{"_id":"659aef752b821ee1450eca2d","slug":"all-haryana-earth-movers-association-calls-for-movement-jind-news-c-199-1-sroh1007-11361-2024-01-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: ऑल हरियाणा अर्थ मूवर्स एसोसिएशन ने भरी आंदोलन की हुंकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: ऑल हरियाणा अर्थ मूवर्स एसोसिएशन ने भरी आंदोलन की हुंकार
Mon, 08 Jan 2024 12:08 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 08 Jan 2024 12:08 AM IST
विज्ञापन
07जेएनडी30: कार्यक्रम में आए लोगों का मनोरंजन करते रागिनी गायक। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। ऑल हरियाणा अर्थ मूवर्स एसोसिएशन की प्रदेशस्तरीय बैठक एकलव्य स्टेडियम में रविवार को हुई। इसमें प्रदेशभर से आए मिट्टी उठाने के कार्य में लगे लोगों ने मिट्टी उठाने के कार्य को माइनिंग व भू-गर्भ विभाग से अलग करने की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि मिट्टी उठाने के कार्य पर कोयला खान, पहाड़ खान जैसे नियम लागू हैं, जोकि गलत है। इस कार्य को इस विभाग से अलग किया जाएगा क्योंकि जब विभाग चालान काटता है तो वह पांच से 20 लाख रुपये तक का होता है जिससे गरीब लोग अपना ट्रैक्टर छोड़ने के लिए मजबूर हो जाते हैं। कहा कि 10 जनवरी को सभी जिला उपायुक्तों को मांग को लेकर ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इसके बाद भी उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो 20 जनवरी से वह मिट्टी उठाने का कार्य पूरे हरियाणा में बंद कर देंगे।
एसोसिएशन के महासचिव आनंद तोमर ने कहा कि मिट्टी उठाने व डालने का कार्य किसान व मजदूर करते हैं। कुछ लोग ट्रैक्टरों से यह कार्य करते हैं, जिससे उनकी रोजी-रोटी चलती है। मिट्टी उठाने से कोई भी कार्बन उत्सर्जन नहीं होता और न ही मिट्टी उठाने के लिए ब्लाॅस्ट किए जाते हैं। ऐसे में इस कार्य पर एनजीटी के निर्देश लागू नहीं होने चाहिए। कहा कि माइनिंग विभाग उन्हें बेवजह परेशान कर रहा है। इस कारण मिट्टी के कार्य से जुड़े लोगों की रोजी रोटी का खतरा पैदा हो गया है। किसान पानी तथा अन्य समस्याओं के चलते अपने खेत को समतल करवाने के लिए मिट्टी उठवाता है। अगर किसी के पास अनुमति नहीं है तो माइनिंग विभाग भारी भरकम जुर्माना लगाता है। इसके डर से कोई खेत से मिट्टी नहीं उठा पा रहा है।
विज्ञापन
कहा कि यदि किसान अपनी मर्जी से ऐसा करता है तो माइनिंग विभाग उस पर पांच से 20 लाख रुपये तक जुर्माना लगा देता है। किसान जुर्माना नहीं भर पाता है और उसका ट्रैक्टर या अन्य वाहन जब्त हो जाता है। कहा कि 2017 से पहले इस कार्य के लिए माइनिंग विभाग से कोई अनुमति नहीं लेनी पड़ती थी। अब सरकार ने इस कार्य को माइनिंग के अंतर्गत ला दिया है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मिट्टी उठाने के कार्य को इस विभाग से अलग नहीं किया तो 20 जनवरी के बाद मिट्टी उठाने के कार्य पूरे प्रदेश में बंद कर दिया जाएगा। वक्ताओं ने विभाग पर भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया।
