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दालमवाला की बेटी विनीता भारद्वाज ने आस्ट्रेलिया में वर्ल्ड यूनिवर्सिटी में जीता गोल्ड
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दालमवाला की बेटी ने ऑस्ट्रेलिया में 10 मीटर शूटिंग में जीता गोल्ड
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। दालमवाला गांव की 22 वर्षीय विनीता भारद्वाज ने इसी साल जुलाई में होने वाली वर्ल्ड यूनिवर्सिटी शूटिंग चैंपियनशिप प्रतियोगिता के लिए अपना टिकट पक्का कर लिया है। यह प्रतियोगिता इटली में होगी। विनीता फिलहाल चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज में बीए ऑनर्स तृतीय वर्ष की छात्रा है। उनका चयन पिछले माह हुई तीन प्रतियोगिताओं के आधार पर किया गया है। विनीता के पिता एसके भारद्वाज सेना में कर्नल के पद पर मेरठ में तैनात हैं।
कर्नल एसके भारद्वाज ने बताया कि 21 जनवरी को ऑस्ट्रेलिया में आयोजित मिल्टन कप प्रतियोगिता में विनीता ने 628 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता। इसके बाद 25 जनवरी को जर्मनी में खेलते हुए विनीता ने एचएमएन प्रतियोगिता में 630.1 अंकों के साथ र्स्वण पदक जीता था। एक फरवरी को नीदरलैंड में हुई इंटर शूट प्रतियोगिता में कांस्य और रजत पदक जीता था। विनीता ने कांस्य पदक टीम के रूप में और रजत पदक व्यक्तिगत रूप से हासिल किया था। इसके आधार पर अब विनीता जुलाई में इटली में होने वाली वर्ल्ड यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप प्रतियोगिता में भाग लेंगी।
बराबर नहीं हैं विनीता के दोनों पैर
कर्नल एसके भारद्वाज ने बताया कि विनीता ने स्वर्ण जीतकर उसने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। बचपन से ही विनीता के दोनों पैर बराबर नहीं है। इसके चलते वह दो घंटे से अधिक समय खड़ी नहीं रह सकती। इसके बावजूद उन्होंने कड़ी मेहनत कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। पिछले साल पोलैंड में शूटिंग की हुई वर्ल्ड यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में उसने स्वर्ण पदक जीता था।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। दालमवाला गांव की 22 वर्षीय विनीता भारद्वाज ने इसी साल जुलाई में होने वाली वर्ल्ड यूनिवर्सिटी शूटिंग चैंपियनशिप प्रतियोगिता के लिए अपना टिकट पक्का कर लिया है। यह प्रतियोगिता इटली में होगी। विनीता फिलहाल चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज में बीए ऑनर्स तृतीय वर्ष की छात्रा है। उनका चयन पिछले माह हुई तीन प्रतियोगिताओं के आधार पर किया गया है। विनीता के पिता एसके भारद्वाज सेना में कर्नल के पद पर मेरठ में तैनात हैं।
कर्नल एसके भारद्वाज ने बताया कि 21 जनवरी को ऑस्ट्रेलिया में आयोजित मिल्टन कप प्रतियोगिता में विनीता ने 628 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता। इसके बाद 25 जनवरी को जर्मनी में खेलते हुए विनीता ने एचएमएन प्रतियोगिता में 630.1 अंकों के साथ र्स्वण पदक जीता था। एक फरवरी को नीदरलैंड में हुई इंटर शूट प्रतियोगिता में कांस्य और रजत पदक जीता था। विनीता ने कांस्य पदक टीम के रूप में और रजत पदक व्यक्तिगत रूप से हासिल किया था। इसके आधार पर अब विनीता जुलाई में इटली में होने वाली वर्ल्ड यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप प्रतियोगिता में भाग लेंगी।
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बराबर नहीं हैं विनीता के दोनों पैर
कर्नल एसके भारद्वाज ने बताया कि विनीता ने स्वर्ण जीतकर उसने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। बचपन से ही विनीता के दोनों पैर बराबर नहीं है। इसके चलते वह दो घंटे से अधिक समय खड़ी नहीं रह सकती। इसके बावजूद उन्होंने कड़ी मेहनत कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। पिछले साल पोलैंड में शूटिंग की हुई वर्ल्ड यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में उसने स्वर्ण पदक जीता था।
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