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Jind News: स्वयं सहायता समूह से जुड़कर मोनिका बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
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30जेएनडी22: मोनिका स्वयं सहायता टीम के साथ बनाई गई वस्तुओं को दिखाते हुए। संवाद
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रामराय। रामराय गांव की रहने वाली मोनिका ने शहरी विकास स्वयं सहायता समूह से जुड़कर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली मोनिका आज मिट्टी के बर्तनों के सफल व्यवसाय के जरिए अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं।
मोनिका ने बताया कि शुरुआत में मिट्टी के गिलास, प्लेट, फिल्टर और अन्य घरेलू बर्तन बनाना उनका शौक था लेकिन स्वयं सहायता समूह और नगर परिषद के सहयोग से यही शौक आज आजीविका का मजबूत साधन बन गया।
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वह स्वयं उत्पाद तैयार करने के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी मिट्टी के बर्तन मंगवाकर उनकी बिक्री कर रही हैं। मोनिका का कहना है कि स्वयं सहायता समूह से उन्हें प्रशिक्षण, व्यवसाय प्रबंधन और विपणन संबंधी मार्गदर्शन मिला, जिससे कारोबार को आगे बढ़ाने में काफी मदद मिली। अब वह आसपास के क्षेत्रों में भी अपने उत्पाद बेच रही हैं और भविष्य में अधिक से अधिक महिलाओं को इस व्यवसाय से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना चाहती हैं।
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20 हजार महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं
देश में वर्तमान में करीब 1880 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं और लगभग 20 हजार महिलाएं जुड़ी हुई हैं। ये महिलाएं मिट्टी के बर्तन, मसाले, जूट बैग, स्कूल बैग, खिलौने सहित विभिन्न उत्पाद तैयार कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।