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Jind News: 14 स्कूली बसों में नहीं मिले कैमरे, जीपीएस और अग्निशमन यंत्र
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22जेएनडी19-एक निजी स्कूल की बस में खामी मिलने पर कार्रवाई करती टीम। संवाद
जींद। निजी स्कूलों की बसें सुरक्षित वाहन पॉलिसी के नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रही हैं। स्कूल बसों में कैमरे, जीपीएस, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स भी नहीं है। यह खुलासा बुधवार को आरटीए और यातायात पुलिस की टीम की जांच में हुआ है। संयुक्त टीम ने बुधवार को सफीदों हलके में अलग-अलग निजी स्कूलों की 49 बसों की व्यवस्था जांची। इनमें 14 बसें ऐसी मिली, जिनमें कैमरे, जीपीएस, अग्निशमन यंत्र नहीं थे। यह बसें सुरक्षित वाहन पॉलिसी के तहत नियमों को ताक पर रखकर चलाई जा रही थी।
वहीं, टीम ने अकाल अकादमी की एक बस की समय सीमा पूरी हो चुकी है, लेकिन इस बस को भी सड़कों पर दौड़ाया जा रहा था। टीम ने इस बस को इंपाउंड कर दिया है। बुधवार को परिवहन निरीक्षक जगमोहन, सन्नी, उप निरीक्षक विकास और यातायात पुलिस के सब इंस्पेक्टर जगबीर सिंह की संयुक्त टीम ने सफीदों में निजी बसों की फिटनेस को लेकर चेकिंग अभियान चलाया। इसको लेकर निजी स्कूलों में हड़कंप मच गया। टीम ने निजी बसों के कागजात चेक किए।
इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, रूट प्लेट व टाइमिंग, बीमा, लाइसेंस, चालक और परिचालक ड्रेस और आईडी कार्ड, स्पीड गवर्नर, आवश्यक हेल्पलाइन नंबर, एग्जिट गेट की भी जांच की गई। इस दौरान 14 बसें ऐसी पाई गईं, जिनमें कैमरे, जीपीएस, अग्निशमन यंत्र, फस्र्ट एड बॉक्स, रूट प्लेट नहीं थी। इस पर उन बसों का 22 हजार का चालान किया गया। वहीं, अकाल अकादमी बस की समय सीमा पूरी होने पर उसे इंपाउंड कर लिया गया, क्योंकि दिल्ली एनसीआर में डीजल की गाड़ियों की समय सीमा दस साल तक है।
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पिछले दिनों आरटीए ने सभी स्कूल संचालकों से आह्वान किया था कि वो अपनी स्कूल बसों का सुरक्षित वाहन पॉलिसी के तहत ही संचालन करें। इसके अलावा अभिभावकों को भी अवैध वाहन जैसे ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा व वैन इत्यादि वाहनों में बच्चों को न बैठाने बारे आह्वान किया था।
वर्जन
आरटीए और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने निजी स्कूलों की 49 बसों की जांच की, जिनमें 14 बसों में कई खामी मिली। इन बसों के 22 हजार रुपये के चालान किए गए हैं। वहीं, एक अकादमी की बस की समय सीमा पूरी होने के बाद भी चलाने पर उसे जब्त किया गया है।
-- गिरीश कुमार, जिला परिवहन अधिकारी, जींद
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वहीं, टीम ने अकाल अकादमी की एक बस की समय सीमा पूरी हो चुकी है, लेकिन इस बस को भी सड़कों पर दौड़ाया जा रहा था। टीम ने इस बस को इंपाउंड कर दिया है। बुधवार को परिवहन निरीक्षक जगमोहन, सन्नी, उप निरीक्षक विकास और यातायात पुलिस के सब इंस्पेक्टर जगबीर सिंह की संयुक्त टीम ने सफीदों में निजी बसों की फिटनेस को लेकर चेकिंग अभियान चलाया। इसको लेकर निजी स्कूलों में हड़कंप मच गया। टीम ने निजी बसों के कागजात चेक किए।
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इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, रूट प्लेट व टाइमिंग, बीमा, लाइसेंस, चालक और परिचालक ड्रेस और आईडी कार्ड, स्पीड गवर्नर, आवश्यक हेल्पलाइन नंबर, एग्जिट गेट की भी जांच की गई। इस दौरान 14 बसें ऐसी पाई गईं, जिनमें कैमरे, जीपीएस, अग्निशमन यंत्र, फस्र्ट एड बॉक्स, रूट प्लेट नहीं थी। इस पर उन बसों का 22 हजार का चालान किया गया। वहीं, अकाल अकादमी बस की समय सीमा पूरी होने पर उसे इंपाउंड कर लिया गया, क्योंकि दिल्ली एनसीआर में डीजल की गाड़ियों की समय सीमा दस साल तक है।
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पिछले दिनों आरटीए ने सभी स्कूल संचालकों से आह्वान किया था कि वो अपनी स्कूल बसों का सुरक्षित वाहन पॉलिसी के तहत ही संचालन करें। इसके अलावा अभिभावकों को भी अवैध वाहन जैसे ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा व वैन इत्यादि वाहनों में बच्चों को न बैठाने बारे आह्वान किया था।
वर्जन
आरटीए और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने निजी स्कूलों की 49 बसों की जांच की, जिनमें 14 बसों में कई खामी मिली। इन बसों के 22 हजार रुपये के चालान किए गए हैं। वहीं, एक अकादमी की बस की समय सीमा पूरी होने के बाद भी चलाने पर उसे जब्त किया गया है।

22जेएनडी19-एक निजी स्कूल की बस में खामी मिलने पर कार्रवाई करती टीम। संवाद