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Jind News: निर्माण मजदूर का रद्द किया गया पंजीकरण हुआ बहाल
Thu, 27 Mar 2025 12:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 27 Mar 2025 12:03 AM IST
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26जेएनडी12-मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपते हुए भवन निर्माण कामगार यूनियन के सदस्य। स्रोत यूनियन
जींद। भवन निर्माण कामगार यूनियन ने मंगलवार को श्रम विभाग के असिस्टेंट वेलफेयर अधिकारी (एडब्ल्यूओ) दीपक वर्मा के माध्यम से श्रम आयुक्त और बोर्ड सचिव को ज्ञापन सौंपा। इसमें उनकी मांग पूरी करने के लिए आभार भी जताया और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की।
यूनियन के जिला सचिव संदीप जाजवान और राज्य सचिव कपूर सिंह ने कहा कि 22 जनवरी को हरियाणा की सरकार व कल्याण बोर्ड की ओर से 50 हजार मजदूरों का पंजीकरण रद्द कर दिया गया था। इसके खिलाफ भवन निर्माण कामगार यूनियन ने प्रदेश में आंदोलन करते हुए राज्य के श्रम मंत्री आवास पर भी प्रदर्शन किया था और पंजीकरण बहाल करने की मांग की थी। पंजीकरण बहाल होना यूनियन की जीत है, लेकिन बोर्ड में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। पंजीकरण बहाल होते ही बुधवार को श्रम कल्याण बोर्ड की ओर से कई प्रकार की आपत्तियां लगा दी गई हैं। इसमें छात्रवृत्ति के आवेदनों पर आपत्ति लगा रहे हैं। इसलिए अनाप शनाप शर्त और आपत्ति नहीं लगाई जाए। उन्होंने कहा कि जींद में निर्माण मजदूरों के लिए सचिवालय पर खोली गई कैंटीन का स्थान बदलकर लेबर चौक पर किया जाए। हिसार उपनिदेशक ने आश्वासन दिया था कि कैंटीन की जगह बदल दी जाएगी, लेकिन हालत अब भी वैसी ही है। इसलिए जल्द फैसला लेकर यूनियन आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में 20 लाख के करीब निर्माण के मजदूर हैं, जिनमें से अभी तक 10 लाख मजदूर ही पंजीकृत हुए हैं। पंजीकृत निर्माण मजदूरों के 90 दिन की वेरिफिकेशन का अधिकार यूनियनों को दिया जाए, ताकि मजदूर की लूट बंद हो। ऑनलाइन के नाम पर मजदूरों की लूट बंद हो। परिवार पहचान पत्र के नाम पर मजदूरों के लाभ ना रोके जाएं। प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण बिना किसी शर्त किया जाए, उसके लिए कैंप लगाए जाए।
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यूनियन के जिला सचिव संदीप जाजवान और राज्य सचिव कपूर सिंह ने कहा कि 22 जनवरी को हरियाणा की सरकार व कल्याण बोर्ड की ओर से 50 हजार मजदूरों का पंजीकरण रद्द कर दिया गया था। इसके खिलाफ भवन निर्माण कामगार यूनियन ने प्रदेश में आंदोलन करते हुए राज्य के श्रम मंत्री आवास पर भी प्रदर्शन किया था और पंजीकरण बहाल करने की मांग की थी। पंजीकरण बहाल होना यूनियन की जीत है, लेकिन बोर्ड में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। पंजीकरण बहाल होते ही बुधवार को श्रम कल्याण बोर्ड की ओर से कई प्रकार की आपत्तियां लगा दी गई हैं। इसमें छात्रवृत्ति के आवेदनों पर आपत्ति लगा रहे हैं। इसलिए अनाप शनाप शर्त और आपत्ति नहीं लगाई जाए। उन्होंने कहा कि जींद में निर्माण मजदूरों के लिए सचिवालय पर खोली गई कैंटीन का स्थान बदलकर लेबर चौक पर किया जाए। हिसार उपनिदेशक ने आश्वासन दिया था कि कैंटीन की जगह बदल दी जाएगी, लेकिन हालत अब भी वैसी ही है। इसलिए जल्द फैसला लेकर यूनियन आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में 20 लाख के करीब निर्माण के मजदूर हैं, जिनमें से अभी तक 10 लाख मजदूर ही पंजीकृत हुए हैं। पंजीकृत निर्माण मजदूरों के 90 दिन की वेरिफिकेशन का अधिकार यूनियनों को दिया जाए, ताकि मजदूर की लूट बंद हो। ऑनलाइन के नाम पर मजदूरों की लूट बंद हो। परिवार पहचान पत्र के नाम पर मजदूरों के लाभ ना रोके जाएं। प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण बिना किसी शर्त किया जाए, उसके लिए कैंप लगाए जाए।
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