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नौ कॉलोनियों को नियमित करने की सरकार से मंजूरी
Updated Wed, 05 Jul 2017 12:21 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
शहर की नौ अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब उनकी कॉलोनी में भी विकास कार्य शुरू हो पाएंगे। प्रदेश सरकार ने नौ कॉलोनियों को वैध करने को स्वीकृति दे दी है, अब इसकी औपचारिकताएं की जा रही हैं। गौरतलब है कि फिलहाल शहर में 67 कॉलोनी नियमित हैं।
पहले जींद शहर की सिर्फ सात कॉलोनियां ही अप्रूव्ड थी। इसके बाद पिछली सरकार के समय 60 और कॉलोनियां नियमित की गई। इसके बाद शहर में विकास का रास्ता खुला, लेकिन शहर की 20 कॉलोनियां फिर भी अवैध रह गई। हालांकि इन कॉलोनियों में काफी संख्या में लोग रह रहे हैं, लेकिन कॉलोनी अवैध होने के कारण यहां विकास कार्य नहीं हो पा रहे थे। इस पर प्रशासन ने करीब छह महीने पहले शहर की 10 कॉलोनियों को नियमित करने का प्रस्ताव सरकार के पास भेजा था। इसमें सरकार ने 10 में से नौ कॉलोनियों को नियमित करने को मंजूरी दे दी। सिर्फ श्याम नगर एक्सटेंशन को नियमित करने की मंजूरी नहीं मिल पाई है।
इन कॉलोनियों को मिली मंजूरी
1.एंपलाइज कॉलोनी, गोहाना रोड, रोहतक बाईपास
2. भारत नगर-1
3. भारत नगर-2
4. धागा मिल कॉलोनी
5.जोगेंद्र नगर एक्सटेशन-1
6. जोगेंद्र नगर एक्सटेंशन-2
7. श्योराण कॉलोनी
8.विजय नगर एक्सटेंशन
9. न्यू कृष्णा कॉलोनी
मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे लोग
कहने को इन कॉलोनियों में रहने वाले लोग शहर में रह रहे हैं लेकिन अवैध कॉलोनी होने के कारण यहां मूलभूत सुविधाओं की दरकार है। अधिकतर कॉलोनियों में पिछले 10-15 साल से लोग रह रहे हैं, इसके बावजूद यहां न तो पेयजल की व्यवस्था है और ही बिजली की। सीवरेज लाइन भी नहीं डाली जा सकी हैं। पेयजल के लिए जहां लोग सबमर्सिबल का सहारा लिए हैं, वहीं बिजली की तार दूर से ला रहे हैं। इससे हादसों का डर भी रहता है। कॉलोनियों में लकड़ी की बल्लियों के सहारे बिजली आपूर्ति हो रही है।
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सस्ते के चक्कर में विकसित होती हैं कॉलोनी
हालांकि जिस समय लोग यहां आबाद होते हैं, उनको भी कॉलोनी अवैध होने का पता होता है। यहां जमीन सस्ती होने के कारण एकाएक अधिक संख्या में लोग मकान बना लेते हैं। इसके बाद यह प्रशासन के लिए गले की फांस बन जाता है।
वोट का अधिकार, सुविधाओं का नहीं
हालांकि अवैध कॉलोनी पूरी तरह प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम हैं। प्रशासन की जानकारी में होते हुए यहां कॉलोनी विकसित होती हैं। हैरानी की बात है कि इन कॉलोनियों में रहने वाले लोग शहर की सरकार को चुनने का तो अधिकार रखते हैं, लेकिन प्रशासन यहां विकास कार्य नहीं करवाता।
औपचारिकता बाकी, होंगे विकास कार्य
इन सभी नौ कॉलोनियों को सरकार ने नियमित करने की मंजूरी दे दी है। अब इसकी औपचारिकताएं चल रही हैं। यह पूरी होते ही सरकार नोटिफिकेशन करेगी। इसके बाद यहां सभी आधारभूत सुविधाएं मुहैया करवाने की प्रक्रिया शुरू होगी। -पूनम सैनी, चेयरपर्सन, नगरपरिषद।
होंगे विकास कार्य
कॉलोनी नियमित होने पर विकास कार्यों में तेजी आएगी। इससे कॉलोनी की सभी गलियां पक्की होगी। नियमित होने पर कॉलोनी वासी काफी खुश हैं। -नसीब, श्योराण कॉलोनी निवासी।
मिलेगी मूलभूत सुविधा
कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं को अभाव है। अगर कॉलोनी नियमित होने से मूलभूत सुविधाएं मिल पाएगी। अब तक कॉलोनी की गलियां कच्ची पड़ी है। वह भी जल्द ही पक्की होने की संभावना है। -आनंद, एंपलायज कॉलोनी निवासी।
नौ कॉलोनियों को नियमित करने की सरकार से मंजूरी
