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शारीरिक योग किया, मानसिक विकृतियों की छोड़ दी निशानी
Updated Sat, 23 Jun 2018 12:59 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। रोहतक रोड स्थित नई अनाज मंडी में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में अधिकारियों ने शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बड़ी बड़ी बातें तो की, लेकिन कार्यक्रम लोगों की मानसिक विकृतियों का प्रमाण दे गया। इसका प्रमाण कार्यक्रम के एक दिन बाद भी नई अनाज मंडी में प्रशासन को मुंह चिढ़ा रहा है। दरअसल साधकों को दूध की बोतलें प्रशासन द्वारा बांटी गईं, लेकिन कार्यक्रम के बाद खाली बोतलों को उठाने की जहमत न तो साधकों ने उठाई और न ही प्रशासन ने। आलम यह है कि कार्यक्रम के एक दिन बाद भी मंडी में कांच की बोतलें बिखरी पड़ी हैं। वाहन चलने के कारण कुछ जगह बोतलें टूट गई हैं और इनका कांच अब लोगों के लिए खतरा बना हुआ है।
योग दिवस के मौके पर प्रशासन ने रिफ्रेशमेंट बांटने के लिए स्काउट्स की ड्यूटी लगाई थी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यहां से खाली बोतलें हटाने का जिम्मेदारी तय ही नहीं की गई। हालांकि कार्यक्रम अनाज मंडी में हुआ तो यहां सफाई का जिम्मा मार्केटिंग बोर्ड का बनता है, लेकिन आजकल फसल का सीजन नहीं होने के कारण मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारी यहां ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसका खामियाजा आढ़तियों को और यहां सुबह-शाम सैर करने आने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
आसपास में पार्क की व्यवस्था नहीं होने के कारण सुबह घूमने के लिए मंडी में आता हूं। वीरवार को योग दिवस में काफी अच्छा लगा था। नेता व अधिकारी बड़ी-बड़ी बातें कर रहे थे, लेकिन शुक्रवार को आकर देखा तो यहां बहुत ही बुरा हाल है। तुरंत सफाई होनी चाहिए।
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-कर्मबीर।
मैं यहां स्कूटर सीखने के लिए आती हूं, शुक्रवार सुबह आई तो मंडी का नक्शा ही बदला मिला। काफी कांच बिखरा पड़ा है। इससे काफी परेशानी हुई। कार्यक्रम सुबह नौ-दस बजे समाप्त हो गया था। इसके बाद सफाई की जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
-प्रीति।
करवा देंगे सफाई
अभी कोई मंडी का सीजन नहीं है, कूड़ा आराम से उठ जाएगा, क्या जल्दी है। यह काम नगर परिषद को करना चाहिए। उनका काम है।
-पवन चोपड़ा, सचिव, मार्केट कमेटी।
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जींद। रोहतक रोड स्थित नई अनाज मंडी में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में अधिकारियों ने शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बड़ी बड़ी बातें तो की, लेकिन कार्यक्रम लोगों की मानसिक विकृतियों का प्रमाण दे गया। इसका प्रमाण कार्यक्रम के एक दिन बाद भी नई अनाज मंडी में प्रशासन को मुंह चिढ़ा रहा है। दरअसल साधकों को दूध की बोतलें प्रशासन द्वारा बांटी गईं, लेकिन कार्यक्रम के बाद खाली बोतलों को उठाने की जहमत न तो साधकों ने उठाई और न ही प्रशासन ने। आलम यह है कि कार्यक्रम के एक दिन बाद भी मंडी में कांच की बोतलें बिखरी पड़ी हैं। वाहन चलने के कारण कुछ जगह बोतलें टूट गई हैं और इनका कांच अब लोगों के लिए खतरा बना हुआ है।
योग दिवस के मौके पर प्रशासन ने रिफ्रेशमेंट बांटने के लिए स्काउट्स की ड्यूटी लगाई थी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यहां से खाली बोतलें हटाने का जिम्मेदारी तय ही नहीं की गई। हालांकि कार्यक्रम अनाज मंडी में हुआ तो यहां सफाई का जिम्मा मार्केटिंग बोर्ड का बनता है, लेकिन आजकल फसल का सीजन नहीं होने के कारण मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारी यहां ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसका खामियाजा आढ़तियों को और यहां सुबह-शाम सैर करने आने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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आसपास में पार्क की व्यवस्था नहीं होने के कारण सुबह घूमने के लिए मंडी में आता हूं। वीरवार को योग दिवस में काफी अच्छा लगा था। नेता व अधिकारी बड़ी-बड़ी बातें कर रहे थे, लेकिन शुक्रवार को आकर देखा तो यहां बहुत ही बुरा हाल है। तुरंत सफाई होनी चाहिए।
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-कर्मबीर।
मैं यहां स्कूटर सीखने के लिए आती हूं, शुक्रवार सुबह आई तो मंडी का नक्शा ही बदला मिला। काफी कांच बिखरा पड़ा है। इससे काफी परेशानी हुई। कार्यक्रम सुबह नौ-दस बजे समाप्त हो गया था। इसके बाद सफाई की जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
-प्रीति।
करवा देंगे सफाई
अभी कोई मंडी का सीजन नहीं है, कूड़ा आराम से उठ जाएगा, क्या जल्दी है। यह काम नगर परिषद को करना चाहिए। उनका काम है।
-पवन चोपड़ा, सचिव, मार्केट कमेटी।