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Jind News: नागरिक अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे बंद, कभी भी बंद हो सकती है लिफ्ट
Sun, 17 Sep 2023 12:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 17 Sep 2023 12:04 AM IST
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16जेएनडी20 : नागरिक अस्पताल में बजट के अभाव में बंद पड़ा ऑक्सीजन प्लांट। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। नागरिक अस्पताल में विद्युत उपकरणों की देखरेख करने वाली कंपनी के ठेके की अवधि खत्म हो चुकी है। इस कंपनी को साढ़े 32 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया जा सका है। इसकी वजह से एक साल से विद्युत उपकरणों की सर्विस नहीं हो पाई है। ऐसे में कभी भी अस्पताल में बिजली की समस्या पैदा हो सकती है। अगर अस्पताल की लिफ्ट बंद हुई को समस्या पैदा हो जाएगी। वैसे भी सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं। ऑक्सीजन प्लांट भी कई महीने से बंद है।
नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग में बिजली उपकरणों को सुचारू रखने की जिम्मेदारी जिस एजेंसी पर है, उसका कांट्रेक्ट खत्म हो चुका है। ठेके का एक साल से नवीनीकरण नहीं हो पाया है। इसके लिए एजेंसी को 32 लाख 41 हजार रुपये का बजट चाहिए। प्रधान चिकित्सा अधिकारी ने पिछले साल यह बजट मांगा था, लेकिन अभी तक नहीं मिला। एजेंसी की ओर से काम नहीं करने के कारण अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे बंद हो चुके हैं। ऑक्सीजन प्लांट भी बंद हो चुका है। यहां लगा ऑक्सीजन टैंक कभी भी जवाब दे सकता है, क्योंकि इसकी भी सर्विस होनी है। इस कारण अस्पताल की सांसें कभी भी बंद हो सकती हैं।
छह साल पहले बनी नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग में 100 बेड की व्यवस्था है। इस अस्पताल में लिफ्ट भी लगी हुई है। इसके अलावा एक जनरेटर सेट और अन्य बिजली संबंधी अनेक उपकरण लगे हैं। जब बिल्डिंग का निर्माण हुआ था, उस समय सभी बिजली उपकरणों को सुचारू रखने का कार्य पीडब्ल्यूडी ने एक एजेंसी को दिया था। यह एजेंसी हर वर्ष नागरिक अस्पताल के सभी उपकरणों को सुचारू रखने, समय-समय पर उनकी सर्विस करने या कोई उपकरण बदलने की एवज में एक निश्चित राशि लेती है। जैसे-जैसे महंगाई बढ़ती है, यह राशि भी बढ़ती रहती है। पिछले साल अक्तूबर में ही इस एजेंसी का कांट्रेक्ट पैसे नहीं मिलने के कारण खत्म हो चुका है। इसके कारण एजेंसी ने काम करना बंद कर दिया है। एक साल से ऐसे ही काम चल रहा है। अब एजेंसी का कांट्रेक्ट सुचारू रखने के लिए 32 लाख 41 हजार रुपये का बजट चाहिए।
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अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे बंद हो चुके हैं। ऐसे में यदि कोई घटना होती है तो आरोपियों को पहचाना नहीं जा सकता। इसके अलावा जनरेटर सेट भी सर्विस मांग रहा है। यह कभी भी बंद हो सकता है। अस्पताल में चल रही लिफ्ट कभी भी बंद हो सकती है।
बॉक्स
ऑक्सीजन प्लांट भी पड़ा है बंद
प्रधानमंत्री केयर फंड से नागरिक अस्पताल में लगा ऑक्सीजन प्लांट भी बंद पड़ा है। इसी बजट से इस ऑक्सीजन प्लांट की भी सर्विस होनी है। वहीं अस्पताल में एक ऑक्सीजन टैंक है। इसकी भी सर्विस होनी है। फिलहाल यह चालू हालात में है, यदि जल्द इसकी सर्विस नहीं हुई तो यह भी बंद हो सकता है।
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हरियाणा मेडिकल सर्विस कारपोरेशन से वार्षिक मरम्मत अनुबंध को सुचारू रखने के लिए 32 लाख 41 हजार रुपये के बजट पिछले वर्ष की गई थी। अभी तक बजट नहीं मिला है। सीसीटीवी फुटेज को छोड़कर सभी उपकरण फिलहाल चल रहे हैं। जल्द ही बजट मिल जाएगा।-डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस नागरिक अस्पताल।
