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Jind News: एशियन कुश्ती चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता मीनाक्षी का स्वागत
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फोटो :: दिल्ली में प्रशिक्षक अजय मलिक के साथ पहलवान मीनाक्षी। स्रोत प्रशिक्षक
सोनीपत। एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर लौटीं मीनाक्षी गोयत का सोमवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। परिवारजनों, प्रशिक्षक और खेल प्रेमियों ने फूल-मालाओं से मीनाक्षा का अभिनंदन किया।
मूलरूप से जींद की रहने वाली मीनाक्षी गोयत सोनीपत के गांव बड़वासनी स्थित कुलदीप मलिक कुश्ती अकादमी में प्रशिक्षण ले रही हैं। प्रशिक्षक अजय मलिक ने एयरपोर्ट पर पहुंचकर उनका स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
प्रशिक्षक ने बताया कि किर्गिजस्तान में हुई प्रतियोगिता के 53 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में मीनाक्षी का सामना चीन की विश्व चैंपियनशिप रजत पदक विजेता झांग जिन से हुआ। इस मुकाबले में उन्हें तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हार का सामना करना पड़ा।
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इससे पहले मीनाक्षी ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया की सियोयंग पार्क को 4-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। वहीं, क्वार्टर फाइनल में उज्बेकिस्तान की साकिबजमाल एस्बोसिनोवा को 15-4 के बड़े अंतर से हराया था।
मीनाक्षी ने पिछले महीने हुए राष्ट्रीय ट्रायल में विश्व पदक विजेता अंतिम पंघाल को हराकर भारतीय टीम में जगह बनाई थी। यह अंतिम पंघाल की तीन वर्षों में घरेलू स्तर पर पहली हार थी। इससे मीनाक्षी की प्रतिभा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
मीनाक्षी की इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी की लहर है। युवा खिलाड़ियों के लिए वह प्रेरणा बनकर उभरी हैं। मीनाक्षी को अकादमी के मुख्य प्रशिक्षक एवं भारतीय महिला कुश्ती टीम के पूर्व चीफ कोच कुलदीप मलिक भी बधाई दी है।
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मूलरूप से जींद की रहने वाली मीनाक्षी गोयत सोनीपत के गांव बड़वासनी स्थित कुलदीप मलिक कुश्ती अकादमी में प्रशिक्षण ले रही हैं। प्रशिक्षक अजय मलिक ने एयरपोर्ट पर पहुंचकर उनका स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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प्रशिक्षक ने बताया कि किर्गिजस्तान में हुई प्रतियोगिता के 53 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में मीनाक्षी का सामना चीन की विश्व चैंपियनशिप रजत पदक विजेता झांग जिन से हुआ। इस मुकाबले में उन्हें तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हार का सामना करना पड़ा।
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इससे पहले मीनाक्षी ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया की सियोयंग पार्क को 4-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। वहीं, क्वार्टर फाइनल में उज्बेकिस्तान की साकिबजमाल एस्बोसिनोवा को 15-4 के बड़े अंतर से हराया था।
मीनाक्षी ने पिछले महीने हुए राष्ट्रीय ट्रायल में विश्व पदक विजेता अंतिम पंघाल को हराकर भारतीय टीम में जगह बनाई थी। यह अंतिम पंघाल की तीन वर्षों में घरेलू स्तर पर पहली हार थी। इससे मीनाक्षी की प्रतिभा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
मीनाक्षी की इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी की लहर है। युवा खिलाड़ियों के लिए वह प्रेरणा बनकर उभरी हैं। मीनाक्षी को अकादमी के मुख्य प्रशिक्षक एवं भारतीय महिला कुश्ती टीम के पूर्व चीफ कोच कुलदीप मलिक भी बधाई दी है।