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Jind News: शेड बना, रास्ता भी तैयार...फिर भी सीढ़ियों से वार्ड तक पहुंच रहीं गर्भवती

Sat, 25 Jul 2026 12:23 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2026 12:23 AM IST
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A shed has been built, a path is also ready... yet pregnant women are taking the stairs to reach the ward
24जेएनडी18: सीटी स्कैन के बाहर सीढि़यों से गर्भवती महिला को उतारकर एंबुलेंस में ले जाते परिजन।
जींद। नागरिक अस्पताल में गायनी वार्ड में आने वाली गर्भवतियों और उनके परिजनों को अब भी सीढ़ियों के सहारे वार्ड तक पहुंचना पड़ रहा है। कई महीनों के इंतजार के बाद गायनी वार्ड तक एंबुलेंस पहुंचाने के लिए शेड और रास्ते का निर्माण तो कर दिया गया लेकिन इसका वास्तविक लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है।
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अस्पताल में रोजाना औसतन 8 से 10 महिलाओं की डिलीवरी होती है। इसके अलावा 20 से 30 महिलाएं डिलीवरी और जांच के लिए गायनी वार्ड पहुंचती हैं जबकि सामान्य जांच के लिए प्रतिदिन 100 से अधिक महिलाएं अस्पताल आती हैं।
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ऐसे में गर्भवती और कमजोर महिलाओं को सीढ़ियों से वार्ड तक पहुंचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार परिजन उन्हें सहारा देकर सीढ़ियों से ऊपर-नीचे ले जाने को मजबूर होते हैं।
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एंबुलेंस को सिटी स्कैन सेंटर के बाहर खड़ा किया जा रहा
गायनी वार्ड तक एंबुलेंस पहुंचाने के लिए शेड का निर्माण इसलिए किया गया था ताकि मरीजों को सीधे वार्ड तक पहुंचाया जा सके लेकिन वर्तमान में एंबुलेंस को सिटी स्कैन सेंटर के बाहर खड़ा किया जा रहा है। इसके बाद गर्भवतियों को एंबुलेंस से उतरकर सीढ़ियों के रास्ते वार्ड तक जाना पड़ता है। डिलीवरी के लिए आने वाली कई महिलाएं ऐसी होती हैं जिन्हें चलने में भी परेशानी होती है। ऐसे में सीढ़ियों का रास्ता उनके लिए और मुश्किलें बढ़ा देता है।
वर्जन
अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में महिलाएं जांच और इलाज के लिए आती हैं। इसके बावजूद उनकी सुविधा को लेकर बरती जा रही लापरवाही समझ से परे है। यदि एंबुलेंस को गायनी वार्ड तक पहुंचाने की व्यवस्था सुचारु कर दी जाए तो गर्भवतियों और उनके परिजनों को काफी राहत मिल सकती है। -नरेश कुमार, तामीरदार

बाक्स
गायनी वार्ड तक एंबुलेंस ले जाने के लिए बनाए गए शेड के नीचे से एंबुलेंस ले जाने के निर्देश चालकों को दिए गए हैं। कई बार शेड के बाहर मरीजों के परिजनों की ओर से वाहन खड़े कर दिए जाते हैं जिससे एंबुलेंस का रास्ता बाधित हो जाता है। रास्ता खाली रखने के लिए जल्द ही एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाएगी, ताकि एंबुलेंस आसानी से गायनी वार्ड तक पहुंच सके। -डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।
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