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Jind News: फास्टैग लगने के बाद लंबे रूट पर दौड़ने लगीं 13 नई बसें
Tue, 03 Oct 2023 12:38 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 03 Oct 2023 12:38 AM IST
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02जेएनडी01-सामान्य बस अड्डा, जहां से लोकल रूटों पर चलाई जा रही हैं बसें। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। फास्टैग लगने के बाद रोडवेज डिपो के बेड़े में आईं 13 नई बसें अब लंबे रूट पर दौड़ने लगी हैं। ये बसें श्रीगंगानगर, सालासर, लुधियाना, दिल्ली व चंडीगढ़ रूट पर चलाई जा रही हैं। बीते सप्ताह इन बसों की पासिंग प्रक्रिया पूरी की गई थी और फास्टैग नहीं लगने के कारण ये बसें पहले लोकल रूट पर चलाई जा रही थीं।
गत माह रोडवेज के बेड़े में 13 नई बसें शामिल हुई थीं। इनमें से 5 बसों को सफीदों सब डिपो में भेज दिया था जबकि आठ बसें जींद डिपो में शामिल कर ली गई थीं। बसों की पासिंग होते ही डिपो ने इन्हें लोकल रूटों पर लगा दिया था। डिपो ने जींद से कैथल, रोहतक, सफीदों, पानीपत, बरवाला, हांसी, असंध रूट पर बसों के चार से पांच चक्कर बढ़ाए थे। हालांकि इससे पहले बसों की कमी डिपो में बनी हुई थी। इस कारण कई बार इन रूटों पर बसों के समय मिस करने पड़ रहे थे। इससे यात्रियों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी। गांव के बस अड्डों पर यात्रियों को कई बार घंटों तक बस नहीं मिल पाती थी। इससे समय की भी बर्बादी हो रही थी। ग्रामीणों को दोपहर और शाम के समय बसें नहीं मिल पाती थीं। इस कारण कई बार निजी साधनों से भी सफर तय करना पड़ रहा था।
बॉक्स
160 हुई रोडवेज बसों की संख्या
रोडवेज डिपो में 200 से ज्यादा बसें हैं, जिनमें 35 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत चलने वाली हैं। जुलाई और अगस्त महीने में 53 बसें आई थीं। यात्रियों की संख्या को देखते हुए डिपो में 200 बसों की जरूरत है। अभी 40 बसों की डिपो को जरूरत है। जींद से रोडवेज की बसों में रोजाना 18 हजार से 20 हजार तक बसों में सफर करते हैं, जिनसे डिपो को हर रोज 15 लाख के लगभग आमदनी हो रही है।
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वर्जन
फिलहाल डिपो में 160 रोडवेज बसें हैं। पिछले दिनों डिपो में 53 नई बसें जरूर आई हैं लेकिन डिपो में अभी नार्म्स के अनुसार 40-45 बसें और शामिल करनी चाहिए। सरकार को चाहिए कि डिपो में चालक और परिचालकों की स्थायी भर्ती करें ताकि युवाओं को रोजगार मिले और लोगों को बेहतर रोडवेज सेवा मिल सके।-संदीप रंगा, कर्मचारी नेता, रोडवेज डिपो जींद
वर्जन
13 नई बसों के फास्टैग लग चुके हैं। इसके बाद इन बसों को श्रीगंगानगर, सालासर, लुधियाना, दिल्ली, चंडीगढ़ रूट पर भेजा गया है। लंबे रूट पर रोडवेज बसों की संख्या बढ़ा दी गई। यात्रियों को बेहतर रोडवेज सेवा मुहैया करवाई जा रही है।-कमलजीत सिंह, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो जींद
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जींद। फास्टैग लगने के बाद रोडवेज डिपो के बेड़े में आईं 13 नई बसें अब लंबे रूट पर दौड़ने लगी हैं। ये बसें श्रीगंगानगर, सालासर, लुधियाना, दिल्ली व चंडीगढ़ रूट पर चलाई जा रही हैं। बीते सप्ताह इन बसों की पासिंग प्रक्रिया पूरी की गई थी और फास्टैग नहीं लगने के कारण ये बसें पहले लोकल रूट पर चलाई जा रही थीं।
गत माह रोडवेज के बेड़े में 13 नई बसें शामिल हुई थीं। इनमें से 5 बसों को सफीदों सब डिपो में भेज दिया था जबकि आठ बसें जींद डिपो में शामिल कर ली गई थीं। बसों की पासिंग होते ही डिपो ने इन्हें लोकल रूटों पर लगा दिया था। डिपो ने जींद से कैथल, रोहतक, सफीदों, पानीपत, बरवाला, हांसी, असंध रूट पर बसों के चार से पांच चक्कर बढ़ाए थे। हालांकि इससे पहले बसों की कमी डिपो में बनी हुई थी। इस कारण कई बार इन रूटों पर बसों के समय मिस करने पड़ रहे थे। इससे यात्रियों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी। गांव के बस अड्डों पर यात्रियों को कई बार घंटों तक बस नहीं मिल पाती थी। इससे समय की भी बर्बादी हो रही थी। ग्रामीणों को दोपहर और शाम के समय बसें नहीं मिल पाती थीं। इस कारण कई बार निजी साधनों से भी सफर तय करना पड़ रहा था।
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160 हुई रोडवेज बसों की संख्या
रोडवेज डिपो में 200 से ज्यादा बसें हैं, जिनमें 35 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत चलने वाली हैं। जुलाई और अगस्त महीने में 53 बसें आई थीं। यात्रियों की संख्या को देखते हुए डिपो में 200 बसों की जरूरत है। अभी 40 बसों की डिपो को जरूरत है। जींद से रोडवेज की बसों में रोजाना 18 हजार से 20 हजार तक बसों में सफर करते हैं, जिनसे डिपो को हर रोज 15 लाख के लगभग आमदनी हो रही है।
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फिलहाल डिपो में 160 रोडवेज बसें हैं। पिछले दिनों डिपो में 53 नई बसें जरूर आई हैं लेकिन डिपो में अभी नार्म्स के अनुसार 40-45 बसें और शामिल करनी चाहिए। सरकार को चाहिए कि डिपो में चालक और परिचालकों की स्थायी भर्ती करें ताकि युवाओं को रोजगार मिले और लोगों को बेहतर रोडवेज सेवा मिल सके।-संदीप रंगा, कर्मचारी नेता, रोडवेज डिपो जींद
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13 नई बसों के फास्टैग लग चुके हैं। इसके बाद इन बसों को श्रीगंगानगर, सालासर, लुधियाना, दिल्ली, चंडीगढ़ रूट पर भेजा गया है। लंबे रूट पर रोडवेज बसों की संख्या बढ़ा दी गई। यात्रियों को बेहतर रोडवेज सेवा मुहैया करवाई जा रही है।-कमलजीत सिंह, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो जींद