{"_id":"636805034089b460d0210468","slug":"cet-the-system-met-the-test-of-expectation-jind-news-rtk662756662","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीईटी : अपेक्षा की कसौटी पर खरी उतरी व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीईटी : अपेक्षा की कसौटी पर खरी उतरी व्यवस्था
विज्ञापन
बस अड्डे पर स्कूली बस में सवार होते अभ्यर्थी। संवाद
- फोटो : Jind
जींद। संयुक्त पात्रता परीक्षा (सीईटी) की परीक्षा के अंतिम दिन परिवहन सेवा बेहतर रही। अभ्यर्थियों को लेकर रविवार सुबह साढ़े तीन बजे ही बसें बस अड्डे से रवाना हो गई थी। शुरुआत में बस सिरसा, कुरुक्षेत्र, करनाल रूट पर अभ्यर्थियों को लेकर रवाना हुई। रविवार को सुबह और शाम को 346 बसें अभ्यर्थियों को लेकर रूटों पर चली, जिनमें 19188 अभ्यार्थियों ने सफर किया। इसके अलावा सुबह 4 बजकर 10 मिनट पर जींद से कुरुक्षेत्र जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में भी काफी अभ्यर्थी कुरुक्षेत्र के लिए रवाना हुए। जंक्शन पर राजकीय रेलवे पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद थी।
हालांकि शुरू में तो बस अड्डे पर काफी संख्यां में अभ्यर्थी जमा हो गए थे, जिनको चढ़ाकर बसों को रवाना करने के लिए रोडवेज कर्मचारियों ने काफी मशक्त करनी पड़ी। अभ्यर्थियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए डिपो प्रबंधन ने शनिवार शाम को ही कर्मचारियों की डयूटी लगा दी थी, जिससे कर्मचारी रविवार सुबह तीन बजे ही ड्यूटी पर लौट आए थे। उसके बाद चार बजे के लगभग अभ्यर्थियों को रूटों अनुसार भेजना शुरू कर दिया था। सीईटी में समय पर पहुंचने के लिए रोडवेज अधिकारियों ने व्यापक प्रबंध किए हुए थे। व्यवस्था को संभालने के लिए और सुरक्षा की दृष्टि से बस स्टैंड परिसर में पीसीआर, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी खड़ी थी। जिन अभ्यार्थियों का केंद्र सिरसा, ऐलनाबाद, करनाल, लाडवा आया हुआ था उनको पहले बस अड्डे से पहले रवाना किया गया। अभ्यर्थियों की परीक्षा के चलते आम यात्रियों को थोड़ी परेशानी जरूर उठानी पड़ी। नरवाना में एक स्कूल बस ड्राइवर से डीजल की पर्ची लेकर अभ्यर्थियों को ले जाने की बजाय बस अड्डे के बाहर बस खड़ी कर दी। जब मामला कर्मचारियों के संज्ञान में आया तो फिर स्कूल बस को रूट पर भेजा गया। वहीं पर्स और मोबाइल गुम होने का मामला सामने आया था, जिनका कर्मचारियों ने ढूंढकर मोबाइल फोन और पर्स दे दिया।
हिसार रूट पर 101 और सिरसा रूट पर 90 बसें दौड़ीं
शनिवार के बाद रविवार को भी सिरसा रूट पर 90 बसें दौड़ी। रविवार को जींद से ज्यादातर अभ्यर्थियों का सिरसा परीक्षा केंद्र था, जिसको लेकर जींद बस अड्डे से 53 बसें सिरसा रूट पर चली। नरवाना सब डिपो से 23 बसें और सफीदों सबडिपो से 14 बसें सिरसा के लिए रवाना हुई। इसके अलावा हिसार रूट पर 101 बस रवाना हुई। कैथल रूट पर सुबह और शाम को कुल 31 बसें अभ्यर्थियों को लेकर चली। इसके अलावा करनाल रूट पर 71 बसें रवाना हुई। कुरुक्षेत्र रूट पर 53 बसें रवाना की गई।
विज्ञापन
सुबह 8632 और शाम को 10556 अभ्यार्थियों ने किया सफर
