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कॉलेजों में दाखिले के लिए उमड़ी भीड़

Sat, 08 Jul 2017 12:39 AM IST
Updated Sat, 08 Jul 2017 12:39 AM IST
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कॉलेजों में दाखिले के लिए उमड़ी भीड़

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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
कॉलेजों में पहली कट ऑफ लिस्ट लगने के बाद शुक्रवार को दिनभर कॉलेजों में दाखिले के लिए भारी भीड़ उमड़ी। राजकीय कॉलेज और राजकीय महिला कॉलेज में दाखिले के लिए आए विद्यार्थियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान कॉलेज प्रशासन भी परेशानी में नजर आया। दूसरी कट ऑफ लिस्ट 11 जुलाई को लगनी है। चालान भरने की तारीख शिक्षा विभाग ने 10 जुलाई रखी थी लेकिन अब चालान कटवाने की अंतिम तिथि नौ जुलाई कर दी गई है। इससे भी विद्यार्थियों में काफी नाराजगी है। कॉलेज में पहली कट ऑफ लिस्ट लगने के बाद शुक्रवार का दाखिले के लिए पहुंचे विद्यार्थियों ने बताया कि कम नंबर आने वाले विद्यार्थियों का तो लिस्ट में नाम है। जिनका 92.4 प्रतिशत अंक हैं, उनका लिस्ट में नाम तक नहीं है। यही जिन विद्यार्थियों का दाखिला सही हो रहा है, उनका चालान 150 रुपये ज्यादा भेजा गया है। इससे विद्यार्थियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। विद्यार्थियों ने कहा कि जब इसकी शिकायत कॉलेज प्राचार्या से की तो उन्होंने ने भी हाथ खड़े कर दिए और कहा कि हम विभाग को फोन व ई-मेल से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन विभाग की ओर से भी कोई जवाब नहीं मिल रहा है। विभाग द्वारा जल्द कुछ न कुछ हल जरूर निकालेंगे। यह सुनकर विद्यार्थियों की परेशानी ओर भी बढ़ गई।

ये है दाखिले की प्रक्रिया
विद्यार्थी कॉलेज आईडी प्रूफ साथ लेकर जाएं। इसमें आधार कार्ड और इनकम सर्टिफिकेट, प्रिंट फार्म दी गई सूचना के अनुसार आईडी प्रूफ रखें। कॉलेज में आने के बाद अलग-अलग विषयों की तीन जांच कमेटी डॉक्यूमेंट की जांच कर विद्यार्थी को चालान देगी। चालान की अंतिम तिथि नौ जुलाई है, लेकिन दो दिन की छुट्टियां होने की वजह से चालान कॉलेजों में ही कटेंगे। बाद में आए हुए चालानों को कॉलेज बैंकों में जमा करा देंगे।
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85.4 प्रतिशत के बाद नहीं आया नंबर
मेरिट सूची में काफी खामियां है। 85.4 प्रतिशत अंक के साथ बीकॉम आनर्स में दाखिले के लिए आवेदन किया था, लेकिन मेरिट सूची देखी तो उसमें नाम ही नहीं मिला। अब प्राध्यापकों के यहां सुबह से ही चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई हुई। अध्यापक कह रहे हैं कि ऊपर से तकनीकी खामियां हैं। यह हमारी बस में नहीं। -मानसी, छात्रा।
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92.4 प्रतिशत के बाद भी नाम नहीं
बीएससी नॉन मेडिकल में 92.4 प्रतिशत अंक के साथ आवेदन किया था, लेकिन वीरवार को लगी पहली कट ऑफ लिस्ट में नाम नहीं होने से काफी हैरानी हुई। जबकि कम नंबर आने वाले विद्यार्थी का नंबर आया है। इससे काफी परेशानी हुई। यहां के प्राचार्या से से बात की तो उन्होंने कहा कि दूसरी कट ऑफ लिस्ट में नंबर आ जाएगा। -अक्षिता, छात्रा।

150 रुपये ज्यादा का भेज दिया चालान
मेरिट सूची में नंबर सही मिला तो चालान 150 रुपये ज्यादा भेज दिया। अध्यापक भी कुछ भी नहीं बता पा रहे। सुबह से ही कॉलेज में चक्कर काटकर परेशान हो गई हूं। चालान कटवाने की भी अंतिम तिथि को घटाकर नौ जुलाई कर दिया गया है। वही अध्यापक कह रहे है कि विभाग को आपकी शिकायत ई-मेल कर दी गई है। जल्द ही समाधान कर दिया जाएगा। इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। -तनु, छात्रा


आ रही काफी शिकायतें, नहीं मिल रहा जवाब
पहली मेरिट लिस्ट लगने के बाद छात्राओं की काफी शिकायतें आ रही हैं। ज्यादातर शिकायतें कम नंबर वाले के लिस्ट में नाम और ज्यादा नंबर वाले के लिस्ट में नाम न होने की है। ऐसी शिकायतों को हमने ई-मेल के माध्यम से विभाग को भेज दिया है, लेकिन विभाग की ओर से भी कोई जवाब नहीं मिला। हर 15 मिनट के बाद फोन पर संपर्क करने का प्रयास कर रही हूं, लेकिन जवाब नहीं मिल रहा। इससे पूरे कॉलेज प्रशासन को भी काफी परेशानी हो रही है। -राजेश्वरी कौशिक, प्राचार्या महिला कॉलेज जींद
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