अवैध कॉलोनियों में विकास की राह आसान, अब औपचारिकताएं बाकी, आधारभूत सुविधाओं को भी तरस रहे हैं लोग
जींद।
शहर की नौ अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब उनकी कॉलोनी में भी विकास कार्य शुरू हो पाएंगे। प्रदेश सरकार ने नौ कॉलोनियों को वैध करने को स्वीकृति दे दी है, अब इसकी औपचारिकताएं की जा रही हैं। गौरतलब है कि फिलहाल शहर में 67 कॉलोनी नियमित हैं।
पहले जींद शहर की सिर्फ सात कॉलोनियां ही अप्रूव्ड थी। इसके बाद पिछली सरकार के समय 60 और कॉलोनियां नियमित की गई। इसके बाद शहर में विकास का रास्ता खुला, लेकिन शहर की 20 कॉलोनियां फिर भी अवैध रह गई। हालांकि इन कॉलोनियों में काफी संख्या में लोग रह रहे हैं, लेकिन कॉलोनी अवैध होने के कारण यहां विकास कार्य नहीं हो पा रहे थे। इस पर प्रशासन ने करीब छह महीने पहले शहर की 10 कॉलोनियों को नियमित करने का प्रस्ताव सरकार के पास भेजा था। इसमें सरकार ने 10 में से नौ कॉलोनियों को नियमित करने को मंजूरी दे दी। सिर्फ श्याम नगर एक्सटेंशन को नियमित करने की मंजूरी नहीं मिल पाई है।
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इन कॉलोनियों को मिली मंजूरी
1.एंपलाइज कॉलोनी, गोहाना रोड, रोहतक बाईपास
2. भारत नगर-1
3. भारत नगर-2
4. धागा मिल कॉलोनी
5.जोगेंद्र नगर एक्सटेशन-1
6. जोगेंद्र नगर एक्सटेंशन-2
7. श्योराण कॉलोनी
8.विजय नगर एक्सटेंशन
9. न्यू कृष्णा कॉलोनी
मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे लोग
कहने को इन कॉलोनियों में रहने वाले लोग शहर में रह रहे हैं लेकिन अवैध कॉलोनी होने के कारण यहां मूलभूत सुविधाओं की दरकार है। अधिकतर कॉलोनियों में पिछले 10-15 साल से लोग रह रहे हैं, इसके बावजूद यहां न तो पेयजल की व्यवस्था है और ही बिजली की। सीवरेज लाइन भी नहीं डाली जा सकी हैं। पेयजल के लिए जहां लोग सबमर्सिबल का सहारा लिए हैं, वहीं बिजली की तार दूर से ला रहे हैं। इससे हादसों का डर भी रहता है। कॉलोनियों में लकड़ी की बल्लियों के सहारे बिजली आपूर्ति हो रही है।
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सस्ते के चक्कर में विकसित होती हैं कॉलोनी
हालांकि जिस समय लोग यहां आबाद होते हैं, उनको भी कॉलोनी अवैध होने का पता होता है। यहां जमीन सस्ती होने के कारण एकाएक अधिक संख्या में लोग मकान बना लेते हैं। इसके बाद यह प्रशासन के लिए गले की फांस बन जाता है।
वोट का अधिकार, सुविधाओं का नहीं
हालांकि अवैध कॉलोनी पूरी तरह प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम हैं। प्रशासन की जानकारी में होते हुए यहां कॉलोनी विकसित होती हैं। हैरानी की बात है कि इन कॉलोनियों में रहने वाले लोग शहर की सरकार को चुनने का तो अधिकार रखते हैं, लेकिन प्रशासन यहां विकास कार्य नहीं करवाता।
औपचारिकता बाकी, होंगे विकास कार्य
इन सभी नौ कॉलोनियों को सरकार ने नियमित करने की मंजूरी दे दी है। अब इसकी औपचारिकताएं चल रही हैं। यह पूरी होते ही सरकार नोटिफिकेशन करेगी। इसके बाद यहां सभी आधारभूत सुविधाएं मुहैया करवाने की प्रक्रिया शुरू होगी। -पूनम सैनी, चेयरपर्सन, नगरपरिषद।
होंगे विकास कार्य
कॉलोनी नियमित होने पर विकास कार्यों में तेजी आएगी। इससे कॉलोनी की सभी गलियां पक्की होगी। नियमित होने पर कॉलोनी वासी काफी खुश हैं। -नसीब, श्योराण कॉलोनी निवासी।
मिलेगी मूलभूत सुविधा
कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं को अभाव है। अगर कॉलोनी नियमित होने से मूलभूत सुविधाएं मिल पाएगी। अब तक कॉलोनी की गलियां कच्ची पड़ी है। वह भी जल्द ही पक्की होने की संभावना है। -आनंद, एंपलायज कॉलोनी निवासी।
नौ कॉलोनियों को नियमित करने की सरकार से मंजूरी
अवैध कॉलोनियों में विकास की राह आसान, अब औपचारिकताएं बाकी, आधारभूत सुविधाओं को भी तरस रहे हैं लोग