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Jind News: युवक से 1.38 लाख की ठगी धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। सोशल मीडिया पर विज्ञापन देख पीओपी चैनल कटर खरीदने के नाम पर युवक से एक लाख 38 हजार रुपये ठग लिए। साइबर क्राइम थाना अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कर ली है। शिव चौक निवासी जॉनी ने एफआईआर में बताया कि रोहतक रोड पर उनकी पीओपी चैनल की फैक्टरी है।
सोशल मीडिया पर पीओपी चैनल कटर का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर 18 अगस्त को संपर्क किया। बातचीत के बाद कटर का सौदा एक लाख 45 हजार रुपये में तय हुआ। उन्होंने 25 अगस्त को आरोपियों के बताए बैंक खाते में 40 हजार रुपये भेज दिए। उन्हें बताया गया कि करीब एक सप्ताह में चैनल कटर की डिलीवरी कर दी जाएगी।
इसके बाद आठ सितंबर को उनके पास दोबारा फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि कटर तैयार है और डिलीवरी के लिए पता भेजने के साथ बाकी रकम भी जमा करवा दें। उन्होंने आठ सितंबर को आरोपियों के बताए खाते में 98 हजार रुपये और भेज दिए। इस तरह उसने कुल एक लाख 38 हजार रुपये आरोपियों को दे दिए। रकम भेजने के बाद न तो उसे चैनल कटर की डिलीवरी मिली और न ही आरोपियों ने उनके फोन का जवाब दिया।
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थाना प्रभारी जगदीप सिंह ने बताया कि इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने लेनदेन में इस्तेमाल बैंक खाते, मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया विज्ञापन से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है।
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जींद। सोशल मीडिया पर विज्ञापन देख पीओपी चैनल कटर खरीदने के नाम पर युवक से एक लाख 38 हजार रुपये ठग लिए। साइबर क्राइम थाना अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कर ली है। शिव चौक निवासी जॉनी ने एफआईआर में बताया कि रोहतक रोड पर उनकी पीओपी चैनल की फैक्टरी है।
सोशल मीडिया पर पीओपी चैनल कटर का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर 18 अगस्त को संपर्क किया। बातचीत के बाद कटर का सौदा एक लाख 45 हजार रुपये में तय हुआ। उन्होंने 25 अगस्त को आरोपियों के बताए बैंक खाते में 40 हजार रुपये भेज दिए। उन्हें बताया गया कि करीब एक सप्ताह में चैनल कटर की डिलीवरी कर दी जाएगी।
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इसके बाद आठ सितंबर को उनके पास दोबारा फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि कटर तैयार है और डिलीवरी के लिए पता भेजने के साथ बाकी रकम भी जमा करवा दें। उन्होंने आठ सितंबर को आरोपियों के बताए खाते में 98 हजार रुपये और भेज दिए। इस तरह उसने कुल एक लाख 38 हजार रुपये आरोपियों को दे दिए। रकम भेजने के बाद न तो उसे चैनल कटर की डिलीवरी मिली और न ही आरोपियों ने उनके फोन का जवाब दिया।
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थाना प्रभारी जगदीप सिंह ने बताया कि इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने लेनदेन में इस्तेमाल बैंक खाते, मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया विज्ञापन से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है।