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Jind News: मेहनताना न मिलने पर मदर ग्रुप की महिलाओं में रोष
Mon, 29 Jan 2024 11:40 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 29 Jan 2024 11:40 PM IST
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29जेएनडी13: नगूरां गांव में रोष प्रकट करती मदर ग्रुप की महिलाएं। संवाद
अलेवा। लगभग एक साल से मेहनताना नहीं मिलने के चलते नगूरां आंगनबाड़ी केंद्र में काम करने वाली मदर ग्रुप की महिलाओं ने सोमवार को सरकार के खिलाफ रोष जताया।
नगूरां निवासी मदर ग्रुप की सुदेश, पूनम, बिमला, आशा, पूनम, सरोज, रामरति, प्रीति, ओमी, रतो, किरण, बीरो ने बताया कि वह काफी समय से आंगनबाड़ी केंद्रों पर मदर ग्रुप के रूप में काम कर रही हैं। मेहनताना के रूप में उनको प्रति बच्चा एक रुपये 60 पैसे मिलते हैं। इसमें सिलिंडर भरवाने से लेकर राशन पकाने तक उनका अपने घर से खर्चा होता है, लेकिन करीब एक साल से उनको मेहनताना के रूप में एक रुपया नहीं मिल रहा है। इससे उनको बच्चों का खाना बनाने के लिए सिलिंडर आदि भरवाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए कई बार विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवा चुके है पर उनकी किसी सुनवाई नहीं हो रही है। महिलाओं ने विभाग के उच्चाधिकारियों से उनका मेहनताना दिलवाने की मांग की है, ताकि उनको बच्चों को खाना आदि बनाने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बजट का इंतजार : सीडीपीओ
महिला एवं बाल विकास विभाग अलेवा की सीडीपीओ रामरति ने बताया कि हेड ऑफिस पंचकूला से बजट नहीं मिलने के कारण मदर ग्रुप की महिलाओं को करीब एक साल से मेहनताना नहीं मिला है। इसके लिए अब बजट का इंतजार है। बजट आते ही उनको मेहनताना दे दिया जाएगा।
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नगूरां निवासी मदर ग्रुप की सुदेश, पूनम, बिमला, आशा, पूनम, सरोज, रामरति, प्रीति, ओमी, रतो, किरण, बीरो ने बताया कि वह काफी समय से आंगनबाड़ी केंद्रों पर मदर ग्रुप के रूप में काम कर रही हैं। मेहनताना के रूप में उनको प्रति बच्चा एक रुपये 60 पैसे मिलते हैं। इसमें सिलिंडर भरवाने से लेकर राशन पकाने तक उनका अपने घर से खर्चा होता है, लेकिन करीब एक साल से उनको मेहनताना के रूप में एक रुपया नहीं मिल रहा है। इससे उनको बच्चों का खाना बनाने के लिए सिलिंडर आदि भरवाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए कई बार विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवा चुके है पर उनकी किसी सुनवाई नहीं हो रही है। महिलाओं ने विभाग के उच्चाधिकारियों से उनका मेहनताना दिलवाने की मांग की है, ताकि उनको बच्चों को खाना आदि बनाने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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बजट का इंतजार : सीडीपीओ
महिला एवं बाल विकास विभाग अलेवा की सीडीपीओ रामरति ने बताया कि हेड ऑफिस पंचकूला से बजट नहीं मिलने के कारण मदर ग्रुप की महिलाओं को करीब एक साल से मेहनताना नहीं मिला है। इसके लिए अब बजट का इंतजार है। बजट आते ही उनको मेहनताना दे दिया जाएगा।

29जेएनडी13: नगूरां गांव में रोष प्रकट करती मदर ग्रुप की महिलाएं। संवाद
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