फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   An AIIMS team conducted eye examinations for students and the general public at two schools and residential colonies.

Jind News: दो स्कूलों व कॉलोनियों में एम्स की टीम ने की विद्यार्थियों व आमजन की आंखों की जांच

Wed, 06 May 2026 12:48 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 06 May 2026 12:48 AM IST
विज्ञापन
An AIIMS team conducted eye examinations for students and the general public at two schools and residential colonies.
05जेएनडी27: अग्रसेन स्कूल में आंखों की जांच करती एम्स की टीम। स्रोत : टीम - फोटो : 1
जींद। अंधता निवारण पायलट प्रोजेक्ट के तहत आंखों की जांच के अभियान के दूसरे दिन एम्स की टीम ने महाराजा अग्रसेन स्कूल व भिवानी रोड पर बाल आश्रम स्कूल में बच्चों की आखों की जांच की। इसके अलावा इन दोनों क्षेत्रों के आसपास कॉलोनियों में 18 वर्ष से आयु के ज्यादा के लोगोंं की जांच की।
विज्ञापन

एम्स की टीम ने शहर में दोनों स्कूल व कॉलोनियों से 550 विद्यार्थियों व आमजन की जांच कर अभियान की शुरुआत की। अभियान के तहत सुबह टीम पहले अग्रसेन स्कूल पहुंची। इसके बाद बाल आश्रम स्कूल में गई। इस दौरान नागरिक अस्पताल से आरबीएचके के नोडल अधिकारी डॉ. रमेश पांचाल भी उनके साथ रहे।
विज्ञापन

एम्स की टीम में डॉ. प्रवीण वशिष्ट प्रोफेसर कम्युनिटी ऑप्थैल्मोलॉजी, डॉ. सुमित ग्रोवर असिस्टेंट प्रोफेसर, अमित भारद्वाज एमएस डब्ल्यूओ व सुमित शर्मा प्रोग्राम मैनेजर मौजूद रहे। इनके अलावा भी टीम में 13 सदस्य शामिल हुए। टीम ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए दूर से ही प्राथमिक जांच की।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिन लोगों में दृष्टि संबंधी समस्या पाई गई, उन्हें आगे के इलाज और परामर्श के लिए चिह्नित किया गया। इस दौरान स्कूली बच्चों व आमजन को चश्में भी वितरित किए गए। इस अभियान का उद्देश्य शुरुआती स्तर पर ही आंखों की बीमारियों की पहचान करना है ताकि समय रहते उनका इलाज किया जा सके और अंधता जैसी गंभीर समस्या से बचाव हो सके।

वर्जन

अभियान के दूसरे दिन एम्स की टीम ने लगभग 550 विद्यार्थियों व आमजन की आंखों की जांच की। यह अभियान 14 मई तक जिले के स्कूलों व गांवों में चलेगा। इसके बाद जो अंधता के कारणों का बड़े स्तर पर पता चलेगा। इनके उपचार के लिए आगामी काम किया जाएगा।

-डॉ. रमेश पांचाल, नोडल अधिकारी आरबीएचके
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article