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Jind News: आयुष्मान और चिरायु कार्ड से निजी अस्पतालों में उपचार पर संकट के बादल गहराए

Sun, 17 Mar 2024 02:44 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Sun, 17 Mar 2024 02:44 AM IST
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Ayushman and Chirayu cards deepen the crisis over treatment in private hospitals
जींद। आयुष्मान और चिरायु कार्ड योजना से होने वाले उपचार का भुगतान न होने पर आईएमए ने इन योजनाओं से आने वाले मरीजों का उपचार करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। आईएमए ने निर्णय लिया है कि जब तक साढ़े तीन माह की अस्पतालों की बकाया भुगतान नहीं होता तो इन दोनों कार्डों पर किसी भी मरीज का इलाज नहीं करेंगे। इन दोनों कार्डों पर इलाज नहीं होने से जिले में लगभग एक लाख से ज्यादा कार्ड धारकों को बड़ी समस्या बनेगी।
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आईएमए के जिला प्रधान डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि जिले के विभिन्न अस्पताल जनता को आयुष्मान योजना के तहत आयुष्मान भारत के पैनल पर मरीजों को नि:शुल्क इलाज की सुविधा दे रहे हैं। इसके बाद भी अस्पतालों में बिलों में भारी कटौती होती है। देरी से भुगतान होता है।डॉक्टर्स से परामर्श किए बिना चिरायु और चिरायु विस्तार को शामिल करने की समस्याएं आ रही हैं। प्रदेश मीडिया सचिव डॉ. अजय गोयल ने कहा कि हरियाणा में करीब 300 करोड़ से अधिक राशि के बिल आयुष्मान के तहत सरकार के पास पेंडिंग हैं। उन्होंने बताया कि जिले में 16 अस्पताल आयुष्मान भारत पैनल से जुड़े हैं। जिनके करीब छह करोड़ रुपये के बिल अब तक बकाया चल रहे हैं। ऐसे में डॉक्टर्स के लिए अपने पास से मरीजों को लगातार सुविधा मुहैया करवाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि बकाया बिलों के रुपये की मांग को लेकर मुख्यमंत्री, एसीएस हेल्थ, सीईओ व ज्वाइंट सीईओ को भी ज्ञापन सौंप चुके हैं। इसके बावजूद भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही। काम बंद करने का नोटिस सीईओ आयुष्मान भारत को भी दिया जा चुका है।
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इलाज की बकाया पेमेंट की मांग को लेकर कई बार सरकार समेत अधिकारियों को नोटिस दे चुके थे, लेकिन कहीं पर सुनवाई नहीं होने के कारण वह इलाज बंद करने को मजबूर हैं। अगर सरकार ने जरूरतमंद लोगों की चिंता है तो वह जल्द उनकी बकाया राशि को जारी करवाए, ताकि वह मरीजों का योजनाओं के तहत सुचारू रूप से इलाज कर सकें।
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--डॉ. मनोज कुमार आईएमए जिला प्रधान जींद।
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