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चौथे दिन सरकार ने मानीं आढ़ती एसोसिएशन की मांगें, हड़ताल समाप्त
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जींद। चार दिन से जिले भर की मंडियों में चल रही हड़ताल शनिवार को समाप्त हो गई है। अब उम्मीद है कि मंडी में आने वाले गेहूं की खरीद शुरू होगी। फिलहाल मंडियों में आने वाली गेहूं में नमी की मात्रा ज्यादा होने के कारण जिले की किसी भी मंडी में गेहूं की खरीद शुरू नहीं हो पाई है। सोमवार तक उम्मीद है कि मंडी में आने वाले गेहूं को खरीद लिया जाएगा। जींद अनाज मंडी एसोसिएशन के प्रधान कृष्ण गर्ग ने यह जानकारी दी। यह हड़ताल जींद, नरवाना, उचाना, जुलाना, सफीदों और पिल्लुखेड़ा की मंडियों में चल रही थी।
प्रधान कृष्ण कुमार गर्ग ने कहा कि सरकार द्वारा शुरू की गई ई-खरीद प्रणाली से किसानों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे सरकार किसान से निर्धारित आठ घंटे ही फसल खरीद का कार्य करती, जबकि आढ़ती किसान से 24 घंटे फसल खरीदने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ई-खरीद प्रणाली को लागू करने के फैसले को वापस लिया है और बीसीपीए को दोबारा से लागू करवाने की बात पर सहमति बनी है।
क्या कहते हैं मंडी एसोसिएशन के उपप्रधान
मंडी एसोसिएशन के उपप्रधान जयभगवान ढांडा ने कहा कि सरकार ई खरीद के नाम पर प्रदेश भर में लाखों मजदूर, व्यापारी व मुनीमों के रोजगार को खत्म होने से बचाया है। उन्होंने कहा कि आढ़ती और किसान का दिन रात का व्यवहार है। ढांडा ने कहा कि मंडी सरसों और कपास की खरीद कार्य को शुरू कर दिया है। हालांकि नमी होने के कारण गेहूं की खरीद शुरू नहीं की गई। मंडी में किसानों को गेहूं डालने के लिए व्यापारियों की तरफ से सभी सुविधाएं दी जा रही हैं।
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विधायक ने धरनास्थल पर आढ़तियों का किया समर्थन
विधायक परमेंद्र सिंह ढुल ने शनिवार को जींद की अनाज मंडी में धरना दे रहे व्यापारियों के मध्य जाकर प्रदेश सरकार से किसानों की सुविधा के लिए व्यापारियों की सभी मांगों को माने जाने के लिए व्यापारियों को समर्थन दिया था। उन्होंने कहा कि सरकार के पास ई-खरीद के लिए किसी प्रकार की सुविधा न होने के कारण इससे किसानों की परेशानी बहुत ज्यादा होगी। उन्होंने सरकार को चेताया था कि अगर व्यापारियों की सभी मांगें नहीं मानी गई तो इनेलो व्यापारियों के साथ खड़े होकर बड़ा आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगी।
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प्रधान कृष्ण कुमार गर्ग ने कहा कि सरकार द्वारा शुरू की गई ई-खरीद प्रणाली से किसानों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे सरकार किसान से निर्धारित आठ घंटे ही फसल खरीद का कार्य करती, जबकि आढ़ती किसान से 24 घंटे फसल खरीदने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ई-खरीद प्रणाली को लागू करने के फैसले को वापस लिया है और बीसीपीए को दोबारा से लागू करवाने की बात पर सहमति बनी है।
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क्या कहते हैं मंडी एसोसिएशन के उपप्रधान
मंडी एसोसिएशन के उपप्रधान जयभगवान ढांडा ने कहा कि सरकार ई खरीद के नाम पर प्रदेश भर में लाखों मजदूर, व्यापारी व मुनीमों के रोजगार को खत्म होने से बचाया है। उन्होंने कहा कि आढ़ती और किसान का दिन रात का व्यवहार है। ढांडा ने कहा कि मंडी सरसों और कपास की खरीद कार्य को शुरू कर दिया है। हालांकि नमी होने के कारण गेहूं की खरीद शुरू नहीं की गई। मंडी में किसानों को गेहूं डालने के लिए व्यापारियों की तरफ से सभी सुविधाएं दी जा रही हैं।
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विधायक ने धरनास्थल पर आढ़तियों का किया समर्थन
विधायक परमेंद्र सिंह ढुल ने शनिवार को जींद की अनाज मंडी में धरना दे रहे व्यापारियों के मध्य जाकर प्रदेश सरकार से किसानों की सुविधा के लिए व्यापारियों की सभी मांगों को माने जाने के लिए व्यापारियों को समर्थन दिया था। उन्होंने कहा कि सरकार के पास ई-खरीद के लिए किसी प्रकार की सुविधा न होने के कारण इससे किसानों की परेशानी बहुत ज्यादा होगी। उन्होंने सरकार को चेताया था कि अगर व्यापारियों की सभी मांगें नहीं मानी गई तो इनेलो व्यापारियों के साथ खड़े होकर बड़ा आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगी।