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Jind News: फर्जी दाखिले के मामले में शिक्षकों को बदनाम करने का आरोप
Tue, 30 Jul 2024 03:18 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 30 Jul 2024 03:18 AM IST
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29जेएनडी40-जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपते प्राथमिक शिक्षक संघ सदस्य। स्रोत स्वयं
जींद। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने फर्जी दाखिले और एमडीएम से संबंधित मुद्दे को लेकर सोमवार को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी जींद के माध्यम से निदेशक को ज्ञापन सौंपा।
जिला प्रधान जितेंद्र बेनिवाल ने बताया कि सरकार अखबारों के माध्यम से फर्जी दाखिलों का ढिंढोरा पीटकर शिक्षकों को बेवजह बदनाम कर रही है। हकीकत यह है कि 2014 से पहले सभी बच्चों के दाखिले केवल स्कूल रजिस्टर में ही होते थे। उसके बाद सरकार ने एमआईएस पोर्टल पर दाखिले शुरू कर दिए, लेकिन इसमें जिन बच्चों का आधार कार्ड नहीं था उनका दाखिला नहीं हो सका। इस कारण उन छात्रों को बोगस माना गया, जबकि वे स्कूलों में दाखिल थे। पूर्व प्रधान रूपेंद्र गोयत ने बताया कि वर्ष 2009 के तहत जिस बच्चे का दाखिला एक बार हो गया तो उसका नाम पूरा साल नहीं काट सकते, चाहे वो स्कूल में महीने में एक बार ही आए और न ही उसे फेल कर सकते हैं। महासचिव अश्वनी नैन ने कहा कि सभी को पता है कि जो बच्चा स्कूल में उपस्थित होता है केवल उसी को मध्यान भोजन दिया जाता है। फिर भी जानबूझकर झूठ फैलाया जा रहा है। कोषाध्यक्ष अभिमन्यु रेढू ने बताया कि बैग और स्टेशनरी का समान भी उन्हीं बच्चों को मिलता है जो स्कूल में उपस्थित होते थे। चाहे वो कुछ दिन आए हों। संघ ने मांग की कि इस मामले में शिक्षकों को शामिल न करके विभाग स्वयं अपने स्तर पर इसका निपटारा करे और शिक्षकों को मानसिक परेशानी से बचाए। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष सोमदत्त बेदी, कृष्ण सैनी, राजेश चहल, रामकेश, वेदप्रकाश, जयबीर, विरेंद्र श्योकंद, मनीषा, सोनिया, संतरो सहारण, रीतु, संतोष, अजमेर राठी, सज्जन राठी, अनिल, कर्ण सिंह, रामफल, रविंद्र मौजूद रहे।
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जिला प्रधान जितेंद्र बेनिवाल ने बताया कि सरकार अखबारों के माध्यम से फर्जी दाखिलों का ढिंढोरा पीटकर शिक्षकों को बेवजह बदनाम कर रही है। हकीकत यह है कि 2014 से पहले सभी बच्चों के दाखिले केवल स्कूल रजिस्टर में ही होते थे। उसके बाद सरकार ने एमआईएस पोर्टल पर दाखिले शुरू कर दिए, लेकिन इसमें जिन बच्चों का आधार कार्ड नहीं था उनका दाखिला नहीं हो सका। इस कारण उन छात्रों को बोगस माना गया, जबकि वे स्कूलों में दाखिल थे। पूर्व प्रधान रूपेंद्र गोयत ने बताया कि वर्ष 2009 के तहत जिस बच्चे का दाखिला एक बार हो गया तो उसका नाम पूरा साल नहीं काट सकते, चाहे वो स्कूल में महीने में एक बार ही आए और न ही उसे फेल कर सकते हैं। महासचिव अश्वनी नैन ने कहा कि सभी को पता है कि जो बच्चा स्कूल में उपस्थित होता है केवल उसी को मध्यान भोजन दिया जाता है। फिर भी जानबूझकर झूठ फैलाया जा रहा है। कोषाध्यक्ष अभिमन्यु रेढू ने बताया कि बैग और स्टेशनरी का समान भी उन्हीं बच्चों को मिलता है जो स्कूल में उपस्थित होते थे। चाहे वो कुछ दिन आए हों। संघ ने मांग की कि इस मामले में शिक्षकों को शामिल न करके विभाग स्वयं अपने स्तर पर इसका निपटारा करे और शिक्षकों को मानसिक परेशानी से बचाए। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष सोमदत्त बेदी, कृष्ण सैनी, राजेश चहल, रामकेश, वेदप्रकाश, जयबीर, विरेंद्र श्योकंद, मनीषा, सोनिया, संतरो सहारण, रीतु, संतोष, अजमेर राठी, सज्जन राठी, अनिल, कर्ण सिंह, रामफल, रविंद्र मौजूद रहे।

29जेएनडी40-जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपते प्राथमिक शिक्षक संघ सदस्य। स्रोत स्वयं
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