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Jind News: श्रीमद्भागवत कथा में महाभारत प्रसंगों का हुआ मार्मिक वर्णन
Mon, 09 Mar 2026 03:46 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 09 Mar 2026 03:46 AM IST
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फोटो कैप्शन08जेएनडी40-कथावाचन करते हुए कथावाचक। स्रोत आयोजक
नरवाना। दबलैन स्थित डेरा बाबा फकीरां वाला में शनिवार से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। डेरा महंत हरिओम भारती के सानिध्य में आयोजित दूसरे दिन रविवार को श्रद्धालुओं ने पहुंचकर कथा का श्रवण किया।
कथावाचक बाल योगी रंजना नंद दास महाराज ने अपने मुखारविंद से महाभारत के प्रसंगों का संगीतमयी और भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने भीष्म पितामह की शरशय्या और भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए गीता उपदेश का अत्यंत मार्मिक चित्रण किया। जैसे ही इन प्रसंगों का वर्णन हुआ पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया और श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
महाराज ने कहा कि महाभारत केवल एक युद्ध की कथा नहीं बल्कि धर्म और अधर्म के बीच के संघर्ष का प्रतीक है। जब-जब संसार में अधर्म और अन्याय बढ़ता है तब-तब भगवान किसी न किसी रूप में अवतार लेकर बुराई का अंत करते हैं और धर्म की स्थापना करते हैं।
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इस दौरान भजन गायकों ने कन्हैया ले चल परली पार और यदा-यदा ही धर्मस्य जैसे भजनों व श्लोकों का गायन किया जिस पर श्रद्धालु झूम उठे। यह कथा 14 मार्च तक होगी। इस मौके पर सरपंच कुलदीप मोर उर्फ काला, पूर्व सरपंच राजवीर मोर, तेजपाल शर्मा, पूर्व सरपंच अंग्रेज पाल, जसवीर मोर, जयप्रकाश मोर, ठेकेदार सुभाष चहल, भीम पंघाल, प्रदीप गिल और रमेश नंबरदार मौजूद रहे।
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कथावाचक बाल योगी रंजना नंद दास महाराज ने अपने मुखारविंद से महाभारत के प्रसंगों का संगीतमयी और भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने भीष्म पितामह की शरशय्या और भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए गीता उपदेश का अत्यंत मार्मिक चित्रण किया। जैसे ही इन प्रसंगों का वर्णन हुआ पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया और श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
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महाराज ने कहा कि महाभारत केवल एक युद्ध की कथा नहीं बल्कि धर्म और अधर्म के बीच के संघर्ष का प्रतीक है। जब-जब संसार में अधर्म और अन्याय बढ़ता है तब-तब भगवान किसी न किसी रूप में अवतार लेकर बुराई का अंत करते हैं और धर्म की स्थापना करते हैं।
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इस दौरान भजन गायकों ने कन्हैया ले चल परली पार और यदा-यदा ही धर्मस्य जैसे भजनों व श्लोकों का गायन किया जिस पर श्रद्धालु झूम उठे। यह कथा 14 मार्च तक होगी। इस मौके पर सरपंच कुलदीप मोर उर्फ काला, पूर्व सरपंच राजवीर मोर, तेजपाल शर्मा, पूर्व सरपंच अंग्रेज पाल, जसवीर मोर, जयप्रकाश मोर, ठेकेदार सुभाष चहल, भीम पंघाल, प्रदीप गिल और रमेश नंबरदार मौजूद रहे।