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जींद। नागरिक अस्पताल में विद्युत उपकरणों की देखरेख करने वाली कंपनी के ठेके की अवधि खत्म हो चुकी है। इस कंपनी को साढ़े 32 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया जा सका है। इसकी वजह से एक साल से विद्युत उपकरणों की सर्विस नहीं हो पाई है। ऐसे में कभी भी अस्पताल में बिजली की समस्या पैदा हो सकती है। अगर अस्पताल की लिफ्ट बंद हुई को समस्या पैदा हो जाएगी। वैसे भी सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं। ऑक्सीजन प्लांट भी कई महीने से बंद है।
नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग में बिजली उपकरणों को सुचारू रखने की जिम्मेदारी जिस एजेंसी पर है, उसका कांट्रेक्ट खत्म हो चुका है। ठेके का एक साल से नवीनीकरण नहीं हो पाया है। इसके लिए एजेंसी को 32 लाख 41 हजार रुपये का बजट चाहिए। प्रधान चिकित्सा अधिकारी ने पिछले साल यह बजट मांगा था, लेकिन अभी तक नहीं मिला। एजेंसी की ओर से काम नहीं करने के कारण अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे बंद हो चुके हैं। ऑक्सीजन प्लांट भी बंद हो चुका है। यहां लगा ऑक्सीजन टैंक कभी भी जवाब दे सकता है, क्योंकि इसकी भी सर्विस होनी है। इस कारण अस्पताल की सांसें कभी भी बंद हो सकती हैं।
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छह साल पहले बनी नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग में 100 बेड की व्यवस्था है। इस अस्पताल में लिफ्ट भी लगी हुई है। इसके अलावा एक जनरेटर सेट और अन्य बिजली संबंधी अनेक उपकरण लगे हैं। जब बिल्डिंग का निर्माण हुआ था, उस समय सभी बिजली उपकरणों को सुचारू रखने का कार्य पीडब्ल्यूडी ने एक एजेंसी को दिया था। यह एजेंसी हर वर्ष नागरिक अस्पताल के सभी उपकरणों को सुचारू रखने, समय-समय पर उनकी सर्विस करने या कोई उपकरण बदलने की एवज में एक निश्चित राशि लेती है। जैसे-जैसे महंगाई बढ़ती है, यह राशि भी बढ़ती रहती है। पिछले साल अक्तूबर में ही इस एजेंसी का कांट्रेक्ट पैसे नहीं मिलने के कारण खत्म हो चुका है। इसके कारण एजेंसी ने काम करना बंद कर दिया है। एक साल से ऐसे ही काम चल रहा है। अब एजेंसी का कांट्रेक्ट सुचारू रखने के लिए 32 लाख 41 हजार रुपये का बजट चाहिए।
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अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे बंद हो चुके हैं। ऐसे में यदि कोई घटना होती है तो आरोपियों को पहचाना नहीं जा सकता। इसके अलावा जनरेटर सेट भी सर्विस मांग रहा है। यह कभी भी बंद हो सकता है। अस्पताल में चल रही लिफ्ट कभी भी बंद हो सकती है।
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ऑक्सीजन प्लांट भी पड़ा है बंद
प्रधानमंत्री केयर फंड से नागरिक अस्पताल में लगा ऑक्सीजन प्लांट भी बंद पड़ा है। इसी बजट से इस ऑक्सीजन प्लांट की भी सर्विस होनी है। वहीं अस्पताल में एक ऑक्सीजन टैंक है। इसकी भी सर्विस होनी है। फिलहाल यह चालू हालात में है, यदि जल्द इसकी सर्विस नहीं हुई तो यह भी बंद हो सकता है।
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हरियाणा मेडिकल सर्विस कारपोरेशन से वार्षिक मरम्मत अनुबंध को सुचारू रखने के लिए 32 लाख 41 हजार रुपये के बजट पिछले वर्ष की गई थी। अभी तक बजट नहीं मिला है। सीसीटीवी फुटेज को छोड़कर सभी उपकरण फिलहाल चल रहे हैं। जल्द ही बजट मिल जाएगा।-डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस नागरिक अस्पताल।