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Jind News: दलित, पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के हितों से छल
Sun, 07 Dec 2025 01:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 07 Dec 2025 01:10 AM IST
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06जेएनडी14 : रामेश्वर पहलवान।
जींद। इंडियन नेशनल लोकदल के एससी सेल के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर पहलवान ने भाजपा सरकार पर दलित, पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग सभी समुदायों के हितों के साथ छल करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में एचपीएससी द्वारा कॉलेज कैडर के 613 असिस्टेंट प्रोफेसर (अंग्रेजी) पदों के लिए आयोजित परीक्षा का परिणाम बेहद चौंकाने वाला रहा। लगभग 2200 उम्मीदवारों में से 151 उम्मीदवार तक न्यूनतम 35 प्रतिशत अंक भी प्राप्त नहीं कर सके। उन्होंने बताया कि डीएससी के 60 में से एक ओएससी के 60 में से दो, बीसीए के 85 में से तीन, बीसीबी के 36 में से पांच, ईडब्ल्यूएस के 60 में से छह और जनरल कैटेगरी के 312 में से केवल 134 उम्मीदवार पास हुए हैं।
पहलवान ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी एचसीएस, एडीओ, पीजीटी और लेक्चरर सहित कई भर्ती परीक्षाओं में 50 से 70 प्रतिशत पद खाली छोड़ दिए गए है। उन्होंने कहा कि जिस हरियाणा के युवा यूपीएससी पास कर आईएएस-आईपीएस बनते हैं, नेट-जेआरएफ में स्थान प्राप्त करते हैं, वही युवा एक असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा न पास कर सकें यह बिल्कुल अविश्वसनीय है और एक गहरी साजिश की ओर इशारा करती है। उनके अनुसार यह प्रक्रिया बाहर के राज्यों के उम्मीदवारों को हरियाणा की सरकारी नौकरियों में स्थायी रूप से जगह देने का षड्यंत्र है। उन्होंने दावा किया कि अनुसूचित जाति और पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित सीटें जानबूझकर खाली छोड़ी जा रही हैं, ताकि भविष्य में इन्हें समाप्त करने का बहाना तैयार किया जा सके।
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उन्होंने कहा कि हाल ही में एचपीएससी द्वारा कॉलेज कैडर के 613 असिस्टेंट प्रोफेसर (अंग्रेजी) पदों के लिए आयोजित परीक्षा का परिणाम बेहद चौंकाने वाला रहा। लगभग 2200 उम्मीदवारों में से 151 उम्मीदवार तक न्यूनतम 35 प्रतिशत अंक भी प्राप्त नहीं कर सके। उन्होंने बताया कि डीएससी के 60 में से एक ओएससी के 60 में से दो, बीसीए के 85 में से तीन, बीसीबी के 36 में से पांच, ईडब्ल्यूएस के 60 में से छह और जनरल कैटेगरी के 312 में से केवल 134 उम्मीदवार पास हुए हैं।
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पहलवान ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी एचसीएस, एडीओ, पीजीटी और लेक्चरर सहित कई भर्ती परीक्षाओं में 50 से 70 प्रतिशत पद खाली छोड़ दिए गए है। उन्होंने कहा कि जिस हरियाणा के युवा यूपीएससी पास कर आईएएस-आईपीएस बनते हैं, नेट-जेआरएफ में स्थान प्राप्त करते हैं, वही युवा एक असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा न पास कर सकें यह बिल्कुल अविश्वसनीय है और एक गहरी साजिश की ओर इशारा करती है। उनके अनुसार यह प्रक्रिया बाहर के राज्यों के उम्मीदवारों को हरियाणा की सरकारी नौकरियों में स्थायी रूप से जगह देने का षड्यंत्र है। उन्होंने दावा किया कि अनुसूचित जाति और पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित सीटें जानबूझकर खाली छोड़ी जा रही हैं, ताकि भविष्य में इन्हें समाप्त करने का बहाना तैयार किया जा सके।
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