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धू-धू कर जला दशानन का 47 फुट का पुतला
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अर्जुन स्टेडियम में जलाए गए रावण व मेघनाद के पुतले।
- फोटो : Jind
जींद/ नरवाना। शहर के अर्जुन स्टेडियम में दो वर्ष बाद रावण परिवार के पुतलों का दहन हुआ। पिछले साल कोरोना के कारण कार्यक्रम नहीं हो सका था। 47 फुट का पुतला कड़ी सुरक्षा के बीच धू-धू कर जलाया गया। रावण व उसके परिवार के अहंकार के दहन को देखकर लोगों ने बुराई को मिटाने की सीख ली। इस दौरान पुलिस ने रानी तालाब से पास से वाहनों को डायवर्ट कर दिया, ताकि रावण दहन के दौरान भीड़ में किसी के साथ दुर्घटना नहीं घटे। इसमें मुख्यातिथि के तौर पर भाजपा नेता राजन चिल्लाना ने शिरकत की।
अर्जुन स्टेडियम में लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस के जवान तैनात रहे, ताकि कोई असामाजिक तत्व आपराधिक वारदात को अंजाम नहीं दे सके। इसके अलावा पुलिस ने शाम चार बजे ही रावण दहन की तैयारियों के समय रानी तालाब से लेकर एसडी स्कूल तक, गोहाना रोड पर बाल भवन के पास से रूट डायवर्ट कर दिया था। इसके अलावा शहर में लगभग 10 स्थानों पर नाके लगाकर सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाया।
उधर, नरवाना में रामलीला के दौरान पहले कुंभकरण को नींद से जगाना, राम-कुंभकरण युद्ध, लक्ष्मण-मेघनाद का मायावी युद्ध, मेघनाद का मरना, अहिरावण द्वारा राम-लक्ष्मण को पाताल लोक ले जाना, हनुमान का संकटमोचक बनना का मंचन किया गया। लक्ष्मण-मेघनाद मायावी युद्ध विशेष रहा। रामलीला कमेटी ने इस दृश्य के लिए स्पेशल इफेक्ट्स का प्रबंध किया था। मेघनाद ने आकाश मार्ग से प्रतिपक्ष को ललकारते हुए कहा कहँ कोसलीस द्वौ भ्राता, धंवी सकल लोक बिख्याता। कहं नल नील दुबिद सुग्रीवा, अंगद हनुमंत बल सींवा। लक्ष्मण बाण से प्रहार करके पहले मेघनाद की मायावी शक्ति और फिर प्राण हर लेते हैं। श्री रामा भारतीय कला केंद्र के प्रधान भारतभूषण गर्ग ने बताया कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रभु श्रीराम का राजतिलक किया। उन्होंने मंच पर सभी कलाकारों व पत्रकारों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। 60 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया।
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अर्जुन स्टेडियम में लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस के जवान तैनात रहे, ताकि कोई असामाजिक तत्व आपराधिक वारदात को अंजाम नहीं दे सके। इसके अलावा पुलिस ने शाम चार बजे ही रावण दहन की तैयारियों के समय रानी तालाब से लेकर एसडी स्कूल तक, गोहाना रोड पर बाल भवन के पास से रूट डायवर्ट कर दिया था। इसके अलावा शहर में लगभग 10 स्थानों पर नाके लगाकर सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाया।
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उधर, नरवाना में रामलीला के दौरान पहले कुंभकरण को नींद से जगाना, राम-कुंभकरण युद्ध, लक्ष्मण-मेघनाद का मायावी युद्ध, मेघनाद का मरना, अहिरावण द्वारा राम-लक्ष्मण को पाताल लोक ले जाना, हनुमान का संकटमोचक बनना का मंचन किया गया। लक्ष्मण-मेघनाद मायावी युद्ध विशेष रहा। रामलीला कमेटी ने इस दृश्य के लिए स्पेशल इफेक्ट्स का प्रबंध किया था। मेघनाद ने आकाश मार्ग से प्रतिपक्ष को ललकारते हुए कहा कहँ कोसलीस द्वौ भ्राता, धंवी सकल लोक बिख्याता। कहं नल नील दुबिद सुग्रीवा, अंगद हनुमंत बल सींवा। लक्ष्मण बाण से प्रहार करके पहले मेघनाद की मायावी शक्ति और फिर प्राण हर लेते हैं। श्री रामा भारतीय कला केंद्र के प्रधान भारतभूषण गर्ग ने बताया कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रभु श्रीराम का राजतिलक किया। उन्होंने मंच पर सभी कलाकारों व पत्रकारों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। 60 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया।
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