रविवार को हुई परीक्षा देने के लिए जींद से सुबह के समय 8632 अभ्यर्थी रवाना हुए जबकि शाम को 10556 अभ्यर्थी वापस लौटे। जींद से हिसार के लिए सुबह 1352, कैथल के लिए 260, करनाल के लिए 1404, कुरुक्षेत्र के लिए 780 और सिरसा के लिए 1092 अभ्यर्थी रवाना हुए। नरवाना से हिसार के लिए 364, कैथल के लिए 104, करनाल के लिए 364, कुरुक्षेत्र के लिए 260 और सिरसा के लिए सबसे ज्यादा 468 अभ्यर्थी पहुंचे। इसके अलावा सफीदों हलका से हिसार के लिए 260, कैथल के लिए 52, करनाल के लिए 156, कुरुक्षेत्र के लिए 208 और सिरसा के लिए 988 अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे। ऐसे में जींद से कुल 8632 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। शाम के समय हिसार से 2184, कैथल से 624, करनाल से 1300, कुरुक्षेत्र से 832, सिरसा से 1664 परीक्षा देकर वापस लौटे। नरवाना बस अड्डे पर हिसार से 728, कैथल से 416, करनाल से 312, कुरुक्षेत्र से 416 और सिरसा से 728 अभ्यर्थी वापस लौटे। इसके अलावा सफीदों में हिसार से 364, कैथल से 156, करनाल से 156, कुरुक्षेत्र से 260, सिरसा से 416 अभ्यार्थी परीक्षा देकर लौटे। शाम के समय कुल 10556 अभ्यर्थी जिले में वापस पहुंचे।
कुरुक्षेत्र के लिए चली 4:10 बजे पैसेंजर ट्रेन
अलसुबह ही जींद और नरवाना जंक्शन पर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ जमा थी। जिन अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र कुरुक्षेत्र, लाडवा, करनाल था। वह अभ्यर्थी जंक्शन से सुबह 4 बजकर 10 मिनट पर चलने वाली ट्रेन में कुुरुक्षेत्र के लिए रवाना हुए। इस पैसेंजर ट्रेन में जींद से ही काफी संख्या में अभ्यर्थी रवाना हो गए थे। उसके बाद नरवाना जंक्शन से भी भारी मात्रा में अभ्यार्थी सवार हुए। इसको लेकर पैसेंजर ट्रेन पूरी खचाखच भर गई थी, जिससे पैसेंजर ट्रेन में पांव रखने की जगह भी नहीं थी। सुरक्षा और चौकसी को लेकर राजकीय रेलवे पुलिस के जवान तैनात थे। इसके बाद 8 बजकर 30 मिनट पर दूसरे पैसेंजर ट्रेन कुरुक्षेत्र के लिए रवाना हुई। उसमें भी काफी संख्या में अभ्यर्थी सवार हुए। नरवाना जंक्शन से भी अभ्यर्थी कुरुक्षेत्र के लिए रवाना हुए।
शनिवार और रविवार को आयोजित सीईटी में केंद्रों तक पहुुंचाने के लिए अभ्यर्थियों को कोई परेशानी नहीं हुई। दोनों दिन रोडवेज कर्मचारियों की डयूटी लगाकर अभ्यार्थियों को बसों में बैठाकर परीक्षा केंद्रों के लिए रवाना किया गया। अभ्यर्थियों को ले जाने के लिए पहले ही बसों की अतिरिक्त व्यवस्था की हुई थी।
-अशोक कौशिक, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो जींद।
विज्ञापन
हालांकि शुरू में तो बस अड्डे पर काफी संख्यां में अभ्यर्थी जमा हो गए थे, जिनको चढ़ाकर बसों को रवाना करने के लिए रोडवेज कर्मचारियों ने काफी मशक्त करनी पड़ी। अभ्यर्थियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए डिपो प्रबंधन ने शनिवार शाम को ही कर्मचारियों की डयूटी लगा दी थी, जिससे कर्मचारी रविवार सुबह तीन बजे ही ड्यूटी पर लौट आए थे। उसके बाद चार बजे के लगभग अभ्यर्थियों को रूटों अनुसार भेजना शुरू कर दिया था। सीईटी में समय पर पहुंचने के लिए रोडवेज अधिकारियों ने व्यापक प्रबंध किए हुए थे। व्यवस्था को संभालने के लिए और सुरक्षा की दृष्टि से बस स्टैंड परिसर में पीसीआर, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी खड़ी थी। जिन अभ्यार्थियों का केंद्र सिरसा, ऐलनाबाद, करनाल, लाडवा आया हुआ था उनको पहले बस अड्डे से पहले रवाना किया गया। अभ्यर्थियों की परीक्षा के चलते आम यात्रियों को थोड़ी परेशानी जरूर उठानी पड़ी। नरवाना में एक स्कूल बस ड्राइवर से डीजल की पर्ची लेकर अभ्यर्थियों को ले जाने की बजाय बस अड्डे के बाहर बस खड़ी कर दी। जब मामला कर्मचारियों के संज्ञान में आया तो फिर स्कूल बस को रूट पर भेजा गया। वहीं पर्स और मोबाइल गुम होने का मामला सामने आया था, जिनका कर्मचारियों ने ढूंढकर मोबाइल फोन और पर्स दे दिया।
