{"_id":"5bc23c1ebdec22693e5a30e9","slug":"91539456030-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेन समाचार कुरूक्षेत्र की 4","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेन समाचार कुरूक्षेत्र की 4
Updated Sun, 14 Oct 2018 12:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पहले की सरकारों के पास भी था तीर्थस्थलों के बजट, पर लगाए टांका : मुख्यमंत्री
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को कुरुक्षेत्र की 48 कोस की परिधि में आने वाले जींद जिला के नौ धार्मिक स्थलों का दौरान किया। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र, पानीपत, जींद, कैथल व करनाल पांच जिलों में यह धार्मिक स्थल हैं। सरकार ने इनके जीर्णोद्धार के लिए मिशन शुरू किया है। इसी कड़ी में शनिवार को जींद के नौ धार्मिक स्थलों का दौरा किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के इस प्रयास से क्षेत्र में पर्यटन बढ़ेगा और इससे लोगों को रोजगार भी मिलेगा। आसन गांव में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के पास विकास के लिए बजट की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि बजट पहले की सरकारों के पास भी था, लेकिन सरकार के लोग इसमें टांका लगाते थे, इसके चलते विकास की पूरी राशि विकास पर खर्च नहीं हो पाती थी।
मुख्यमंत्री की यात्रा आसन गांव स्थित अश्वनी कुमार तीर्थ से शुरू हुई और इसके बाद वे बराह गांव स्थित वराह तीर्थ, पांडू पिंडारा गांव स्थित सोम तीर्थ, जींद शहर के सफीदों गेट स्थित भूतेश्वर तीर्थ, बरसोला गांव स्थित वंश मुलक तीर्थ, ईक्कस गांव स्थित ढुंढू तीर्थ, रामराय गांव स्थित सन्निहित तीर्थ और इसके बाद पोंकरी खेड़ी स्थित पुष्कर तीर्थ पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतवर्ष आध्यात्मिक महत्व व तीर्थ स्थलों का देश है। कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को लड़ाई के साथ-साथ गीता की पढ़ाई का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र की 48 कोस की परिधि में पड़ने वाले तीर्थ स्थलों के जीर्णोद्धार से गीता महोत्सव के दौरान तो बाहर से आने वाले श्रद्धालु इन तीर्थ स्थलों का दौरा तो करेंगे ही साथ ही स्थानीय लोगों के लिए छोटे मोटे रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को कुरुक्षेत्र की 48 कोस की परिधि में आने वाले जींद जिला के नौ धार्मिक स्थलों का दौरान किया। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र, पानीपत, जींद, कैथल व करनाल पांच जिलों में यह धार्मिक स्थल हैं। सरकार ने इनके जीर्णोद्धार के लिए मिशन शुरू किया है। इसी कड़ी में शनिवार को जींद के नौ धार्मिक स्थलों का दौरा किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के इस प्रयास से क्षेत्र में पर्यटन बढ़ेगा और इससे लोगों को रोजगार भी मिलेगा। आसन गांव में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के पास विकास के लिए बजट की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि बजट पहले की सरकारों के पास भी था, लेकिन सरकार के लोग इसमें टांका लगाते थे, इसके चलते विकास की पूरी राशि विकास पर खर्च नहीं हो पाती थी।
मुख्यमंत्री की यात्रा आसन गांव स्थित अश्वनी कुमार तीर्थ से शुरू हुई और इसके बाद वे बराह गांव स्थित वराह तीर्थ, पांडू पिंडारा गांव स्थित सोम तीर्थ, जींद शहर के सफीदों गेट स्थित भूतेश्वर तीर्थ, बरसोला गांव स्थित वंश मुलक तीर्थ, ईक्कस गांव स्थित ढुंढू तीर्थ, रामराय गांव स्थित सन्निहित तीर्थ और इसके बाद पोंकरी खेड़ी स्थित पुष्कर तीर्थ पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतवर्ष आध्यात्मिक महत्व व तीर्थ स्थलों का देश है। कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को लड़ाई के साथ-साथ गीता की पढ़ाई का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र की 48 कोस की परिधि में पड़ने वाले तीर्थ स्थलों के जीर्णोद्धार से गीता महोत्सव के दौरान तो बाहर से आने वाले श्रद्धालु इन तीर्थ स्थलों का दौरा तो करेंगे ही साथ ही स्थानीय लोगों के लिए छोटे मोटे रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
विज्ञापन