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सफाई, लावारिस पशु पकड़ने और फ्लैक्स हटवाने का काम आधे रेट में करने को तैयार अन्ना टीम

Fri, 08 Nov 2019 11:45 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 08 Nov 2019 11:45 PM IST
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anna team ready to work for cleaning, unclaimed animals and flax removal at half rate
सफाई व्यवस्था और लावारिस पशुओं को लेकर निशाने पर रहने वाली जींद नगर परिषद को अन्ना टीम ने ज्ञापन सौंपकर तय कीमतों से आधे में सभी काम करने का प्रस्ताव दिया है। इसके लिए अन्ना टीम ने मांग की है कि सोसायटी या फर्म के टर्न ओवर की शर्त हटाई जाए। टीम ने कहा कि अन्ना टीम एक स्वयंसेवी संस्था है। ऐसे में इसका कोई लेनदेन नहीं होता। इससे टर्न ओवर की शर्त पूरी नहीं की जा सकती।
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दरअसल शहर की सफाई का टेंडर लंबे समय से विवादों में फंसा हुआ है। इसके चलते चार माह से सफाई का काम ठीक से नहीं हो पा रहा है। हालांकि नगर परिषद तीन बार सफाई का ठेका देने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है, लेकिन यह सिरे नहीं चढ़ पा रही है। वहीं लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए टेंडर तो दिया जा चुका है, लेकिन फिर सड़कों से लावारिस पशुओं की संख्या कम नहीं हो रही है। ऐसे में अन्ना टीम के सदस्यों ने शुक्रवार को नगर परिषद के कार्यकारी सचिव सुखदेव को ज्ञापन सौंप कर टेंडर प्रक्रिया में बदलाव की मांग की।
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इन लोगों ने कहा कि वे तमाम काम आधे रेट में करने को तैयार हैं। ज्ञापन में कहा कि आउटसोर्सिंग के तहत करवाए जाने वाले सफाई कार्यों में फर्म की टर्न ओवर जैसी शर्तें हटाई जाएं। इससे अन्ना टीम भी सफाई का टेंडर भर सके। अन्ना टीम के सदस्य रविंदर बहबलपुर ने बताया कि टीम एक रजिस्टर्ड सामाजिक संस्था है और कई वर्षों से सफाई अभियान के तहत कार्य, नंदीशाला के निर्माण से लेकर नंदियों को नंदीशाला भिजवाने और अवैध रूप से लगे फ्लैक्स-पोस्टर उतरवाने और बाजारों से अतिक्रमण हटवाने के लिए काम कर रही है। अब यही कार्य नगर परिषद द्वारा ठेके पर दिया जा रहा है। इसे अन्ना टीम वर्तमान से आधी लागत पर करवा सकती है। टीम द्वारा किए जा रहे कार्यों के अनुभव व जींद शहर में दिल से किए गए कार्यों के आधार पर ही ठेके में कुछ शर्तों में बदलाव चाहती है। इस मौके पर सुनील वशिष्ठ, महाबीर हिंदू, प्रदीप चौहान, खिलाड़ी राम, विनोद सैनी व नकुल शर्मा उपस्थित रहे।
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माजरा खाप भी दे चुकी है प्रस्ताव
इससे पहले माजरा खाप भी नगर परिषद को तय कीमत से आधी राशि में लावारिस पशुओं को पकड़ने का ऑफर दे चुकी है। इसके लिए खाप के प्रधान महेंद्र सिंह रिढाल ने भी करीब दो महीने पहले प्रशासन को ज्ञापन दिया था।
486 रुपये में पकड़ा जाता है एक पशु
नगर परिषद ने फिलहाल लावारिस पशुओं को पकड़ने का टेंडर दिया हुआ है। इसके तहत 486 रुपये में एक पशु पकड़ा जाता है। अब तक 400 पशु पकड़े जा चुके हैं। यदि अन्ना टीम की यह मुहिम सिरे चढ़ती है तो नगर परिषद का प्रति माह 25 लाख रुपये बचेगा।
सिर्फ सफाई पर प्रति माह 42 लाख रुपये से अधिक का आता है खर्च
अन्ना टीम के सदस्य सुनील वशिष्ठ के अनुसार नगर परिषद ने शहर की सफाई करवाने के लिए प्रति माह 42 लाख रुपये का टेंडर दिया था। इसके अलावा लावारिस पशुओं को नंदीशाला में छुड़वाने व अवैध रूप से लगे पोस्टर व बैनर हटाने की राशि अलग है। ऐसे में अन्ना टीम ने महज 21 लाख रुपये में यह सभी काम करने का प्रस्ताव नगर परिषद को दिया है।

टेंडर की एक प्रक्रिया है, इसमें बदलाव संभव नहीं हैं। कोई भी फर्म नियमों को पूरा करते हुए टेंडर लगा सकती है। जिसका रेट कम होगा, उसे ही टेंडर दिया जाता है। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है और इसमें कोई भी छेड़खानी नहीं कर सकता।
पूनम सैनी, चेयरमैन, जींद नगर परिषद।
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