 18 नवंबर 2025 को वित्त आयुक्त (राजस्व) और उच्चाधिकारियों को शिकायत दी थी। तहसीलदार शालिनी लाठर और रजिस्ट्री लिपिक अमन पर राजस्व घोटाले के आरोप लगाए थे।
शिकायत में कहा गया था कि भू-माफियाओं के साथ सांठ गांठ कर अवैध कॉलोनियों में रजिस्ट्रियां की गई हैं। 17 सितंबर से 30 अक्तूबर 2025 के बीच जींद तहसील में कॉलोनियों के प्लाटों की रजिस्ट्री की गई जो पूरी तरह अवैध थी। इनमें से अधिकतर रजिस्ट्रियां सुविधा शुल्क और फर्जी प्रॉपर्टी आईडी के सहारे दर्ज की गई हैं। रजिस्ट्रियां नियमों को ताक पर रखकर अवैध एरिया में वर्गगज के हिसाब से रजिस्ट्रियां की गई है।
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पंजीकृत 16 वसीकाओं में से कुल 12 वसीकाओं में वाका छुपाकर पंजीकृत की गई है। इन वसीकाओं में प्रोपर्टी आईडी गोशाला की लगी हुई है जबकि वास्तव में यह किसी अन्य स्थान का वाक्या है। क्योंकि वसीकाओं के पीछे भी रजिस्ट्री में गोशाला या अन्य स्थान दिखा रहा है।
अवैध एरिया की वसीका छिपाकर रजिस्ट्री टुकडों में की गई है। इसी तरह वसीका नंबर 4180 और 4144 भी नगर परिषद, जींद की सीमा से बाहर है जिसका नगर परिषद की सीमा के अन्दर आने वाले खसरा नंबर से मिलान नहीं होता है।
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शहर के सैनी मोहल्ला निवासी रिंकू पंडित ने 18 नवंबर 2025 को वित्त आयुक्त (राजस्व) और उच्चाधिकारियों को शिकायत दी थी। तहसीलदार शालिनी लाठर और रजिस्ट्री लिपिक अमन पर राजस्व घोटाले के आरोप लगाए थे।
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शिकायत में कहा गया था कि भू-माफियाओं के साथ सांठ गांठ कर अवैध कॉलोनियों में रजिस्ट्रियां की गई हैं। 17 सितंबर से 30 अक्तूबर 2025 के बीच जींद तहसील में कॉलोनियों के प्लाटों की रजिस्ट्री की गई जो पूरी तरह अवैध थी। इनमें से अधिकतर रजिस्ट्रियां सुविधा शुल्क और फर्जी प्रॉपर्टी आईडी के सहारे दर्ज की गई हैं। रजिस्ट्रियां नियमों को ताक पर रखकर अवैध एरिया में वर्गगज के हिसाब से रजिस्ट्रियां की गई है।
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पंजीकृत 16 वसीकाओं में से कुल 12 वसीकाओं में वाका छुपाकर पंजीकृत की गई है। इन वसीकाओं में प्रोपर्टी आईडी गोशाला की लगी हुई है जबकि वास्तव में यह किसी अन्य स्थान का वाक्या है। क्योंकि वसीकाओं के पीछे भी रजिस्ट्री में गोशाला या अन्य स्थान दिखा रहा है।
अवैध एरिया की वसीका छिपाकर रजिस्ट्री टुकडों में की गई है। इसी तरह वसीका नंबर 4180 और 4144 भी नगर परिषद, जींद की सीमा से बाहर है जिसका नगर परिषद की सीमा के अन्दर आने वाले खसरा नंबर से मिलान नहीं होता है।