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Jind News: बड़ा बीड़ वन क्षेत्र जंगली जंतुओं की सुरक्षा के लिए बनेगी हांसी रोड पर दोनों तरफ दीवार
Sun, 28 Sep 2025 11:39 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 28 Sep 2025 11:39 PM IST
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28जेएनडी01: देवीलाल चौक से टेंडरी मोड की तरफ जाने वाली सड़क जिसके दोनों तरफ दीवार के निर्माण का
जींद। शहर के बड़ा बीड़ वन क्षेत्र में जंगली जंतुओं की सुरक्षा और सड़क हादसों को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। वन विभाग ने हांसी रोड पर दोनों ढाई किलोमीटर लंबी दीवार बनाने का निर्णय लिया है। इस परियोजना का अनुमानित बजट एक करोड़ रुपये है। इसका मुख्य उद्देश्य जंगली जानवरों को सड़क पर आने से रोकना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
वाइल्ड लाइफ विभाग का यह कदम न केवल वन्य जीवों की रक्षा करेगा बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में भी सहायक होगा। बड़ा बीड़ वन क्षेत्र शहर का एक महत्वपूर्ण स्थल है जो विभिन्न प्रजातियों के जंगली जंतुओं का घर है। इनमें रोज, गीदड़, सेह, कोबरा, तीतर, सांभर, चीतल समेत अन्य कई तरह के छोटे-बड़े जीव शामिल हैं।
यह क्षेत्र जैव-विविधता के संरक्षण के लिए जाना जाता है लेकिन हांसी रोड के आसपास बढ़ते यातायात और मानवीय गतिविधियों के कारण जंगली जानवरों के लिए खतरा बढ़ गया है। अक्सर यह जानवर सड़क पर भटक जाते हैं। इससे वाहनों के साथ उनकी टक्कर हो जाती है। इससे न केवल जानवरों की जान को खतरा होता है बल्कि वाहन चालकों के लिए भी जोखिम पैदा होता है।
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वाइल्ड लाइफ विभाग के अनुसार हांसी रोड पर वन क्षेत्र के दोनों ओर दीवार बनाना एक प्रभावी समाधान हो सकता है। इस दीवार की लंबाई दोनों तरफ ढाई किलोमीटर होगी जो वन क्षेत्र के मुख्य हिस्से को कवर करेगी। दीवार की ऊंचाई और मजबूती इस तरह होगी कि जंगली जानवर इसे पार न कर सकें।
इसके साथ ही दीवार के डिजाइन में पर्यावरणीय संतुलन का भी ध्यान रखा जाएगा ताकि वन क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और पारिस्थितिकी तंत्र पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इस परियोजना के लिए एक करोड़ रुपये का बजट अनुमानित किया गया है। दीवार के निर्माण के दौरान समुदाय और पर्यावरण विशेषज्ञों की राय भी ली जाएगी ताकि परियोजना को और प्रभावी बनाया जा सके।
शहरवासियों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। बड़ा बीड़ क्षेत्र के आसपास रहने वाले ग्रामीणों का कहना है कि जंगली जानवरों के सड़क पर आने से कई बार फसलों को भी नुकसान पहुंचता है। दीवार के निर्माण से न केवल जानवरों की सुरक्षा होगी बल्कि किसानों को भी राहत मिलेगी। इसके अलावा, सड़क हादसों में कमी आने से यातायात भी सुरक्षित होगा। दीवार के साथ-साथ जंगली जानवरों के लिए सुरक्षित गलियारे भी बनाए जा सकते हैं, ताकि उनकी आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध न लगे।
चालकों व पैदल राहगीरों का डर खत्म होगा
इस दीवार के निर्माण से रात के समय यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों व पैदल राहगीरों का डर खत्म होगा। फिलहाल यहां से रात के समय गुजरने में खतरा रहता है। यहां पर आपराधिक लोगाें का भी डर रहता है। पैदल और बाइक से गुजरने वालों के लिए यह बीड़ सबसे खतरनाक स्थान है।
