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Jind News: ब्राह्मण धर्मशाला उचाना में मासिक हवन-सत्संग हुआ
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31जेएनडी26-मासिक हवन में पूर्णाहुति देते हुए बीईओ ओमप्रकाश आर्य, सुरेश। स्रोत शहरवासी
उचाना। ब्राह्मण धर्मशाला उचाना में रविवार को मासिक हवन एवं सत्संग हुआ। इसमें मुख्य यजमान उचाना खंड शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश आर्य एवं उनकी धर्मपत्नी सुरेखा ने पूर्णाहुति डाली। उन्होंने कहा कि नश्वर संसार में प्रत्येक व्यक्ति रंगमंच पर अपनी-अपनी भूमिका निभा रहा है। जिसकी भूमिका सकारात्मक होती है, जो लोगों को राह दिखाती है और एक-दूसरे के दुख-सुख में सहभागी बनती है वह समाज का हीरो कहलाता है।
इसके विपरीत जो व्यक्ति नकारात्मक भूमिका निभाता है और देश-धर्म का विरोध करता है, वह खलनायक की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि हवन और भजन का मेल वास्तव में अविस्मरणीय है।
ऐसे कार्यक्रम, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग एक साथ बैठकर ज्ञानवर्धक बातें सुनते हैं, समाज को दिशा देने वाले होते हैं। इसलिए उन्होंने आयोजन मंडल से इस कार्यक्रम को मासिक के स्थान पर साप्ताहिक करने का आह्वान किया।
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अपनी बुआ सुखदेई पालवां की स्मृति में उन्होंने 5100 रुपये धर्मशाला में दान दिए। यज्ञ शास्त्री के रूप में सुनील दत्त तारखा ने मंत्रोच्चारण सहित भजन गायन किया। भजन उपदेशक के रूप में चंद्रपाल और कर्मचंद ने भजन गाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर किया।
मौके पर मा. रामप्रसाद, पं. देशराज, बलवंत, सुनील, डॉ. जगबीर दूहन, सुरेश चौहान, सुबेर सिंह, पवन आढ़ती, कृष्ण खटकड़, सुरेश, दिनेश, सुषमा, गार्गी, कोमल व अन्य मौजूद रहे। संवाद
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इसके विपरीत जो व्यक्ति नकारात्मक भूमिका निभाता है और देश-धर्म का विरोध करता है, वह खलनायक की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि हवन और भजन का मेल वास्तव में अविस्मरणीय है।
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ऐसे कार्यक्रम, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग एक साथ बैठकर ज्ञानवर्धक बातें सुनते हैं, समाज को दिशा देने वाले होते हैं। इसलिए उन्होंने आयोजन मंडल से इस कार्यक्रम को मासिक के स्थान पर साप्ताहिक करने का आह्वान किया।
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अपनी बुआ सुखदेई पालवां की स्मृति में उन्होंने 5100 रुपये धर्मशाला में दान दिए। यज्ञ शास्त्री के रूप में सुनील दत्त तारखा ने मंत्रोच्चारण सहित भजन गायन किया। भजन उपदेशक के रूप में चंद्रपाल और कर्मचंद ने भजन गाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर किया।
मौके पर मा. रामप्रसाद, पं. देशराज, बलवंत, सुनील, डॉ. जगबीर दूहन, सुरेश चौहान, सुबेर सिंह, पवन आढ़ती, कृष्ण खटकड़, सुरेश, दिनेश, सुषमा, गार्गी, कोमल व अन्य मौजूद रहे। संवाद