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Jind News: सरकारी ड्यूटी के बाद लक्ष्मण का अभिनयर, रामलीला में पटवारी रामप्रकाश बने आकर्षण का केंद्र
Mon, 15 Sep 2025 11:48 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 15 Sep 2025 11:48 PM IST
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15जेएनडी07: रामप्रकाश उर्फ प्रताप। स्त्रोत कलाकार
नरवाना। शहर की ऐतिहासिक रामलीला में इस बार लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले रामनगर निवासी रामप्रकाश लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। 32 वर्षीय रामप्रकाश उर्फ प्रताप पेशे से पटवारी हैं और हिसार जिले में पटवारी के पद पर कार्यरत हैं।
दिनभर की सरकारी ड्यूटी पूरी करने के बाद वह रात नौ बजे से 12 बजे तक रामलीला के अभ्यास में जुट जाते हैं। मंचन के समय उनका समर्पण और अभिनय देखकर दर्शक भावविभोर हो उठते हैं और जय श्रीराम के गगनभेदी नारे गूंजने लगते हैं। रामप्रकाश ने 2008 में रामलीला मंचन की शुरुआत अंगद के किरदार से की थी।
इसके बाद 2011 से 2015 तक उन्होंने शूर्पणखा, सुमित्रा और उर्मिला जैसे विविध भूमिकाओं को जीवंत किया। वर्ष 2016 से वह लगातार लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे हैं। दर्शक उन्हें खासतौर पर इस रूप में बेहद पसंद कर रहे हैं क्योंकि उनके अभिनय में लक्ष्मण का गुस्सा, भाई श्रीराम के प्रति अटूट प्रेम और भाभी सीता के प्रति आदर भाव साफ झलकता है।
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रामप्रकाश कहते हैं कि लक्ष्मण का चरित्र सिर्फ युद्ध कौशल का प्रतीक नहीं है बल्कि भाईचारे और आदर्शों की मिसाल भी है। लक्ष्मण हमेशा अपने भाई के साथ खड़े रहते हैं और धर्म की रक्षा के लिए हर त्याग करने को तैयार रहते हैं। इसी वजह से उनका किरदार हर रामलीला में विशेष महत्व रखता है।
रामलीला ने दी पहचान
उन्होंने कहा कि रामलीला ने उन्हें नरवाना में एक अलग पहचान दी है। लोग जिस तरह से उनके अभिनय की सराहना करते हैं। उससे उनको और ऊर्जा मिलती है। अब उन्होंने ठान लिया है कि आगे भी केवल लक्ष्मण की भूमिका ही वह निभाएंगे। उन्होंने कहा कि रामलीला में लक्ष्मण का अभिनय करते समय उनके चेहरे पर गुस्से की झलक और संवादों की दृढ़ता दर्शकों को बांधे रखती है। मंचन के दौरान वह जब अपनी भाभी सीता की सुरक्षा के लिए संकल्प लेते हैं या भाई श्रीराम के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होते हैं तो पूरा मैदान तालियों और नारों से गूंज उठता है।
लक्ष्मण किरदार की खास बातें
लक्ष्मण को आदर्श भाई और धर्मरक्षक माना जाता है। वह अपनी पत्नी उर्मिला को त्यागकर भाई राम और भाभी सीता की सेवा में वनवास चले गए। लक्ष्मण का गुस्सा उनकी पहचान है लेकिन वह अनुशासन और आदर्शों के बंधन में बंधा है। सीता हरण के समय लक्ष्मण की दृढ़ता और मेघनाद से युद्ध उनकी वीरता की मिसाल है।
रामप्रकाश की रामलीला यात्रा
2008–अंगद से शुरुआत
2011-15 – सर्पणखा, सुमित्रा, उर्मिला
2016 से अब तक – लगातार लक्ष्मण की भूमिका
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दिनभर की सरकारी ड्यूटी पूरी करने के बाद वह रात नौ बजे से 12 बजे तक रामलीला के अभ्यास में जुट जाते हैं। मंचन के समय उनका समर्पण और अभिनय देखकर दर्शक भावविभोर हो उठते हैं और जय श्रीराम के गगनभेदी नारे गूंजने लगते हैं। रामप्रकाश ने 2008 में रामलीला मंचन की शुरुआत अंगद के किरदार से की थी।
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इसके बाद 2011 से 2015 तक उन्होंने शूर्पणखा, सुमित्रा और उर्मिला जैसे विविध भूमिकाओं को जीवंत किया। वर्ष 2016 से वह लगातार लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे हैं। दर्शक उन्हें खासतौर पर इस रूप में बेहद पसंद कर रहे हैं क्योंकि उनके अभिनय में लक्ष्मण का गुस्सा, भाई श्रीराम के प्रति अटूट प्रेम और भाभी सीता के प्रति आदर भाव साफ झलकता है।
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रामप्रकाश कहते हैं कि लक्ष्मण का चरित्र सिर्फ युद्ध कौशल का प्रतीक नहीं है बल्कि भाईचारे और आदर्शों की मिसाल भी है। लक्ष्मण हमेशा अपने भाई के साथ खड़े रहते हैं और धर्म की रक्षा के लिए हर त्याग करने को तैयार रहते हैं। इसी वजह से उनका किरदार हर रामलीला में विशेष महत्व रखता है।
रामलीला ने दी पहचान
उन्होंने कहा कि रामलीला ने उन्हें नरवाना में एक अलग पहचान दी है। लोग जिस तरह से उनके अभिनय की सराहना करते हैं। उससे उनको और ऊर्जा मिलती है। अब उन्होंने ठान लिया है कि आगे भी केवल लक्ष्मण की भूमिका ही वह निभाएंगे। उन्होंने कहा कि रामलीला में लक्ष्मण का अभिनय करते समय उनके चेहरे पर गुस्से की झलक और संवादों की दृढ़ता दर्शकों को बांधे रखती है। मंचन के दौरान वह जब अपनी भाभी सीता की सुरक्षा के लिए संकल्प लेते हैं या भाई श्रीराम के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होते हैं तो पूरा मैदान तालियों और नारों से गूंज उठता है।
लक्ष्मण किरदार की खास बातें
लक्ष्मण को आदर्श भाई और धर्मरक्षक माना जाता है। वह अपनी पत्नी उर्मिला को त्यागकर भाई राम और भाभी सीता की सेवा में वनवास चले गए। लक्ष्मण का गुस्सा उनकी पहचान है लेकिन वह अनुशासन और आदर्शों के बंधन में बंधा है। सीता हरण के समय लक्ष्मण की दृढ़ता और मेघनाद से युद्ध उनकी वीरता की मिसाल है।
रामप्रकाश की रामलीला यात्रा
2008–अंगद से शुरुआत
2011-15 – सर्पणखा, सुमित्रा, उर्मिला
2016 से अब तक – लगातार लक्ष्मण की भूमिका

15जेएनडी07: रामप्रकाश उर्फ प्रताप। स्त्रोत कलाकार