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Jind News: मधुमक्खी पालकों के लिए शहद के लिए भावांतर भरपाई योजना लागू
Mon, 23 Mar 2026 02:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 23 Mar 2026 02:34 AM IST
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जींद। हरियाणा सरकार ने कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने और मधुमक्खी पालकों की आय सुरक्षित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि सरकार ने भावांतर भरपाई योजना के तहत अब शहद के लिए भी संरक्षित मूल्य निर्धारित किया है।
यह निर्णय न केवल किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाएगा बल्कि मधुमक्खी पालन जैसे सहायक व्यवसायों को नई मजबूती प्रदान करेगा। डीसी ने कहा कि योजना का लाभ उठाने के लिए मधुमक्खी पालकों को मधुक्रांति पोर्टल और भावांतर भरपाई योजना पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
पंजीकरण की प्रक्रिया एक जनवरी से शुरू हो चुकी है और इसकी अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि लाभ प्राप्त करने के लिए हरियाणा राज्य की सीमा के भीतर भौतिक सत्यापन कराना होगा जो परिवार पहचान पत्र और बैंक विवरण के आधार पर किया जाएगा।
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डीसी ने कहा कि मधुमक्खी पालन न केवल आय का स्रोत है, बल्कि यह परागण के माध्यम से फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में भी सहायक है।
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यह निर्णय न केवल किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाएगा बल्कि मधुमक्खी पालन जैसे सहायक व्यवसायों को नई मजबूती प्रदान करेगा। डीसी ने कहा कि योजना का लाभ उठाने के लिए मधुमक्खी पालकों को मधुक्रांति पोर्टल और भावांतर भरपाई योजना पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
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पंजीकरण की प्रक्रिया एक जनवरी से शुरू हो चुकी है और इसकी अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि लाभ प्राप्त करने के लिए हरियाणा राज्य की सीमा के भीतर भौतिक सत्यापन कराना होगा जो परिवार पहचान पत्र और बैंक विवरण के आधार पर किया जाएगा।
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डीसी ने कहा कि मधुमक्खी पालन न केवल आय का स्रोत है, बल्कि यह परागण के माध्यम से फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में भी सहायक है।