विज्ञापन
हिसार रूट पर 101 और सिरसा रूट पर 90 बसें दौड़ीं
शनिवार के बाद रविवार को भी सिरसा रूट पर 90 बसें दौड़ी। रविवार को जींद से ज्यादातर अभ्यर्थियों का सिरसा परीक्षा केंद्र था, जिसको लेकर जींद बस अड्डे से 53 बसें सिरसा रूट पर चली। नरवाना सब डिपो से 23 बसें और सफीदों सबडिपो से 14 बसें सिरसा के लिए रवाना हुई। इसके अलावा हिसार रूट पर 101 बस रवाना हुई। कैथल रूट पर सुबह और शाम को कुल 31 बसें अभ्यर्थियों को लेकर चली। इसके अलावा करनाल रूट पर 71 बसें रवाना हुई। कुरुक्षेत्र रूट पर 53 बसें रवाना की गई।
विज्ञापन
सुबह 8632 और शाम को 10556 अभ्यार्थियों ने किया सफर
रविवार को हुई परीक्षा देने के लिए जींद से सुबह के समय 8632 अभ्यर्थी रवाना हुए जबकि शाम को 10556 अभ्यर्थी वापस लौटे। जींद से हिसार के लिए सुबह 1352, कैथल के लिए 260, करनाल के लिए 1404, कुरुक्षेत्र के लिए 780 और सिरसा के लिए 1092 अभ्यर्थी रवाना हुए। नरवाना से हिसार के लिए 364, कैथल के लिए 104, करनाल के लिए 364, कुरुक्षेत्र के लिए 260 और सिरसा के लिए सबसे ज्यादा 468 अभ्यर्थी पहुंचे। इसके अलावा सफीदों हलका से हिसार के लिए 260, कैथल के लिए 52, करनाल के लिए 156, कुरुक्षेत्र के लिए 208 और सिरसा के लिए 988 अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे। ऐसे में जींद से कुल 8632 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। शाम के समय हिसार से 2184, कैथल से 624, करनाल से 1300, कुरुक्षेत्र से 832, सिरसा से 1664 परीक्षा देकर वापस लौटे। नरवाना बस अड्डे पर हिसार से 728, कैथल से 416, करनाल से 312, कुरुक्षेत्र से 416 और सिरसा से 728 अभ्यर्थी वापस लौटे। इसके अलावा सफीदों में हिसार से 364, कैथल से 156, करनाल से 156, कुरुक्षेत्र से 260, सिरसा से 416 अभ्यार्थी परीक्षा देकर लौटे। शाम के समय कुल 10556 अभ्यर्थी जिले में वापस पहुंचे।
कुरुक्षेत्र के लिए चली 4:10 बजे पैसेंजर ट्रेन
अलसुबह ही जींद और नरवाना जंक्शन पर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ जमा थी। जिन अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र कुरुक्षेत्र, लाडवा, करनाल था। वह अभ्यर्थी जंक्शन से सुबह 4 बजकर 10 मिनट पर चलने वाली ट्रेन में कुुरुक्षेत्र के लिए रवाना हुए। इस पैसेंजर ट्रेन में जींद से ही काफी संख्या में अभ्यर्थी रवाना हो गए थे। उसके बाद नरवाना जंक्शन से भी भारी मात्रा में अभ्यार्थी सवार हुए। इसको लेकर पैसेंजर ट्रेन पूरी खचाखच भर गई थी, जिससे पैसेंजर ट्रेन में पांव रखने की जगह भी नहीं थी। सुरक्षा और चौकसी को लेकर राजकीय रेलवे पुलिस के जवान तैनात थे। इसके बाद 8 बजकर 30 मिनट पर दूसरे पैसेंजर ट्रेन कुरुक्षेत्र के लिए रवाना हुई। उसमें भी काफी संख्या में अभ्यर्थी सवार हुए। नरवाना जंक्शन से भी अभ्यर्थी कुरुक्षेत्र के लिए रवाना हुए।
शनिवार और रविवार को आयोजित सीईटी में केंद्रों तक पहुुंचाने के लिए अभ्यर्थियों को कोई परेशानी नहीं हुई। दोनों दिन रोडवेज कर्मचारियों की डयूटी लगाकर अभ्यार्थियों को बसों में बैठाकर परीक्षा केंद्रों के लिए रवाना किया गया। अभ्यर्थियों को ले जाने के लिए पहले ही बसों की अतिरिक्त व्यवस्था की हुई थी।
-अशोक कौशिक, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो जींद।