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धूल भरी आंधी के बाद बारिश से गिरा तापमान
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कई दिन से पढ़ रही झुलसा देने वाली गर्मी से वीरवार शाम को हुई बारिश ने राहत दिलाई है। दिन में जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया था, वहीं बारिश के बाद शाम करीब छह बजे तापमान गिरकर 35 डिग्री तक आ गया। आसमान में छाई काली घटा के कारण वाहन चालकों को दिन में गाड़ी की लाइट जलाकर चलना पड़ा। वहीं रात के तापमान में भी गिरावट की संभावना है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बूंदाबांदी की संभावना जताई है।
वीरवार सुबह से ही जिलेभर में मौसम काफी गर्म था। सुबह से ही तेज धूप खिली और दिन के समय अधिकतम तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया। हालांकि पहले से ही मौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई थी। इसके अनुसार ही वीरवार दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। बारिश के साथ ही तेज आंधी चलने की वजह से सफीदों रोड, रोहतक व सोनीपत रोड पर कई जगह पेड़ गिरने से रास्ते भी बाधित हुए। तेज हवा चलनेे की वजह से कई स्थानों पर बिजली की आपूर्ति भी बाधित रही।
वातावरण साफ हुआ
गेहूं की कटाई के बाद से रीपर के साथ बनाए गए तूड़े के कारण व इसके बाद गेहूं के जलाए गए फानों से वायुमंडल पूरी तरह से प्रदूषित हो चुका था। बारिश होने के बाद आसमान साफ हुआ और पर्यावरण प्रदूषण में सुधार हुआ।
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किसानों के लिए लाभदायक
बरसात किसानों के लिए लाभदायक होगी। ज्वार, कपास, मूंग व उड़द की फसल की बिजाई का यह बेहतर अवसर है। बारिश से खेतों को भरपूर मात्रा में पानी मिल गया है। इसके अलावा कई दिन तक मौसम में ठंडक बनी रहेगी। इससे बीज जल्दी अंकुरित होंगे। जिन किसानों ने कपास की बिजाई दो-तीन दिन पहले की है, वे ध्यान रखें। पपड़ी बनने से कपास का बीज अंकुरित होने से प्रभावित हो सकता है। पहले पपड़ी हटाएं, यदि जमाव सही नहीं हो तो नमी के अनुसार दोबारा बिजाई कर दें।
डॉ. सुभाष चंद्र, खंड कृषि अधिकारी।
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वीरवार सुबह से ही जिलेभर में मौसम काफी गर्म था। सुबह से ही तेज धूप खिली और दिन के समय अधिकतम तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया। हालांकि पहले से ही मौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई थी। इसके अनुसार ही वीरवार दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। बारिश के साथ ही तेज आंधी चलने की वजह से सफीदों रोड, रोहतक व सोनीपत रोड पर कई जगह पेड़ गिरने से रास्ते भी बाधित हुए। तेज हवा चलनेे की वजह से कई स्थानों पर बिजली की आपूर्ति भी बाधित रही।
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वातावरण साफ हुआ
गेहूं की कटाई के बाद से रीपर के साथ बनाए गए तूड़े के कारण व इसके बाद गेहूं के जलाए गए फानों से वायुमंडल पूरी तरह से प्रदूषित हो चुका था। बारिश होने के बाद आसमान साफ हुआ और पर्यावरण प्रदूषण में सुधार हुआ।
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किसानों के लिए लाभदायक
बरसात किसानों के लिए लाभदायक होगी। ज्वार, कपास, मूंग व उड़द की फसल की बिजाई का यह बेहतर अवसर है। बारिश से खेतों को भरपूर मात्रा में पानी मिल गया है। इसके अलावा कई दिन तक मौसम में ठंडक बनी रहेगी। इससे बीज जल्दी अंकुरित होंगे। जिन किसानों ने कपास की बिजाई दो-तीन दिन पहले की है, वे ध्यान रखें। पपड़ी बनने से कपास का बीज अंकुरित होने से प्रभावित हो सकता है। पहले पपड़ी हटाएं, यदि जमाव सही नहीं हो तो नमी के अनुसार दोबारा बिजाई कर दें।
डॉ. सुभाष चंद्र, खंड कृषि अधिकारी।