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तीन पहलवानों को हराकर ओलंपिक क्वालीफाई प्रतियोगिता में अंशू मलिक ने बनाई जगह
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अंशु मलिक।
- फोटो : Jind
निडानी गांव की रहने वाली 19 वर्षीय महिला पहलवान अंशु मलिक ने ओलंपिक क्वालीफाई प्रतियोगिता के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है। सोमवार को लखनऊ में हुई प्रतियोगिता में अंशु मलिक ने 57 किलोग्राम भार वर्ग में तीन पहलवानों को हराकर अपनी जगह बनाई है। अब अंशु मलिक 9 से 11 अप्रैल तक कजाकिस्तान में होने वाली ओलंपिक क्वालीफाई प्रतियोगिता में भाग लेंगी। अंशु मलिक इस प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन कर ओलंपिक के लिए अपना टिकट पक्का करने के लिए जीजान से मेहनत कर रही हैं।
अंशु मलिक ने बताया कि ओलंपिक क्वालीफाई प्रतियोगिता के लिए उनका पहला मुकाबला रेलवे की सरिता मोर के साथ हुआ। जिसमें उसने सरिता मोर को महज तीन मिनट में चित कर दिया। दूसरा मुकाबला रोहतक की पिंकी के साथ हुआ। उसने पिंकी को 10-0 से हराया। तीसरा मुकाबला रेलवे की ही खिलाड़ी ललिता के साथ हुआ। ललिता को भी 8-1 के अंतर से हराया।
कुश्ती विश्वकप में जीता था रजत पदक
पिछले साल दिसंबर में बेलग्रेड में हुई कुश्ती विश्वकप प्रतियोगिता में देश के लिए रजत पदक जीता था। पहले से अच्छा तैयारी और विश्वकप में जीत के बाद अंशु मलिक के हौसले बुलंद हैं। ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि ओलंपिक के लिए भी वे अपना टिकट पक्का कर लेंगी।
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लॉकडाउन को बनाया अवसर
अशुं मलिक के पिता व अपने जमाने के जानेमाने पहलवान धर्मबीर मलिक के अनुसार अंशु ने लॉकडाउन के दौरान मौके का पूरा फायदा उठाया। घर पर व खेल स्कूल निडानी में लगातार अभ्यास किया। यहां कोच जगदीश श्योराण व दलीप सिंह मलिक ने तकनीक के साथ हौसला भी दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व डीजीपी महेंद्र सिंह मलिक की प्रेरणा से अब अंशु मलिक ओलंपिक के लिए तैयार है।
ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना लक्ष्य
ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना मुख्य लक्ष्य है। इसके लिए मैं कड़ी मेहनत कर रही हूं।
अंशु मलिक, अंतरराष्ट्रीय पहलवान।
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अंशु मलिक ने बताया कि ओलंपिक क्वालीफाई प्रतियोगिता के लिए उनका पहला मुकाबला रेलवे की सरिता मोर के साथ हुआ। जिसमें उसने सरिता मोर को महज तीन मिनट में चित कर दिया। दूसरा मुकाबला रोहतक की पिंकी के साथ हुआ। उसने पिंकी को 10-0 से हराया। तीसरा मुकाबला रेलवे की ही खिलाड़ी ललिता के साथ हुआ। ललिता को भी 8-1 के अंतर से हराया।
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कुश्ती विश्वकप में जीता था रजत पदक
पिछले साल दिसंबर में बेलग्रेड में हुई कुश्ती विश्वकप प्रतियोगिता में देश के लिए रजत पदक जीता था। पहले से अच्छा तैयारी और विश्वकप में जीत के बाद अंशु मलिक के हौसले बुलंद हैं। ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि ओलंपिक के लिए भी वे अपना टिकट पक्का कर लेंगी।
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लॉकडाउन को बनाया अवसर
अशुं मलिक के पिता व अपने जमाने के जानेमाने पहलवान धर्मबीर मलिक के अनुसार अंशु ने लॉकडाउन के दौरान मौके का पूरा फायदा उठाया। घर पर व खेल स्कूल निडानी में लगातार अभ्यास किया। यहां कोच जगदीश श्योराण व दलीप सिंह मलिक ने तकनीक के साथ हौसला भी दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व डीजीपी महेंद्र सिंह मलिक की प्रेरणा से अब अंशु मलिक ओलंपिक के लिए तैयार है।
ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना लक्ष्य
ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना मुख्य लक्ष्य है। इसके लिए मैं कड़ी मेहनत कर रही हूं।
अंशु मलिक, अंतरराष्ट्रीय पहलवान।