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एक महीने बाद प्रॉपर्टी आईडी बनाने का काम शुरू
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करीब एक महीने से रुका हुआ प्रॉपर्टी आईडी बनाने का काम सोमवार से फिर शुरू हो गया है। इस बार आवेदन प्रक्रिया में कुछ बदलाव किए गए हैं। यह काम शुरू होने से लोगों को काफी राहत मिली है। प्रॉपर्टी आईडी के बिना न तो प्लाटों की रजिस्ट्री हो रही थी, न ही लोन व अन्य प्रक्रिया।
स्थानीय निकाय विभाग के पोर्टल में बदलाव के चलते प्रॉपर्टी आईडी का काम रुका हुआ था। पहले की प्रक्रिया में यदि किसी प्लॉट या मकान को नंबर नहीं मिला है और उसका मालिक आवेदन करता है तो उसे साथ लगते नंबर पर ए-बी लगा कर नई आईडी दी जाती थी। इसमें दिक्कत आई कि कुछ लोगों ने आधा प्लॉट बेच दिया और तकनीकी रूप से यह दो प्लॉट हो गए। इस पर नगर परिषद के रिकॉर्ड में मिलान नहीं हो रहा था। ऐसे में अब ऑनलाइन व्यवस्था की गई है कि जो भी प्रॉपर्टी आईडी बनेंगी, वह रजिस्ट्री में दर्ज क्षेत्रफल के अनुसार ही होंगी। हालांकि नए नंबर व एक ही प्लॉट के दो भाग होने पर पहले वाली ही व्यवस्था रहेगी।
प्रोफार्मा पर होगी रिपोर्ट
प्रॉपर्टी आईडी के लिए आवेदन करने के लिए साधारण कागज पर एक आवेदन किया जाता है। पहले तमाम संबंधित अधिकारी इसी कागज पर अपनी रिपोर्ट करते थे। अब इसकी जगह एक प्रोफार्मा शुरू किया गया है। अधिकारी इसमें तमाम विवरण अलग-अलग जानकारी के कॉलम में दर्ज करेंगे। इससे रिकार्ड बनाने में सुविधा होगी।
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वर्जन
सोमवार से प्रॉपर्टी आईडी का काम शुरू हो गया है, लेकिन बारिश के कारण आवेदन नहीं आए। जैसे ही आवेदन आएंगे, नई प्रक्रिया के अनुसार प्रॉपर्टी आईडी बनाई जाएंगी।
- सुशील कुमार, कार्यकारी अधिकारी, जींद नगर परिषद।
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स्थानीय निकाय विभाग के पोर्टल में बदलाव के चलते प्रॉपर्टी आईडी का काम रुका हुआ था। पहले की प्रक्रिया में यदि किसी प्लॉट या मकान को नंबर नहीं मिला है और उसका मालिक आवेदन करता है तो उसे साथ लगते नंबर पर ए-बी लगा कर नई आईडी दी जाती थी। इसमें दिक्कत आई कि कुछ लोगों ने आधा प्लॉट बेच दिया और तकनीकी रूप से यह दो प्लॉट हो गए। इस पर नगर परिषद के रिकॉर्ड में मिलान नहीं हो रहा था। ऐसे में अब ऑनलाइन व्यवस्था की गई है कि जो भी प्रॉपर्टी आईडी बनेंगी, वह रजिस्ट्री में दर्ज क्षेत्रफल के अनुसार ही होंगी। हालांकि नए नंबर व एक ही प्लॉट के दो भाग होने पर पहले वाली ही व्यवस्था रहेगी।
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प्रोफार्मा पर होगी रिपोर्ट
प्रॉपर्टी आईडी के लिए आवेदन करने के लिए साधारण कागज पर एक आवेदन किया जाता है। पहले तमाम संबंधित अधिकारी इसी कागज पर अपनी रिपोर्ट करते थे। अब इसकी जगह एक प्रोफार्मा शुरू किया गया है। अधिकारी इसमें तमाम विवरण अलग-अलग जानकारी के कॉलम में दर्ज करेंगे। इससे रिकार्ड बनाने में सुविधा होगी।
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वर्जन
सोमवार से प्रॉपर्टी आईडी का काम शुरू हो गया है, लेकिन बारिश के कारण आवेदन नहीं आए। जैसे ही आवेदन आएंगे, नई प्रक्रिया के अनुसार प्रॉपर्टी आईडी बनाई जाएंगी।
- सुशील कुमार, कार्यकारी अधिकारी, जींद नगर परिषद।