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विद्यार्थी को कम से कम तीन भाषाएं आनी चाहिए : डॉ. राजेश
Sun, 08 Jun 2025 12:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 08 Jun 2025 12:21 AM IST
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उचाना। भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर के छठे दिन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भौंगरा में मुख्य वक्ता के रूप में राजीव गांधी महाविद्यालय के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. राजेश श्योकंद पहुंचे। उन्होंने बताया कि अनेकता में एकता भारत की विशेषता मानी जाती है। संविधान में भी 22 मान्यता प्राप्त भाषाएं निहित है।
शिविर में लगातार पंजाबी भाषा से संबंधित अध्ययन विद्यार्थी कर रहे हैं। भारत के मानचित्र और वहां की 6000 से अधिक बोलियां को देखकर हर कोई हैरान रह जाता है की सबसे पहले हम सब भारतीय एक होने का गौरव महसूस कर रहे होते हैं। उन्होंने कहा कि इसलिए सभी विद्वानों ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को कम से कम तीन भाषाएं आनी चाहिए। इस अवसर पर गुलशन कुमार, अनिल देवी, संतोष, राजबाला, इंदिरा, जगबीर, मा. रामप्रसाद मौजूद रहे।
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शिविर में लगातार पंजाबी भाषा से संबंधित अध्ययन विद्यार्थी कर रहे हैं। भारत के मानचित्र और वहां की 6000 से अधिक बोलियां को देखकर हर कोई हैरान रह जाता है की सबसे पहले हम सब भारतीय एक होने का गौरव महसूस कर रहे होते हैं। उन्होंने कहा कि इसलिए सभी विद्वानों ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को कम से कम तीन भाषाएं आनी चाहिए। इस अवसर पर गुलशन कुमार, अनिल देवी, संतोष, राजबाला, इंदिरा, जगबीर, मा. रामप्रसाद मौजूद रहे।
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