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बड़ा बीड़ वन क्षेत्र में एक करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली ढाई किलोमीटर की दीवार से वन्य जीवों को तो सुरक्षा मिलेगी ही। साथ ही यहां से रात को गुजरने वाले वाहन चालकों का भी डर कम होगा। दीवार बनाने के प्रस्ताव का एस्टीमेट बनवाकर मुख्यालय को भेजा है। केंद्र सरकार ने प्रतिपूरक वनीकरण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (कैम्पा) स्कीम के तहत बजट का प्रावधान किया है।
-- मनबीर खटकड़, इंस्पेक्टर वाइल्ड लाइफ
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वाइल्ड लाइफ विभाग का यह कदम न केवल वन्य जीवों की रक्षा करेगा बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में भी सहायक होगा। बड़ा बीड़ वन क्षेत्र शहर का एक महत्वपूर्ण स्थल है जो विभिन्न प्रजातियों के जंगली जंतुओं का घर है। इनमें रोज, गीदड़, सेह, कोबरा, तीतर, सांभर, चीतल समेत अन्य कई तरह के छोटे-बड़े जीव शामिल हैं।
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यह क्षेत्र जैव-विविधता के संरक्षण के लिए जाना जाता है लेकिन हांसी रोड के आसपास बढ़ते यातायात और मानवीय गतिविधियों के कारण जंगली जानवरों के लिए खतरा बढ़ गया है। अक्सर यह जानवर सड़क पर भटक जाते हैं। इससे वाहनों के साथ उनकी टक्कर हो जाती है। इससे न केवल जानवरों की जान को खतरा होता है बल्कि वाहन चालकों के लिए भी जोखिम पैदा होता है।
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वाइल्ड लाइफ विभाग के अनुसार हांसी रोड पर वन क्षेत्र के दोनों ओर दीवार बनाना एक प्रभावी समाधान हो सकता है। इस दीवार की लंबाई दोनों तरफ ढाई किलोमीटर होगी जो वन क्षेत्र के मुख्य हिस्से को कवर करेगी। दीवार की ऊंचाई और मजबूती इस तरह होगी कि जंगली जानवर इसे पार न कर सकें।
इसके साथ ही दीवार के डिजाइन में पर्यावरणीय संतुलन का भी ध्यान रखा जाएगा ताकि वन क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और पारिस्थितिकी तंत्र पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इस परियोजना के लिए एक करोड़ रुपये का बजट अनुमानित किया गया है। दीवार के निर्माण के दौरान समुदाय और पर्यावरण विशेषज्ञों की राय भी ली जाएगी ताकि परियोजना को और प्रभावी बनाया जा सके।
शहरवासियों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। बड़ा बीड़ क्षेत्र के आसपास रहने वाले ग्रामीणों का कहना है कि जंगली जानवरों के सड़क पर आने से कई बार फसलों को भी नुकसान पहुंचता है। दीवार के निर्माण से न केवल जानवरों की सुरक्षा होगी बल्कि किसानों को भी राहत मिलेगी। इसके अलावा, सड़क हादसों में कमी आने से यातायात भी सुरक्षित होगा। दीवार के साथ-साथ जंगली जानवरों के लिए सुरक्षित गलियारे भी बनाए जा सकते हैं, ताकि उनकी आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध न लगे।
चालकों व पैदल राहगीरों का डर खत्म होगा
इस दीवार के निर्माण से रात के समय यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों व पैदल राहगीरों का डर खत्म होगा। फिलहाल यहां से रात के समय गुजरने में खतरा रहता है। यहां पर आपराधिक लोगाें का भी डर रहता है। पैदल और बाइक से गुजरने वालों के लिए यह बीड़ सबसे खतरनाक स्थान है।
बड़ा बीड़ वन क्षेत्र में एक करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली ढाई किलोमीटर की दीवार से वन्य जीवों को तो सुरक्षा मिलेगी ही। साथ ही यहां से रात को गुजरने वाले वाहन चालकों का भी डर कम होगा। दीवार बनाने के प्रस्ताव का एस्टीमेट बनवाकर मुख्यालय को भेजा है। केंद्र सरकार ने प्रतिपूरक वनीकरण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (कैम्पा) स्कीम के तहत बजट का प्रावधान किया है।