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Jind News: कक्षाओं पर लटके तालों को लेकर कुलपति को सौंपा ज्ञापन
Wed, 07 Jan 2026 12:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 07 Jan 2026 12:25 AM IST
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06जेएनडी12: किसान छात्र एकता संगठन के सदस्य कुलपति राम पाल सैनी को ज्ञापन साैंपते हुए। स्रोत सं
- फोटो : 1
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था की बदहाली को लेकर मंगलवार को किसान छात्र एकता संगठन ने रोष व्यक्त किया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुमित लाठर के नेतृत्व में छात्रों ने कुलपति प्रो. डॉ. रणपाल सैनी को ज्ञापन सौंपकर नियमित कक्षाएं संचालित करने की मांग की।
उन्होंने बताया कि अकादमिक कैलेंडर के अनुसार कक्षाएं प्रारंभ हो चुकी हैं। इसके बावजूद जब छात्र नियमित रूप से पढ़ाई करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय पहुंचते हैं तो उन्हें कक्षाओं के बाहर ताले लगे हुए मिलते हैं। इस स्थिति के कारण विद्यार्थियों को मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान और शैक्षणिक पिछड़ापन झेलना पड़ रहा है।
छात्र ठंड के मौसम में किराया खर्च कर दूरदराज के गांवों और शहरों से विश्वविद्यालय आते हैं लेकिन कक्षाएं न लगने से उनका समय और मेहनत व्यर्थ चली जाती है। छात्र नेता नवरत्न माथुर ने बताया की आंतरिक मूल्यांकन के अंकों को लेकर छात्रों पर निरंतर दबाव बनाया जाता है, उपस्थिति और असाइनमेंट के नाम पर नियमों की सख्ती दिखाई जाती है, लेकिन जब शिक्षण कार्य और कक्षा संचालन की जिम्मेदारी निभाने की बारी आती है तो संबंधित विभागों एवं अधिकारियों की ओर से घोर लापरवाही देखने को मिलती है। संगठन ने कुलपति से मांग की है कि विश्वविद्यालय में सभी विभागों की कक्षाएं नियमित रूप से संचालित करवाई जाएं, कक्षा बंद रखने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
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उन्होंने बताया कि अकादमिक कैलेंडर के अनुसार कक्षाएं प्रारंभ हो चुकी हैं। इसके बावजूद जब छात्र नियमित रूप से पढ़ाई करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय पहुंचते हैं तो उन्हें कक्षाओं के बाहर ताले लगे हुए मिलते हैं। इस स्थिति के कारण विद्यार्थियों को मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान और शैक्षणिक पिछड़ापन झेलना पड़ रहा है।
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छात्र ठंड के मौसम में किराया खर्च कर दूरदराज के गांवों और शहरों से विश्वविद्यालय आते हैं लेकिन कक्षाएं न लगने से उनका समय और मेहनत व्यर्थ चली जाती है। छात्र नेता नवरत्न माथुर ने बताया की आंतरिक मूल्यांकन के अंकों को लेकर छात्रों पर निरंतर दबाव बनाया जाता है, उपस्थिति और असाइनमेंट के नाम पर नियमों की सख्ती दिखाई जाती है, लेकिन जब शिक्षण कार्य और कक्षा संचालन की जिम्मेदारी निभाने की बारी आती है तो संबंधित विभागों एवं अधिकारियों की ओर से घोर लापरवाही देखने को मिलती है। संगठन ने कुलपति से मांग की है कि विश्वविद्यालय में सभी विभागों की कक्षाएं नियमित रूप से संचालित करवाई जाएं, कक्षा बंद रखने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
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