इस मौके पर हिसार से राकेश चहल, तिलक राज मोर, मनोज लांबा, जींद से महिपाल खटकड़, पवन लोहान, संदीप फोर, सुनील शर्मा, जगफूल जागलान, पानीपत से अशोक कादियान, रोहतक से जोरा सिंह, वजीर कुंडू, राममेहर धनखड़, झज्जर से हीरा लाल, योगेश धनखड़, विक्रम फौगाट, सिरसा से अमित सैनी, पलवल से अशोक प्रधान, दिनेश, महेंद्र डागर, फरीदाबाद से सतीश कुमार, सोनीपत से सर्व खाप के प्रधान राजेंद्र अत्री, भिवानी से मनोज कालवास भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
जींद। ऑल हरियाणा अर्थ मूवर्स एसोसिएशन की प्रदेशस्तरीय बैठक एकलव्य स्टेडियम में रविवार को हुई। इसमें प्रदेशभर से आए मिट्टी उठाने के कार्य में लगे लोगों ने मिट्टी उठाने के कार्य को माइनिंग व भू-गर्भ विभाग से अलग करने की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि मिट्टी उठाने के कार्य पर कोयला खान, पहाड़ खान जैसे नियम लागू हैं, जोकि गलत है। इस कार्य को इस विभाग से अलग किया जाएगा क्योंकि जब विभाग चालान काटता है तो वह पांच से 20 लाख रुपये तक का होता है जिससे गरीब लोग अपना ट्रैक्टर छोड़ने के लिए मजबूर हो जाते हैं। कहा कि 10 जनवरी को सभी जिला उपायुक्तों को मांग को लेकर ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इसके बाद भी उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो 20 जनवरी से वह मिट्टी उठाने का कार्य पूरे हरियाणा में बंद कर देंगे।
विज्ञापन
एसोसिएशन के महासचिव आनंद तोमर ने कहा कि मिट्टी उठाने व डालने का कार्य किसान व मजदूर करते हैं। कुछ लोग ट्रैक्टरों से यह कार्य करते हैं, जिससे उनकी रोजी-रोटी चलती है। मिट्टी उठाने से कोई भी कार्बन उत्सर्जन नहीं होता और न ही मिट्टी उठाने के लिए ब्लाॅस्ट किए जाते हैं। ऐसे में इस कार्य पर एनजीटी के निर्देश लागू नहीं होने चाहिए। कहा कि माइनिंग विभाग उन्हें बेवजह परेशान कर रहा है। इस कारण मिट्टी के कार्य से जुड़े लोगों की रोजी रोटी का खतरा पैदा हो गया है। किसान पानी तथा अन्य समस्याओं के चलते अपने खेत को समतल करवाने के लिए मिट्टी उठवाता है। अगर किसी के पास अनुमति नहीं है तो माइनिंग विभाग भारी भरकम जुर्माना लगाता है। इसके डर से कोई खेत से मिट्टी नहीं उठा पा रहा है।
विज्ञापन
कहा कि यदि किसान अपनी मर्जी से ऐसा करता है तो माइनिंग विभाग उस पर पांच से 20 लाख रुपये तक जुर्माना लगा देता है। किसान जुर्माना नहीं भर पाता है और उसका ट्रैक्टर या अन्य वाहन जब्त हो जाता है। कहा कि 2017 से पहले इस कार्य के लिए माइनिंग विभाग से कोई अनुमति नहीं लेनी पड़ती थी। अब सरकार ने इस कार्य को माइनिंग के अंतर्गत ला दिया है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मिट्टी उठाने के कार्य को इस विभाग से अलग नहीं किया तो 20 जनवरी के बाद मिट्टी उठाने के कार्य पूरे प्रदेश में बंद कर दिया जाएगा। वक्ताओं ने विभाग पर भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया।
इस मौके पर हिसार से राकेश चहल, तिलक राज मोर, मनोज लांबा, जींद से महिपाल खटकड़, पवन लोहान, संदीप फोर, सुनील शर्मा, जगफूल जागलान, पानीपत से अशोक कादियान, रोहतक से जोरा सिंह, वजीर कुंडू, राममेहर धनखड़, झज्जर से हीरा लाल, योगेश धनखड़, विक्रम फौगाट, सिरसा से अमित सैनी, पलवल से अशोक प्रधान, दिनेश, महेंद्र डागर, फरीदाबाद से सतीश कुमार, सोनीपत से सर्व खाप के प्रधान राजेंद्र अत्री, भिवानी से मनोज कालवास भी मौजूद रहे।