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2025 तक जिले के सभी गांव बनाए जाएंगे ठोस कूड़ा-कर्कट मुक्त : उपायुक्त
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देश को स्वच्छ बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत वर्ष 2025 तक जिले के सभी गांवों को ठोस कूड़ा-कर्कट से मुक्त किया जाएगा। इसके लिए प्रथम चरण में 90 प्रोजेक्ट स्वीकृत हुए हैं। यह जानकारी डीसी आदित्य दहिया ने दी।
उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की गई है। जिला खुले में शौच मुक्त बन चुका है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जिले के जिन 38647 घरों में शौचालय नहीं थे उनमें शौचालयों का निर्माण करवाया गया है। खुले में शौच जाने की आदत को छुड़वाने के लिए कई अन्य सकारात्मक प्रयास भी जिला प्रशासन द्वारा लोगों के सहयोग से किए गए हैं।
डीसी ने कहा कि इस कार्य को पूरा करने के लिए ग्राम स्तर पर निगरानी कमेटियां बनाई गई थीं। इनके सहयोग से यह काम पूरा हुआ। उन्होंने बताया कि गांवों को ठोस कूड़ा-कर्कट मुक्त बनाने के लिए तैयार की गई कार्य योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए काम शुरू कर दिया गया है। ठोस कूड़ा-कर्कट के प्रबंधन को लेकर प्रथम चरण में 90 प्रोजेक्ट स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 12 को पूरा कर लिया गया है तथा 13 प्रोजेक्टों पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में जो प्रोजेक्ट स्वीकृत हुए हैं, उनमें से 44 प्रोजेक्ट नाट फिजिवल पाए गए थे तथा शेष 21 पर काम शुरू नहीं हुआ। अब इन प्रोजेक्टों को पूरा करने के लिए निर्माण कार्य की गति को बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान के दूसरे चरण में 271 शॉलिड वेस्ट मैनजमेंट प्रोजेक्टों पर काम किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की गई है। जिला खुले में शौच मुक्त बन चुका है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जिले के जिन 38647 घरों में शौचालय नहीं थे उनमें शौचालयों का निर्माण करवाया गया है। खुले में शौच जाने की आदत को छुड़वाने के लिए कई अन्य सकारात्मक प्रयास भी जिला प्रशासन द्वारा लोगों के सहयोग से किए गए हैं।
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डीसी ने कहा कि इस कार्य को पूरा करने के लिए ग्राम स्तर पर निगरानी कमेटियां बनाई गई थीं। इनके सहयोग से यह काम पूरा हुआ। उन्होंने बताया कि गांवों को ठोस कूड़ा-कर्कट मुक्त बनाने के लिए तैयार की गई कार्य योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए काम शुरू कर दिया गया है। ठोस कूड़ा-कर्कट के प्रबंधन को लेकर प्रथम चरण में 90 प्रोजेक्ट स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 12 को पूरा कर लिया गया है तथा 13 प्रोजेक्टों पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में जो प्रोजेक्ट स्वीकृत हुए हैं, उनमें से 44 प्रोजेक्ट नाट फिजिवल पाए गए थे तथा शेष 21 पर काम शुरू नहीं हुआ। अब इन प्रोजेक्टों को पूरा करने के लिए निर्माण कार्य की गति को बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान के दूसरे चरण में 271 शॉलिड वेस्ट मैनजमेंट प्रोजेक्टों पर काम किया जाएगा।
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